पांच सालों में देशभर में बीमारियों का 'गढ' बनकर उभरा राजस्थान

Vikas Sharma Published Date 2019/01/01 06:48

जयपुर (विकास शर्मा)। मरूधरा इन दिनों मौसमी बीमारी की जद में है। चिंता इसलिए है, क्योंकि पिछले एक साल में बीमारियां मौत बनकर उभर रही है। फिर चाहे स्वाइन फ़्लू हो या डेंगू, हर बीमारी ने मौत के रूप में कहर बरपाया। भले ही चिकित्सा विभाग दावा कर रहा हो कि राजस्थान को बीमारू प्रदेश की स्थिति से बाहर ला दिया गया है, लेकिन सच्चाई ये है कि स्वाइन फ्लू, स्क्रबटाइफस और डेंगू ने पिछले एक साल में 262 लोगों की जान लील ली। स्वाइन फ्लू के मामले तो इतने सामने आए कि महाराष्ट्र के बाद सर्वाधिक हालात राजस्थान में खराब रहे। दिसम्बर की शुरूआत के साथ ही अब एकबार फिर स्वाइन फ्लू एक्टिव मोड में आ गया है, जिसके चलते चिकित्सा विभाग की नींद उड़ने लगी है।

पिछले पांच सालों का स्वाइन फ्लू का रिपोर्ट कार्ड देखें तो साल 2014 में 65 केस सामने आए, जिनमें से 34 की मौत हो गई। साल 2015 में 6859 केस सामने आए, जिनमें से 472 की मौत हो गई। इसी साल 2016 में 197 मामले सामने आए, जिनमें से 43 की मौत हो गई। 2017 में 3619 मामले सामने आए, जिनमें से 280 की मौत हो गई, तो साल 2018 में 2375 केस सामने आए, जिनमें से 221 की मौत हो गई।

देशभर में स्वाइन फ्लू की स्थिति की बात करें तो महाराष्ट में इस साल अब तक 2554 पॉजिटिव मरीज सामने आए, जिनमें से 428 लोगों की जान गई। दूसरे नंबर पर राजस्थान में इस साल में 2375 पॉजिटिव मरीजों में से 221 की मौत हुई, तो गुजरात में इस साल अब तक 2053 पॉजिटिव मरीज सामने आए, जिनमें से 88 मरीजों की जान गई।

स्वाइन फ्लू के लक्षणों की बात करें तो तीन से चार दिन तक खांसी, जुखाम, बुखार, सांस लेने में कठिनाई, उल्टी, दस्त, पेटदर्द, बलगम में रक्त आना और नाखूनों में नीलापन स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं। वहीं स्वाइन फ्लू से बचाव की बात करें तो भीड़भाड़ वाले स्थान पर जाने से बचें, तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।

स्वाइन फ्लू ही नहीं, पिछले एक साल में दूसरी बीमारियों में भी राजस्थान देशभर में "गढ" के रूप में सामने आ रहा है। जीका के कहर ने पूरे विश्व में जयपुर की छवि खराब की, 159 केस जीका के सामने आए। इसके साथ ही स्क्रबटाइफस से 32 लोगों की मौत हुई, जबकि 1908 मरीज पॉजिटिव आए। डेंगू से 10 की मौत हुई और 9254 मरीजों को बीमारी का दंश झेलना पड़ा। मलेरिया के 5380 केस, चिकिनगुनिया के 235 केस सामने आए।

स्वाइन फ्लू का 5 साल का रिपोर्ट कार्ड :
वर्ष- 2014
, केस- 65, मौतें- 34
वर्ष- 2015, केस- 6859, मौतें- 472
वर्ष- 2016, केस- 197, मौतें- 43
वर्ष- 2017, केस- 3619, मौतें- 280 
वर्ष- 2018, केस- 2375, मौतें- 221

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