जयपुर 100 फीसदी वैक्सीनेशन से दूर राजस्थान ! चिकित्सा विभाग के लाख प्रयास के बावजूद नहीं बढ़ी रफ्तार; दो जिलों का शतप्रतिशत रिकॉर्ड

100 फीसदी वैक्सीनेशन से दूर राजस्थान ! चिकित्सा विभाग के लाख प्रयास के बावजूद नहीं बढ़ी रफ्तार; दो जिलों का शतप्रतिशत रिकॉर्ड

जयपुर: कोरोना की तीसरी लहर भले ही प्रदेश में दस्तक को है, बावजूद इसके आमजन सुरक्षा कवच यानी कोरोना वैक्सीनेशन के प्रति गंभीरता नहीं दिखा रहे है. जी हां ये कोई हमारा आरोप नहीं, बल्कि चिकित्सा विभाग की तरफ से जिलेवार वैक्सीनेशन के आंकड़ों की सच्चाई है. 

दरअसल, चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा ने 31 दिसम्बर तक शतप्रतिशत लोगों को पहली डोज लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें दो दिन शेष बचे हैं. विभाग की तरफ से इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए घर-घर दस्तक अभियान चलाया जा रहा है. इसके साथ ही विभागीय टीमें वैक्सीन नहीं लगवाने वालों की लाइन लिस्ट तैयार कर सम्पर्क कर रही है. लेकिन कोरोना वैक्सीनेशन का आंकड़ा 90 के ऊपर आने का नाम नहीं ले रहा है. 

हालांकि, कुछ जिलों ने काफी अच्छी परफोर्मेंस दी है. बूंदी और प्रतापगढ़ जिले तो ऐसे है, जहां तय लक्ष्य के मुकाबले शतप्रतिशत से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन किया गया है, जबकि पिछले रहने वाले जिलों में जालोर और भरतपुर का नाम है. इन जिलों में 80 फीसदी भी लोगों को पहली डोज नहीं लगी है. आईए आपको बताते है कि जिलों में वैक्सीनेशन की क्या है रिपोर्ट

WELL DONE प्रतापगढ़-बूंदी:-
- प्रदेश में कोविड वैक्सीनेशन में दो जिलों का शतप्रतिशत रिकॉर्ड
- बूंदी जिले में 101.2%, प्रतापगढ़ में 101.1% ने लगाई पहली डोज
- लक्ष्य के मुकाबले जयपुर प्रथम में 98..6, जयपुर द्वितीय में 97.2 %
- हनुमानगढ़ में 96.3% फीसदी लोगों ने लगाई कोविड की पहली डोज
- इसके अलावा सीकर 96.2 % ,चित्तौडगढ़95.5 % , झुंझुनूं 94.1 %  
- अजमेर 93.9% और कोटा 93.7 फीसदी मरीजों को लगी पहली डोज
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पहली डोज में ये जिले चल रहे पीछे:-
- कोविड वैक्सीनेशन में जालोर-भरतपुर को फोकस की जरूरत
- जालोर में सबसे कम 78.5 फीसदी लोगों ने लगाई पहली डोज
- इसके अलावा भरतपुर 79.5% , करौली 80.9% , दौसा 81.4% ,
- बाड़मेर 82 %, धौलपुर 82.1% ,डूंगरपुर 83.4%, पाली 84.1%
- सिरोही 84.1% सवाई माधोपुर 85% लोगों को ही लगी पहली डोज

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