ऑक्सीजन उत्पादन में राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर, प्रतिदिन 1 हजार मीट्रिक टन प्राणवायू होगी पैदा

ऑक्सीजन उत्पादन में राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर, प्रतिदिन 1 हजार मीट्रिक टन प्राणवायू होगी पैदा

ऑक्सीजन उत्पादन में राजस्थान बनेगा आत्मनिर्भर, प्रतिदिन 1 हजार मीट्रिक टन प्राणवायू होगी पैदा

जयपुर: चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा (Medical Minister Dr. Raghu Sharma) ने कहा कि ऑक्सीजन उत्पादन (Oxygen Production) के क्षेत्र में राजस्थान जल्द ही आत्मनिर्भर (Self Dependent) बन जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में विभिन्न संस्थानों द्वारा लगाए जा रहे ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट्स (Oxygen Generation Plants) तथा अन्य उपकरणों के जरिए आने वाले दिनों में लगभग 1 हजार मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकेगा.

तीसरी लहर का राजस्थान सरकार सामना करने को तैयार:
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि दूसरी लहर (Second Wave) में सबसे ज्यादा परेशानी ऑक्सीजन को लेकर देखने में आई. इससे निजात पाने के लिए सरकार ऑक्सीजन उत्पादन के पुख्ता इंतजाम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विभिन्न जगहों पर लगाए जा रहे ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट, ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर के जरिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन का उत्पादन किया जा सकेगा. उन्होंने कहा कि तीसरी लहर में हालात कैसे भी हों सरकार इसका सामना करने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारी कर रही है. 

सभी जिलों में नीकू, पीकू, SNCU और MCH को बनाया जा रहा है सुदृढ़:
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार तीसरी लहर से बच्चे प्रभावित हो सकते हैं. इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी बच्चों के अस्पतालों के नीकू, पीकू, SNCU और MCH को सुदृढ़ करने के लिए विभाग काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाए जन अनुशासन पखवाड़ा, घर-घर सर्वे, व्यापक स्तर पर आरटीपीसीआर और एंटीजन टेस्ट करवाने और घर-घर दवाओं की किट पहुंचाने के परिणाम स्वरूप अब प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर का असर तेजी से कम हो रहा है. प्रदेश में रिकवरी रेट 98 फीसद से ज्यादा तक पहुंच गई है. 

प्रदेश के चयनित सीएचसी को में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही:
चिकित्सा मंत्री ने बताया कि कोविड की तीसर लहर (Third Wave) की आशंका को देखते हुए प्रदेश के 350  से अधिक  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) का चयन कर वहां मेडिकल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इन केंद्रों पर ऑक्सीजन व अन्य उपकरणों की की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा 21 जून से 18 से 44 आयु वर्ग के लोगों को वैक्सीन लगाने की घोषणा की गई है लेकिन राज्य सरकार तो 100 करोड़ से ज्यादा की धनराशि खर्च कर इस आयुवर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन (Vaccination) 1 मई से ही कर रही है.

केंद्र द्वारा पर्याप्त वैक्सीन डोज मिलने पर आमजन का हो सकेगा सही वैक्सीनेशन:
उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा वैक्सीनेशन का पूर्ण सदुपयोग किया जा रहा है. प्रदेश में 18 से 44 आयु वर्ग के वैक्सीनेशन में जीरो प्रतिशत और 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के वैक्सीनेशन में केवल 0.7 प्रतिशत वेस्टेज है, जबकि केंद्र सरकार द्वारा 10 प्रतिशत तक वेस्टेज अनुमत है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में चिकित्सा विभाग के 18000 वैक्सीनेशन केंद्र हैं और पर्याप्त स्टोरेज कैपेसिटी भी है. चिकित्सा विभाग एक दिन में लगभग 15 लाख डोज लगाने की क्षमता भी रखता है. 

यदि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में डोज उपलब्ध कराई जाती है तो विभाग राज्य के लोगों का निर्बाध और समयबद्ध रूप से वैक्सीनेशन कर सकता है.

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