Covid से जंग जीत रहा Rajasthan: दो महीने बाद पहली बार 16 जिलों में एक भी मौत नहीं, Lockdown की वजह से घटे संक्रमण के रोगी

Covid से जंग जीत रहा Rajasthan: दो महीने बाद पहली बार 16 जिलों में एक भी मौत नहीं, Lockdown की वजह से घटे संक्रमण के रोगी

Covid से जंग जीत रहा Rajasthan: दो महीने बाद पहली बार 16 जिलों में एक भी मौत नहीं, Lockdown की वजह से घटे संक्रमण के रोगी

जयपुर: राजस्थान सरकार (Government of Rajasthan) ने कोविड के शुरू होने पर स्लोग्न राजस्थान सतर्क है (Rajasthan is on Alert) के माध्यम से बताया था कि राजस्थान कोरोना को लेकर सर्तक है. राजस्थान सरकार ने पिछले साल कोरोना के शुरू होने के बाद भीलवाड़ा मॉडल (Bhilwara Model) को लेकर विश्वव्यापी वाहवाही (Worldwide Applause) लूटी थी. उन दिनों में राजस्थान में भीलवाड़ा मॉडल नो मास्क नो एंट्री (No Mask No Entry) जैसे कई फार्मूले जमकर वायरल हुए थे और गहलोत सरकार ने जमकर वाहवाही लूटी थी. दूसरी लहर में भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कुछ फॉर्मूले काम कर रहे हैं और इस दूसरी लहर में लग रहा है कि राजस्थान कोरोना से जंग जीत रहा है.

प्रदेशवासीयों ने मिलकर हराया कोरोना को:
कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave) को राजस्थान के लोगों ने मिलकर हराया. यही वजह है कि महामारी की दूसरी लहर अब कमजोर पड़ने लगी है. यहां करीब दो महीने बाद पहली बार प्रदेश के 16 जिलों में एक भी मौत कोरोना संक्रमण की वजह से नहीं हुई. पूरे प्रदेश की बात करें तो यहां 16 अप्रैल के बाद 5 जून शनिवार को 33 जिलों में सबसे कम 32 मौतें हुई. कोरोना जब पीक पर था तब राजस्थान में संक्रमण से रोज डेढ़ सौ से ज्यादा मौतें हो रही थीं.

अब तक कोरोना से 8631 लोग दम तोड़ चुके:
चिकित्सा विभाग (Medical Department) की रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान में अब तक कोरोना से 8631 लोग दम तोड़ चुके हैं. प्रदेश में पिछले 66 दिन बाद 1000 से कम कोरोना रोगी मिले. यहां शनिवार को महज 942 पॉजिटिव केस मिले है. जो की राहत की खबर है. पिछले 24 घंटे में 53 हजार 944 सैंपल लिए गए थे. इनमें से 942 लोग ही कोरोना पॉजिटिव पाए गए. अब कोरोना पॉजिटिव होने की दर 2 फीसदी से कम होकर 1.74 प्रतिशत रह गई है. एक्टिव रोगी (Active Patient) भी घटकर 21,550 हो गए है. रिकवरी दर (Recovery Rate) बढ़कर 97 प्रतिशत के पास पहुंच गई है. शनिवार को सिर्फ दो शहरों में 100 से ज्यादा कोरोना मरीज मिले. इनमें जयपुर में 170 और अलवर में 133 पाए गए.

इन जिलों में शनिवार को नहीं हुई एक भी मौत:
अजमेर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, नागौर, पाली, सवाईमाधोपुर, टोंक में शनिवार को कोरोना से एक भी मौत सरकारी आंकड़ों (Official Statistics) के हिसाब से नहीं हुई है.

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 2800 टीमें कर रही सर्वे:
जयपुर जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण (Covid Infection) रोकने के लिए JDA ने डोर-टू-डोर सर्वे के लिए 2800 टीमें बनाकर ग्राउंड पर उतारी है. इन टीमों की मॉनिटिरिंग के लिए 52 प्रभारी अधिकारी लगाए है. प्रत्येक टीम रोजाना 30 से 50 घरों का सर्वे कर कोविड लक्षणों वाले लोगों की पहचान कर रही है. इनमें ग्रामीण इलाकों में 1500 और शहरी क्षेत्रों में 1300 टीमें लगा रखी है. इस सर्वे की मॉनिटरिंग के लिए JDA में कंट्रोल रूम बनाया गया है. इसके अलावा चार PHC और CHC का एक जोन बनाया है.

लॉकडाउन और सख्ती की वजह से कम हुई संक्रमण रेट:
चिकित्सा विभाग के अनुसार राजस्थान में कोरोना घटने के पीछे 50 दिन से लगा सख्त लॉकडाउन है. इसमें लोग घरों में रहें इससे कोरोना की चेन टूटने में मदद मिली. अब बाजार मंगलवार से अनलॉक हो रहे हैं, ऐसे में विभाग और सरकार ने अपील की है कि अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है, लोगों को मास्क हर वक्त लगाकर रखना चाहिए. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) का पालन लगातार करते रहना चाहिए. क्योंकि अभी भी कोरोना का खतरा टला नहीं है.

अस्पतालों में बेड्स खाली:
कोरोना संक्रमण घटने के चलते अस्पतालों में अब रोगी घटने लगे हैं. 33 जिलों में अब कहीं पर 50 तो कहीं पर 70 प्रतिशत से अधिक बे्डस खाली है. ऑक्सीजन (Oxygen) का संकट तो पहले ही खत्म हो चुका है.

 

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