जयपुर कोरोना संक्रमण रोकथाम में राजस्थान देशभर में अव्वल, रिकवरी रेट सुधरकर 73.83 प्रतिशत तक पहुंची

कोरोना संक्रमण रोकथाम में राजस्थान देशभर में अव्वल, रिकवरी रेट सुधरकर 73.83 प्रतिशत तक पहुंची

कोरोना संक्रमण रोकथाम में राजस्थान देशभर में अव्वल, रिकवरी रेट सुधरकर 73.83 प्रतिशत तक पहुंची

जयपुर: राजस्थान में जून-जुलाई में कोरोना के बढ़ते मामले भले ही रिकॉर्ड बना रहे हो.चिकित्सा विभाग का दावा है कि जांच का दायरा बढ़ाने के चलते कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.पूरे राजस्थान में औसतन प्रतिदिन 25000 जांच हो रही है, जिसके चलते पॉजीटिव लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.लेकिन कोरोना पॉजिटिव का जल्दी पता लगने से समय पर उपचार के परिणाम स्वरूप रिकवरी रेट सुधरकर 73.83 प्रतिशत तथा कोरोना से होने वाली मृत्युदर कम होकर 1.90 प्रतिशत रह गई है.

समस्त प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश:
हालांकि, चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा इस पूरे मामले में अति गंभीर है.कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से कोविड प्रोटोकॉल जैसे मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग रखना, बार-बार हाथ धोना एवं भीड़भाड़ में जाने से बचने की अपील की है.साथ ही चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित समस्त प्रावधानों की अनुपालना सुनिश्चित करने के भी निर्देश भी दिए हैं.उधर, कोरोना की रोकथाम के लिए जारी प्रयासों की खुद मुख्य सचिव राजीव स्वरूप समीक्षा कर रहे है.सीएस ने अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह रोहित कुमार सिंह, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य,अखिल अरोड़ा, शासन सचिव चिकित्सा शिक्षा वैभव गालरिया सहित राज्य स्तरीय चिकित्सकीय विशेषज्ञ दल एवं सभांगीय सचिवों के साथ चर्चा कर कोविड-19 की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की.

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सेनेटाइजेशन की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक:
इस दौरान सभी संभागीय प्रभारी सचिवों को नियमित रूप से जिला कलेक्टर्स, महानिरीक्षक पुलिस, आयुक्त पुलिस, पुलिस अधीक्षकों एवं सीएमएचओ के संपर्क में रहकर समीक्षा करने के निर्देश दिए गए.मुख्य सचिव ने बताया कि हालांकि राजस्थान कोविड-19 प्रबंधन के मानकों में देश का अग्रणी राज्य है लेकिन देश भर तथा प्रदेश में कोविड-19 प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रभावी रूप से सोशल डिस्टेसिंग लागू करने, मास्क पहनना सुनिश्चित करवाने तथा सेनेटाइजेशन की प्रभावी व्यवस्था आवश्यक है.इस संबंध में जन चेतना जागृत करने के साथ ही उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने एवं कार्य स्थल पर उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यवस्थापकों के विरूद्ध करने के भी निर्देश दिए गए.

जांच पर विशेष रूप से फोकस:
स्वरूप ने कोविड-19 की कड़ी को रोकने के लिए जांच पर विशेष रूप से फोकस करने के निर्देश दिए. विशेष रूप से वल्नरेबल गु्रप, सुपर स्प्रेडर आदि पर विशेष ध्यान देने के साथ ही सघन आबादी वाली बस्तियों एवं पॉजिटिव मामलों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर पर्याप्त मात्रा में सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं.उन्होंने बताया कि पॉजिटिव की संख्या को ध्यान में रखते हुए पाली जिले में अतिरिक्त राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अधिकारी एवं अलवर, बीकानेर व पाली में अतिरिक्त चिकित्सा दल भेजे गए हैं.कोविड-19 के प्रसार के पैटर्न का अध्सययन कर पाली शहर, बाड़मेर शहर, बीकानेर चार दीवारी, सांचौर आदि क्षेत्रों में कठोर कंटेंमेंट लागू किया गया है.

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