कोरोना वैक्सीनेशन में देशभर में राजस्थान ने बढ़ाया मान, 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी; 'वेस्टेज' रोकने में भी पेश की नजीर

कोरोना वैक्सीनेशन में देशभर में राजस्थान ने बढ़ाया मान, 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी; 'वेस्टेज' रोकने में भी पेश की नजीर

कोरोना वैक्सीनेशन में देशभर में राजस्थान ने बढ़ाया मान, 2 करोड़ से ज्यादा लोगों को लगी; 'वेस्टेज' रोकने में भी पेश की नजीर

जयपुर: कोरोना वैक्सीनेशन में राजस्थान ने देशभर में मान बढ़ाया है. चिकित्सा विभाग की मेहनत से लाभार्थियों को दो करोड़ डोज लग चुकी है. यह चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा, प्रमुख चिकित्सा सचिव अखिल अरोड़ा, चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन, निदेशक डॉ.लक्ष्मण सिंह ओला, पीडी(इम्यूनाइजेंशन) डॉ.रघुराज सिंह के सतत प्रयास का परिणाम है. कल तक लाभार्थियों को 1,97,88,707 डोज लगाई जा चुकी थी. इसके बाद  प्रदेशभर में आज सुबह के सेशन में अब तक दो लाख डोज लगी. इसके साथ ही लाभार्थियों की डोज का आंकड़ा 2 करोड़ पहुंच गया. 

वहीं दूसरी ओर कोरोना वैक्सीन 'वेस्टेज' रोकने में भी राजस्थान नजीर बना है. प्रदेश में एक प्रतिशत से भी कम कोरोना वैक्सीन का वेस्टेज हुआ है. चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने प्रदेशभर के डेटा साझा किए. उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि राजस्थान कोरोना वैक्सीन लगाने एवं वैक्सीन का न्यूनतम वेस्टेज कर अधिकतम उपयोग करने में देश के अग्रणी राज्यों मे शामिल है. प्रदेश में वैक्सीन का वेस्टेज 12 जून तक आंकड़ों के अनुसार मात्र 0.8 प्रतिशत है. 

चिकित्सा मंत्री ने बताया कि अलवर में 2.0, बांसवाड़ा में 6.7, भीलवाड़ा में 0.4, चूरू में 13.5, दौसा में 1.3, धौलपुर में 3.4, डूंगरपुर में 4.7, जयपुर में 6.4, जैसलमेर में 2.8, जालोर में 1.2, करौली में 2.1, कोटा में 1.1, राजसमंद में 5.6, सिरोही में 4.3 और टोंक में 0.7 प्रतिशत वेस्टेज रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है.  

18 जिलों में डोजेज का अधिकतम उपयोग, माइनस में वेस्टेज:
वहीं मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने बताया कि 18 जिलों में डोजेज का अधिकतक उपयोग, माइनस में वेस्टेज दर्ज किया गया है. इसके लिए चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने वैक्सीनेशन टीम को बधाई दी है. डॉ.शर्मा ने बताया कि अजमेर में -3.6, बारां में -3.3, बाड़मेर में -2.3, भरतपुर में -0.1, बीकानेर में -3.4, बूंदी में -1.2 चित्तौड़गढ़ में -2.4, गंगानगर में -0.6, हनुमानगढ़ में -2.2, झालावाड़ में -0.1, झुंझुनूं में -2.4, जोधपुर में -1.4, नागौर में -2.7, पाली में -2.6, प्रतापगढ़ में -1.6, सवाई माधोपुर में -1.4, सीकर में -2.0 व उदयपुर में -1.4 प्रतिशत वेस्टेज हुआ है. 

वायल को खोले जाने के 4 घंटे के भीतर ही उपयोग में लिया जाता है: 

उन्होंने कहा कि भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार कोविड 19 वैक्सीन की वायल को खोले जाने के 4 घंटे के भीतर ही उपयोग में लिया जाता है. जिन सत्र स्थलों पर लाभार्थियों की संख्या कम होती है लेकिन वॉयल में डोज और निर्धारित 4 घंटे की अवधि समाप्त हो गई है तो शेष डोज को डिस्कार्डेड माना जाता है. उपयोग में लेने के बाद वॉयल्स का डिस्पोजल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार ही किया जाता है. 


 

और पढ़ें