राजस्थान रोडवेज का संचालन 1.5 लाख किमी घटा, नई बसें नहीं मिलने से कम हुआ बसों का संचालन

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/09 12:00

जयपुर। राजस्थान रोडवेज की आर्थिक स्थिति खराब है और इन दिनों बसों की कमी होने से रोडवेज प्रशासन की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। दरअसल पिछले 1 साल से ज्यादा समय से रोडवेज में नई बसों की खरीद नहीं की जा सकी है। इस कारण एक तरफ जहां पहले से चल रही बसें कंडम होती जा रही हैं, वहीं नई बसें नहीं खरीदे जाने से बसों की संख्या कम पड़ती जा रही है। बसों की कमी के संकट से पार पाने के लिए रोडवेज प्रशासन ने 500 बसें अनुबंध पर लेने का विचार किया था, जिसका टेंडर निकाला गया था। लेकिन कर्मचारी संगठनों के विरोध के चलते परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के निर्देश पर रोडवेज प्रशासन ने टेंडर को स्थगित कर दिया है। 

वहीं 1000 नई बसों की खरीद की मंजूरी लेने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया हुआ है, जिस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं हो सका है। दरअसल 1000 नई बसों के लिए फंड भी राज्य सरकार को ही देना होगा, ऐसे में यह प्रोजेक्ट अभी सरकार ने ठंडे बस्ते में डाला हुआ है। बसें घटने की वजह से राजस्थान रोडवेज की बसों के संचालन किलोमीटर करीब डेढ लाख कम हो गए हैं। इससे यात्रियों को कई रूटों पर बसें नहीं मिल पा रही हैं। 

कुछ ऐसे बिगड़ रही रोडवेज की हालत
- कुल 4592 बसें हैं राजस्थान रोडवेज के बेड़े में
- इनमें से 4154 बसें चालू हालत में हैं
- 438 बसें अलग-अलग डिपो और वर्कशॉप में खड़ी हैं
- मेंटीनेंस नहीं होने, पार्ट्स की कमी के कारण खड़ी हैं बसें
- इन 438 में से 88 बसें कंडम होने के कगार पर, जिन्हें स्क्रैप किया जाएगा
- 3555 बसें रोडवेज के मालिकाना हक की हैं
- 949 निजी कंपनियों से अनुबंध पर ली हुई हैं
- जनवरी 2018 में रोडवेज के बेड़े में कुल बसें करीब 4800 थीं
- रोडवेज की बसें 16.5 लाख किमी रोज चल रही थीं उस समय
- लेकिन वर्तमान में केवल 15 लाख किमी ही चल रहीं रोडवेज बसें
- फेरे कम होने से रूट कम किए जा रहे, यात्रियों को बसें नहीं मिल रहीं

....काशीराम चौधरी फर्स्ट इंडिया न्यूज जोधपुर

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