जयपुर राज्य सरकार बाघों के संरक्षण को लेकर गंभीर, सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही- CM गहलोत

राज्य सरकार बाघों के संरक्षण को लेकर गंभीर, सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही- CM गहलोत

राज्य सरकार बाघों के संरक्षण को लेकर गंभीर, सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही- CM गहलोत

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार बाघों के संरक्षण को लेकर गंभीर है और सरकार की सकारात्मक नीतियों के कारण बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ एवं ‘ईको-टूरिज्म’ नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण रणथम्भौर में दुनियाभर से पर्यटकों का आगमन हो रहा है. उन्होंने इसी तर्ज पर सरिस्का बाघ परियोजना के लिए भी मास्टर प्लान तैयार करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए. गहलोत सोमवार को रणथम्भौर, सरिस्का एवं मुकुन्दरा बाघ परियोजना के प्रबंधन एवं बाघों के संरक्षण के संबंध में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे.

बैठक में बताया गया कि सरिस्का में 2014 के मुकाबले बाघों की संख्या में ढाई गुना वृद्धि हुई है, जिसके चलते यहां वन्यजीव प्रेमियों एवं पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. मुख्यमंत्री ने मुकुंदरा में हो रहे बाघ संरक्षण के कार्यों का फीडबैक लेते हुए वहां चल रहे ग्राम विस्थापन, शिकार आधार,निवास सुधार को गति देने व विकास कार्यों में आ रही विभिन्न बाधाओं का शीघ्र निवारण करने के निर्देश दिए. रणथम्भौर में क्षमता से अधिक बाघ होने के कारण उनका पलायन धौलपुर व करौली की तरफ हो रहा है.

बाघों एवं उनके शावकों की सुरक्षा हेतु आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए:
मुख्यमंत्री ने इन बाघों एवं उनके शावकों की सुरक्षा हेतु आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि परियोजना के मध्य आ रहे गांवों के स्वैच्छिक विस्थापन को गति प्रदान करने के लिए विकल्प के रूप में कृषि भूमि के अलावा शहरी क्षेत्रों में भी रिहायशी भूमि आवंटित करने की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने रणथम्भौर, सरिस्का एवं मुकुन्दरा बाघ परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण, संवेदनशील क्षेत्रों में कच्चे रास्ते, पेट्रोलिंग ट्रैक की संख्या बढ़ाने एवं चौकियों पर अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाने के भी निर्देश दिए.

बाघ हमले में मौत तथा घायल होने पर दिये जाने वाले मुआवजे में वृद्धि करने के निर्देश दिए:
गहलोत ने अधिकारियों को बाघ हमले में मौत तथा घायल होने पर दिये जाने वाले मुआवजे में वृद्धि करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि हमले में मरने वाले के परिवार को आर्थिक सम्बल देना राज्य सरकार का दायित्व है. साथ ही ऐसे हमलों में होने वाली मवेशियों की मौतों पर मिलने वाले मुआवजे में भी बढ़ोतरी की जाए क्योंकि बाघ परियोजनाओं की सीमाओं से लगे हुए गांवों में अधिकतर लघु किसान रहते हैं और पशुपालन ही उनकी आजीविका का एकमात्र साधन है.

वन्य जीवों को किसी भी तरह की परेशानी न हो:
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाघ परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है कि वन्य जीवों को किसी भी तरह की परेशानी न हो. इसके लिए परियोजना की सीमाएं साइलेन्ट जोन घोषित करने तथा संबंधित कलक्टरों को इस बाबत एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ऐसे क्षेत्रों से लगी सीमाओं पर चल रहे होटलों में लाउड म्यूजिक, लेजर शो तथा आतिशबाज़ी जैसी गतिविधियों की रोकथाम के लिए उचित कदम उठाए जाएं.

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