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राजस्थान रोडवेज की हाईटेक योजना, सभी बस अड्डों पर फ्री वाई-फाई देने की तैयारी

राजस्थान रोडवेज की हाईटेक योजना, सभी बस अड्डों पर फ्री वाई-फाई देने की तैयारी

जयपुर: राजस्थान रोडवेज प्रशासन अब अपने बस अड्डों और डिपो को हाईटेक सुविधाओं से सज्जित करने की योजना बना रहा है. रोडवेज के सभी बस अड्डों पर वाई-फाई सुविधा देने की योजना तैयार की जा रही है. इसके लिए रोडवेज प्रशासन ने निजी कम्पनियों से प्रस्ताव मांगे हैं. 

फ्री वाई-फाई:
दरअसल पिछले दिनों मुख्यालय में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई. इसके मुताबिक यात्रियों को वाई-फाई का एक्सेज फ्री दिया जाएगा. हालांकि लम्बे समय तक उपयोग के लिए शुल्क तय किया जा सकता है. अभी शहर में जयपुर एयरपोर्ट और जयपुर रेलवे स्टेशन पर ऐसी सुविधा है, जिसमें आधे घंटे तक वाई-फाई का उपयोग नि:शुल्क कर सकते हैं. 

बस डिपो-कार्यशाला में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे: 
इसी तरह रोडवेज के सभी डिपो और कार्यशालाओं में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे. रोडवेज की आईटी शाखा इसका प्रस्ताव तैयार कर रही है. रोडवेज के प्रत्येक डिपो में 4 कैमरे लगेंगे, इसी तरह 4 कैमरे कार्यशाला में लगाए जाएंगे. इन कैमरों को देखने का एक कमांड सेंटर जयपुर स्थित रोडवेज मुख्यालय में भी बनाया जाएगा. रोडवेज एमडी शुचि शर्मा ने इन दोनों प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट 

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पायलट समर्थक विधायकों की याचिका खारिज करने को लेकर प्रार्थना पत्र

पायलट समर्थक विधायकों की याचिका खारिज करने को लेकर प्रार्थना पत्र

जयपुर: कांग्रेस की अंदरूनी कलह के चलते बागी हुए विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी किये गये नोटिस को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. अब दोनों ही गुटों के बीच राजनैतिक समझौता होने का आधार बताते हुए पायलट समर्थक विधायकों की याचिकाओं को भारी जुर्माने के साथ खारिज करने की मांग की गयी है. 

याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा:  
याचिका में आम व्यक्ति के रूप में पक्षकार बने मोहनलाल नामा ने राजस्थान हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश कर याचिका खारिज करने की गुहार लगायी है. प्रार्थना पत्र में कहा गया कि अब दोनों गुटों के बीच राजनीतिक समझौता हो गया है. विधानसभा का सत्र भी आहुत हो चुका है और दोनों पक्षों ने एक साथ कार्रवाई में हिस्सा लिया है. ऐसे में याचिका पर अब सुनवाई का कोई उद्देश्य नहीं रहा है. प्रार्थना पत्र में पायलट समर्थक विधायकों पर भारी जुर्माना लगाने की मांग करते हुए याचिका को खारिज करने की गुहार की गयी है.

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19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी:
गौरतलब है कि हाईकोर्ट में सचिन पायलट सहित ग्रुप के 19 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस को चुनौती दी थी. विधायक पीआर मीना एवं अन्य की इस याचिका पर हाईकोर्ट में कई दिनों तक सुनवाई करने के बाद 24 जुलाई को विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस की पालना पर यथास्थिति के आदेश दिए थे. कोर्ट ने 13 कानूनी बिंदूओं पर विचार करते हुए तीन बिंदूओं सुनवाई का फैसला किया था. कोर्ट ने सभी पक्षों को कागजी कार्रवाई होने के बाद जल्द सुनवाई के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल करने की छूट दी थी. इसी मामले में पांच नंबर के पक्षकार मोहनलाल नामा ने बुधवार को हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया है. 

Horoscope Today, 24 September 2020: आज इन राशिवालों को मिल सकता है मुनाफा, करे ये उपाय

Horoscope Today, 24 September 2020: आज इन राशिवालों को मिल सकता है मुनाफा, करे ये उपाय

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष( Aries): आज धन कमाने के कई  प्रपोसल आपको मिल सकते है लेकिन पार्टनरशिप के काम से बचे लेकिन अगर अपने ही बलबूते पर आगे पैर बढ़ाना चाहते हैं तो कमर कस लीजिये क्यूंकि आगे बहुत मेहनत करनी है. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी की गांठ अपने पास रखें.  

वृष( Taurus): काफी लंबे अर्से के बाद आज का दिन सुख प्रदान करने वाला रहेगा, आगे बढ़ने का मौका मिलेगा. उलझे हुए मैटर्स आज सुलझ सकते हैं. भविष्य की प्लानिंग कर के रखें. आज के दिन के सफलता के लिए माता पिता की परिक्रमा करके घर से निकले. 

मिथुन( Gemini): आज अपने आपको समय के हवाले कर दे, जो होता है, जैसा होता है उसे स्वीकार करते जाये उसी में आज आपकी भलाई है. कोई ऐसा काम करने को मिल सकता है  जिससे आपको यश, सम्मान प्राप्त हो सकता है. आज के दिन के सफलता के लिए बेसनले लड्डू बच्चो में बांटे. 

कर्क( Cancer): आज किसी भी तरह का एक्स्पेरीमेंट, प्रयोग करते से बचे. ज़्यादा जल्दबाजी, उतावलापन,जोख़िम उठाने की प्रवत्ति, ओवर कॉन्फिडेंस से अपने आप को दूर रखने का प्रयास करे. आज के दिन के सफलता के लिए विष्णु मंदिर में इत्र का दान करे. 

सिंह( Leo): आज के दिन आप अपने आपको सर्वगुण संपन्न स्वतंत्र और खुशहाल महसूस करेंगे. आज के दिन जिस काम में आप को  हाथ डालेंगे उसी कार्य में  प्राप्त होगी. सर्दी जुखाम से बचे. आज के दिन के सफलता के लिए अपने पितरों के तस्वीर के समक्ष देशी घी का दीपक जलाये. 

कन्या( Virgo): आज का दिन आज कल करने में नहीं बिताये. कुछ अच्छा करने की प्लानिंग करे. आज के दिन आप दबाव रहित होकर अपने रचनात्मक और मौलिक काम को अमल में लाने के लिए भरसक प्रयास करे. आज के दिन की सफलता के लिए हल्दी मिश्रित दूध का सेवन अवश्य करे. 

तुला( Libra): आज पिछले दिनों किये गए प्रयासों के कारण पेंडिंग पड़े सभी मसले एक-एक करके हल होते नजर आएंगे. किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचे क्यूंकि आज कोई बात आपके लिए एक नया सिरदर्द बन सकती है. आज के दिन की सफलता के लिए गौ माता की सेवा करे. 

वृश्चिक( Scorpio): बिजनस फील्ड में अच्छा रहेगा, कोई बड़ा कॉन्ट्रैक्ट धन कमाने का स्रोत बन सकता है. यदि आप कार्यक्षेत्र में ज्यादा उलझनें महसूस कर रहे हों तो उसके लिए भी आपका रास्ता साफ होने जा रहा है. आज के दिन की सफलता के लिए ॐ हरये नमः मन्त्र का जाप करे. 

धनु( Sagittarius): कुछ बढ़ते हुए काम का बोझ आपको आज सारे दिन बिजी रखेगा लेकिन धैर्य और सुकून बनाए रखें और अपने आर्थिक नियोजन को पूरी तरह इस्तेमाल करके खजाने को मजबूत बनाएं. आज के दिन की सफलता के लिए केले के पौधे की पूजा परिक्रमा करे. 

मकर( Capricorn): आज के दिन किसी मांगलिक कार्य की शुरूआत आप कर सकते हैं. पिछले कई महीनों से आप तनावग्रस्त और परेशानी के माहौल में रहने के कारण आपकी हिम्मत फ्रीज हो गई थी, लेकिन आज का दिन इन सबके दबाव से मुक्त रहेगा. आज के दिन की सफलता के लिए चनेकी दाल का सेवन करे. 

कुंभ(Aquarius): आज अपने कारोबार से प्रॉफिट बटोरने का दिन है. सुबह से ही अच्छे मेसेज और फोनकाल आपके लिए और भी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. शाम का समय पार्टी दावत में गुजर सकता है. आज के दिन की सफलता के लिए विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.  

मीन( Pisces): कुछ जद्दोजहद और परेशानी से भरा दिन रह सकता है लेकिन आपकी सकरात्मक सोच आज आपकी मदद करती रहेगी. कुछ ऐसे अवसर आपको मिल सकते है जो आपकी महत्वाकांक्षा को साकार कर सकते है. आज के दिन की सफ़लता के लिए विष्णु मंदिर में कमल का पुष्प अर्पण करे.  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

24 सितंबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

24 सितंबर 2020:  पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास- प्रथम आश्विनी (अधिक) शुक्ल पक्ष  
शुभ तिथि अष्टमी जया संज्ञक तिथि सांय 7 बज कर 2 मिनट तक तत्पश्चात नवमी तिथि आरम्भ. अष्टमी तिथि मे यथा आवश्यक विवाह आदी, मनोरंजन, लेखन, प्रवेश इत्यादि कार्य शुभ रहते हैं. अष्टमी तिथि मे जन्मे पुत्र या पुत्री धनवान, गुणवान, पराक्रमी होते हैं. अष्टमी तिथि को मास मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए.  

शुभ नक्षत्र  मूल "तीक्ष्ण व अधोमुख "नक्षत्र सांय 6 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. मूल नक्षत्र मे विद्या आरम्भ ,बोरिंग, विवाह कर्म, वास्तु शांति, कृषि कार्य इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. मूल नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला, कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, दानी, धनवान, बुद्धिमान होता है. गंड मूल नक्षत्र होने के कारण मूल नक्षत्र मे जन्मे जातको को जन्म के 27 दिन बाद मूल अरिष्ट शांति हवन करवा लेना चाहिए. 

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन धनु राशि में संचार करेगा 

व्रतोत्सव -  दुर्गा अष्टमी

राहुकाल - दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक                              

दिशाशूल - गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले. 

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 7.50 मिनट तक शुभ का, प्रातः 10.49 से दोपहर 3.18 मिनट तक चर, लाभ, अमृत का और सायं 4.48 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

सीएम गहलोत ने किया हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाइफा हीरो मेजर दलपत सिंह के नाम से बनाए गए रावणा राजपूत छात्रावास का लोकार्पण किया. जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में दो करोड़ रुपए की लागत से यह छात्रावास बना है. 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में गहलोत ने ही छात्रावास के लिए जमीन दी थी. मेजर दलपत सिंह का आज 102 वां बलिदान दिवस है. दलपत सिंह को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हाइफा को मुक्त करवाने के लिए याद किया जाता है.  

हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी: 
हाइफा की लड़ाई 23 सितंबर 1918 को लड़ी गयी थी, जिसमें राजपूताने की सेना का नेतृत्व दलपत सिंह ने किया था. दलपत सिंह का जन्म वर्तमान पाली जिले के देवली गांव में हुआ था. प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजो की ओर से जोधपुर रियासत की सेना ने भी हिस्सा लिया था. कहा जाता है कि तब तोपों के सामने तलवारों से भिड़े थे दलपत सिंह. 

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छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि:
मुख्यमंत्री आवास पर वीसी के माध्यम से हुए कार्यक्रम में कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, विधायक मनीषा पंवार, विधायक जब्बर सिंह सांखला, रणजीत सिंह सोडाला, रणजीत सिंह पंवार, मोहन सिंह हाथोज शामिल थे. वहीं विद्याधर नगर छात्रावास से मुख्य सचेतक महेश जोशी वीसी के माध्यम से जुड़े. उधर, दिल्ली से पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह भी कार्यक्रम से जुड़े थे. इस मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि छात्रावास समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होती है और मुझे उम्मीद है कि युवा पीढ़ी मेजर दलपत सिंह से प्रेरणा लेगी. कार्यक्रम को लालंचद कटारिया, भंवर जितेंद्र सिंह व महेश जोशी ने भी संबोधित किया. 
 

राजस्थान में प्राणवायु 'ऑक्सीजन' का एडवांस प्लान ! कोरोना में बढ़ी डिमाण्ड पर राज्य सरकार अलर्ट

जयपुर: प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही एकाएक बढ़ी प्राणवायु ऑक्सीजन की जरूरत के प्रति राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है. भविष्य की जरूरत और कोरोना महामारी को देखते हुए प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पताल और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन के लिए अलग-अलग तरह के ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद शुरू हो गई है. आइए आपको बताते है राजस्थान में कोरोना महामारी के बीच ऑक्सीजन का क्या है गणित और सरकार की कैसी है तैयारी....

गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही: 
प्रदेश में हर दिन बढ़ते कोरोना मरीजों के बीच अब चिंता की बात ये है कि इसमें गंभीर रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. सरकारी आंकड़ों को देखते हो अगस्त की तुलना में सितम्बर में ऐसे मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी. नतीजन, ऑक्सीजन की डिमांड भी एकाएक बढ़ गई है. अब हालात ये हो गए है कि न केवल निजी अस्पतालों को बल्कि सरकार और चिकित्सा विभाग को भी ऑक्सीजन की पूर्ति के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है. हालांकि सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है, लेकिन आगामी दिनों में बढ़ती दिक्कतों को देखते हुए गहलोत सरकार ने एडवांस प्लान पर काम शुरू कर दिया है. इसके लिए बकायदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 65 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी की है. जिसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है.  

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(आखिर सरकार के एडवांस प्लान के पीछे की वजह क्या ?)

- राजस्थान में हर रोज 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स की आपूर्ति किया जाना संभव है.

- जून माह तक इन 12000 ऑक्सीजन सिलेंडर्स में से 4200 सिलेंडर्स अस्पतालों में और शेष इंडस्ट्री में जा रहे थे.

- लेकिन अगस्त माह में A सिम्टोमेटी मरीजों में भी सांस की दिक्कतों के सामने आने लगे मामले.

- जैसे ही इस तरह के मरीजों की तादात अस्पताल में बढ़ी तो एकाएक ऑक्सीजन की डिमाण्ड में भी हुआ इजाफा.

- जुलाई माह में अस्पतालों की डिमांड बढ़कर 5500 और अगस्त-सितम्बर में यह बढ़कर 8000 तक पहुंच गई है.

- विभागीय अधिकारियों की माने तो मरीजों की हर दिन की बढ़ती संख्या को देखते हुए अक्टूबर के अंत तक यह डिमांड बढ़कर लगभग 12000 तक पहुंच जाएगी.

- ऐसे में अलर्ट मोड पर आई सरकार ने निजी ऑक्सीजन प्लांट के अधिग्रहण के साथ ही नए प्लांट लगाने की दिशा में भी काम शुरू कर दिया है.

(सरकार की ये है जिलों से लेकर मेडिकल कॉलेजों के लिए तैयारी):-

- वैसे तो सेन्ट्रलाइज्ड ऑक्सीजन सिस्टम विकसित करने के लिए सरकार पहले ही विचार बना रही थी. 

- लेकिन कोरोना महामारी के दौरान अगस्त सितम्बर में एकाएक ऑक्सीजन बैड की जरूरत बढ़ी तो इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया गया है. 

- जिला अस्पतालों में जहां सेन्ट्रलाइज्ड पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 14 कॉलेजों के लिए भी 65 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए है. 

- इस राशि से सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में 20 केएल क्षमता के लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट और सोसायटी से जुडे़ कॉलेजों के अस्पतालों में जनरेशन प्लांट लगाए जाने है. 

- जयपुर में चार, जोधपुर बीकानेर में 2-2 लगेंगे लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट, जबकि शेष मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में एक-एक लगेगा प्लांट. 

सरकार की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऑक्सीजन प्लांट को लगाने के लिए फर्मों को फीक्स टाइम दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया का कहना है कि पांच जगहों पर प्लांट इसी माह लगा दिए जाएंगे,जबकि शेष बची जगहों पर अक्टूबर माह तक ऑक्सीजन प्लांट लगेंगे. इसके बाद काफी हद तक ऑक्सीजन की दिक्कतों को दूर किया जा सकेगा.  

एसएमएस अस्पताल होगा ऑक्सीजन सिलेण्डर फ्री !

- प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल को लेकर सरकार का एक्शन प्लान

- एसएमएस अस्पताल में लगाए जाएंगे 20-20 KL क्षमता के दो लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट

- 20KL क्षमता के एक प्लांट से सामान्य परिस्थिति में एक हजार बैड को सप्लाई हो सकती है

- आमदिनों में एसएमएस में दो हजार से आसपास बैड पर मरीज होते है भर्ती

- ऐसे में दोनों प्लांट से काफी हद तक ऑक्सीजन की सप्लाई की डिमाण्ड होगी पूरी

- इसके साथ ही दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट हाल ही में हो चुके है अस्पताल में शुरू

- खुद चिकित्सा शिक्षा सचिव का दावा, जब अस्पताल में दोनों लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट हो जाएंगे शुरू

- तो काफी हद तक छोटे सिलेण्डर से ऑक्सीजन की निर्भरता होगी खत्म

- सिर्फ विशेष परिस्थिति के लिए ही मंगवाए जाएंगे ऑक्सीजन के छोटे सिलेण्डर

सरकार का दावा है कि अस्पतालों में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर्स की व्यवस्था है और आने वाले दिनों में बढ़ती डिमांड को देखते हुए हर तरह के विकल्प तैयार किए जा रहे हैं. हालांकि ऑक्सीजन प्लांट के लिए अक्टूबर अंत तक की डेडलाइन भी निर्धारित की गई है. लेकिन यदि इस टाइम लाइन के प्रति गंभीरता नहीं रखी गई तो हालात बिगडने में देरी नहीं लगेगी. क्योंकि जिस गति से गंभीर रोगियों की संख्या बढ़ रही है, उस हिसाब से अक्टूबर अंत या नवम्बर माह में सरकार के लिए बड़ी चुनौती देखी जा रही है. ऐसे में उम्मीद ये है कि सरकार की मंशा के अनुरूप फील्ड में काम होगा ताकि जरूरतमंद मरीजों का प्राणवायु ऑक्सीजन के लिए दर दर भटकना नहीं पड़े.  

VIDEO: कोरोना के गंभीर मरीज को जाते ही मिलेगी 'ऑक्सीजन', फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद ओपीडी में नई व्यवस्था

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जयपुर: प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस में गंभीर कोरोना मरीजों को तत्काल "ऑक्सीजन" बैड उपलब्ध होगा. अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर फर्स्ट इंडिया की खबर के बाद RUHS अस्पताल प्रशासन ने आज से व्यवस्थाओं को दुरूस्त करना शुरू कर दिया है. इसके तहत पहले ही दिन ओपीडी में 15 ऑक्सीजन बैड का होल्डिंग एरिया बनाया गया है, जहां मरीज को भर्ती करते ही जरूरत के हिसाब से ट्रिटमेंट मिलेगा. इसके बाद उसे बैड की स्थिति के हिसाब से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा.

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अस्पताल में गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए पहुंचे एसएमएस मेडिकल कॉलेज के अति.प्राचार्य डॉ एसएम शर्मा समेत पूरी टीम ने नई व्यवस्था का जायजा लिया. इस दौरान फर्स्ट इंडिया संवाददाता विकास शर्मा ने RUHS में प्रशासनिक जिम्मा संभाल रही पूरी टीम से की खास बातचीत...
 

कानून में संशोधन कर आत्महत्याओं पर अंकुश लगाएं राजस्थान सरकार- रामलाल शर्मा

कानून में संशोधन कर आत्महत्याओं पर अंकुश लगाएं राजस्थान सरकार- रामलाल शर्मा

जयपुर: भाजपा के प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता व विधायक रामलाल शर्मा ने राजस्थान में बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर कहा है कि राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करे और आत्महत्याओं पर अंकुश लगाने का काम करें. रामलाल शर्मा का तर्क है कि पिछले 2 महीनों में राजस्थान में आत्महत्याओं की संख्या में बहुत तीव्र गति से बढ़ोतरी हो रही है. आत्महत्याओं के मुख्य रूप से दो कारण माने जाते हैं. बढ़ी हुई ब्याज दर पर लिए हुए पैसों के लिए सूदखोर द्वारा टॉर्चर किया जाना और नए युवाओं का जुए के अंदर फंसना और इन्हीं दो कारणों की वजह से आत्महत्या बढ़ी हैं.

वर्तमान में बने हुए कानून इतने प्रभावी नहीं:  
शर्मा ने कहा कि वर्तमान में बने हुए कानून इतने प्रभावी नहीं है कि इन पर अंकुश लगाया जा सके. जुए के अंदर पुलिस पकड़ कर लाती है और कार्रवाई करती है. लेकिन जमानती अपराध होने के नाते उनको तत्काल रिहा कर दिया जाता है और इसकी वजह से जुआ खेलने वाले अपराधियों का मनोबल बढ़ गया है. अब तो जुए का प्रकार भी बदल गया है अब इसके लिए लोगों को इकट्ठा होने की आवश्यकता नहीं है. 

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राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करें:
उन्होंने कहा कि कई मोबाइल ऐप ऐसी आ चुकी है कि लोग घर बैठे जुआ खेल सकते हैं. लेकिन तीव्र गति से बढ़ रही आत्महत्याओं का कारण जुआ और बढ़ी हुई ब्याज दर पर पैसा वसूल करना है. विधायक शर्मा ने मांग की है कि राजस्थान सरकार कानूनों में संशोधन करें या अध्यादेश जारी करें और जो आत्महत्यायें हो रही है, उन पर अंकुश लगाने का काम करें. 

VIDEO: अब परकोटे में जमीन के अंदर दौड़ेगी मेट्रो, सीएम गहलोत ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर: राजधानी के परकोटा क्षेत्र में अब बड़ी चौपड़ तक मेट्रो दौड़ेगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हरी झंडी दिखाने के साथ ही आज 7 साल का इंतजार खत्म हो गया है. सीएम गहलोत ने आज इसका वर्चुअल उद्घाटन किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की. इसके साथ ही बड़ी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया. अब लोग शाम 4 बजे से बड़ी चौपड़ से मेट्रो में सफर कर सकेंगे.  

इस मौके पर परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, मेट्रो सीएमडी भास्कर ए सावंत सहित कई अधिकारी सएमआर में मौजूद रहे तो बड़ी चौपड़ पर मुख्य सचेतक महेश जोशी और विधायक अमीन कागजी के साथ कई अधिकारी वहां मौजूद रहे. 

इस काम में केवल नौ पेड़ ही काटे गए:
सीएम गहलोत ने कहा कि जहां यह काम चल रहा था वहां हैरिटेज के साथ काफी व्यस्त इलाका था. ऐसे में कोई नुकसान नहीं पहुंचे इसका ध्यान रखना बड़ी चुनौती थी. बिना दुर्घटना के इतना बड़ा काम हो जाना आश्चर्य की बात है. उन्होंने कहा कि इस काम में केवल नौ पेड़ ही काटे गए. 

सेकंड फेज का काम भी शुरू करेंगे:
इस दौरान उन्होंने कहा कि हम सीतापुरा से अंबाबाड़ी तक का 22 किमी का सेकंड फेज का काम भी शुरू करेंगे. इसमें एयरपोर्ट भी जुड़ जाएगा. इसके साथ ही जल्द ही मानसरोवर से दूसरे इलाकों को भी जोड़ा जाएगा. हमारी प्रायरिटी में होने के बाद भी कोरोना के चलते इसमें विलंब हो रहा है. इस पूरे काम के लिए सीएम गहलोत ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को धन्यवाद देते हुए कहा कि वे जयपुर और कोटा का ध्यान रखते हैं. ऐसे में मेरी उनसे शिकायत रहती है कि वे जोधपुर का भी उतना ही ध्यान रखें. 

महिला के हाथों हो रहा है शुभारंभ:
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन से पहले मेट्रो को चलाने वाली पायलट शैफाली से अपने विचार रखने को कहा. इस पर शैफाली ने कहा कि यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे भूमिगत मेट्रो चलाने का मौका मिला है. सीएम गहलोत ने शैफाली का उत्साहवर्धन किया और कहा कि यह अच्छी बात है कि इस काम का शुभारंभ एक महिला के हाथों हो रहा है.  

हमारी मेट्रो का किराया कम: 
इससे पहले यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि और राज्यों की तुलना में हमारी मेट्रो का किराया कम है. मेट्रो के चलने से न केवल लोगों को आसानी होगी बल्कि इससे पॉल्यूशन भी कम होगा. लोग बिना किसी दुर्घटना के अपने घर सुरक्षित पहुंच सकेंगे. 

मेट्रो में टोकन ले कर यात्रा करने पर पूरी तरह रोक रहेगी:
कोरोना को देखते हुए मेट्रो प्रबधंन ने बचाव के लिए कई फ़ैसले लिए हैं. मेट्रो में टोकन ले कर यात्रा करने पर पूरी तरह रोक रहेगी. स्मार्ट कार्ड ले कर ही मेट्रो में यात्रा कर सकेंगे. साथ ही मास्क लगाना हर यात्री के लिए अनिवार्य होगा. जिन स्टेशनों पर सोशल डिस्टेसिंग नहीं होगी वहां मेट्रो नहीं रुकेगी. सभी मेट्रो स्टेशनों पर सेनेटाईजेशन की भी व्यवस्था की गई है.  

- 2014 में शुरू हुआ था मेट्रो फेज-1बी का निर्माण कार्य

- मार्च, 2018 तक इस प्रोजेक्ट को करना था पूरा

- 02 भूमिगत मेट्रो स्टेशन बने हैं परकोटे के करीब दो किमी के दायरे में

- 1126 करोड़ आया है फेज वन भी प्रोजेक्ट का खर्चा

- मानसरोवर से बड़ी चौपड़ तक आसानी से पहुंच सकेंगे लोग

- बड़ी चौपड़ से मानसरोवर के बीच की मेट्रो की दूरी 11.3 किमी हो जाएगी, जो 26 मिनट में तय होगी यानी एक ट्रेन को आने-जाने में 52 मिनट लगेंगे 

- मेट्रो परियोजना पर 3149 खर्च किए गए हैं और इसको पूरा करने में 10 साल से अधिक का वक्त लगा है

किफायती किराया:- 

- 2 स्टेशन तक 6 रुपए

- 3 से 5 स्टेशन 12 रु.

- 6 से 8 स्टेशन 18 रु.

- 9 से 10 स्टेशन 22 रु.

- यह किराया अन्य किसी भी साधन से किफायती है