जोधपुर का बासनी पुलिस थाना बना मिसाल, डीजीपी कपिल गर्ग ने की तारीफ

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/15 04:33

जोधपुर। राजस्थान में जयपुर के बाद जोधपुर ही ऐसा जिला है जहां कमिश्नरेट प्रणाली है। जोधपुर की कमिश्नरेट प्रणाली को और अधिक बेहतर बनाने के लिए डीजीपी कपिल गर्ग के निर्देश पर पुलिस कमिश्नर बीजू जोसफ लगातार प्रयास कर रहे हैं।  और उसी का नतीजा है कि जोधपुर के बासनी पुलिस थाने को राजस्थान के नम्बर वन थाने के रूप में पहचान मिल पाई है। यहीं बासनी थाना कभी डीजीपी की नजर में बहुत अच्छा नही था मगर अब डीजीपी ने प्रदेश के अधिकारियों को जोधपुर जाकर बासनी थाना देखकर आने की बात कही है। 

आमजन में विश्वास और अपराधियों में भय की टेग लाइन पर काम करने वाली राजस्थान पुलिस के तमाम पुलिस थानों को भले ही कम्प्यूटराइज कर दिया गया हो मगर आज भी भवन और इंटीरियर के नजरिए से बहुत अधिक सुधार देखने को नही मिलता है। राजधानी जयपुर को छोड दें तो आज भी प्रदेश के थानों की स्थिति बहुत अच्छी नही है।

लेकिन जोधपुर के बासनी पुलिस थाने के जब डीजीपी के निरीक्षण में नम्बर घटे तो पुलिस कमिश्नर बीजू जोसफ और डीसीपी मोनिका सैन के निर्देश पर बासनी थानाधिकारी संजय बोथरा ने इसे एक चुनौती के साथ जिम्मेदारी के रूप में लिया। 

उसी का नतीजा है कि बासनी पुलिस थाने की तस्वीर ही बदल गई है। थाने के भीतर प्रवेश करते ही एहसास नही होता कि किसी थाने में आए है। बल्कि यही लगता है कि अपने घर में आ गए हो। थाने में कारपेट के साथ-साथ गुदगुदाती दूब और अलग-अलग रंगो से सरोबार सकारात्मक एनर्जी वाली दीवारे मन को खुशनुमा कर देती हैं तो वहीं पुलिस थाने में हर कमरे से लेकर बैरक और मालखाने से लेकर फाइल रूम तक व्यवस्थित नजर आ रहे है। 

पुलिस महानिदेशक कपिल गर्ग ने तो अब अपने अधिनस्त अधिकारियों को बासनी थाने से सीख लेने की बात कह डाली है। बासनी थाने के हर कांस्टेबल को अपनी बीट की जानकारी होने के साथ-साथ मालखाने का रिकॉर्ड भी व्यस्थित है तो वहीं समन तामिल कराने की पूरी रिपोर्ट भी अपडेट के साथ तैयार रहती है। थाना क्षेत्र में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी भी बीट कांस्टेबल को है। तो वहीं गश्त रजिस्ट्रर में हर एक कांस्टेबल द्वारा की गई गश्त तक की जानकारी शामिल की गई है।

गौरतलब है कि राजस्थान के नए पुलिस महानिदेशक बनने के बाद आईपीएस कपिल गर्ग ने महकमें में कई बदलाव किए। लेकिन जमीनी स्तर पर बदलाव हुए या नहीं, इसकी बानगी देखने प्रदेश के कई थानों में औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे।

डीजीपी गर्ग प्रदेश के जिन थानों में निरीक्षण करने पहुंचे तो जोधपुर कमिश्नरेट का बासनी थाना हर चीज में सबसे फिसड्डी था, लेकिन 39 दिन बाद डीजीपी उसी थाने में फिर निरीक्षण करने पहुंचे थाना पुलिस ने खुद को इतना बदल दिया कि डीजीपी को मजबूरन बासनी थाने की कार्यप्रणाली पूरे प्रदेश थाना पुलिस को सीखने की नसीहत देनी पड़ी।

          जोधपुर संवाददाता राजीव गौड़ की रिपोर्ट

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