मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार का अभी और करना होगा इंतजार! कांग्रेस आलाकमान ने बदला अपना मैंडेट

जयपुर: प्रेदश में मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार का अभी और इंतजार करना होगा. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने अपना मैंडेट बदला है और प्रदेश नेतृत्व को सबसे पहले उपचुनाव जीतने का टास्क दिया है. ऐसे में इसके बाद ही मंत्रिमंडल फेरबदल-विस्तार करने का निर्देश दिया है. इसके लिए आलाकमान चारों विधानसभा सीटों पर AICC के पर्यवेक्षक भेजेगा. 

इससे पहले बजट सत्र के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार-फेरबदल की अटकलें थी. लेकिन अब संभवत: मार्च के बाद ही मंत्रिमंडल विस्तार होगा. हालांकि बजट सत्र के बाद राजनीतिक नियुक्तियां हो सकतीं है. दूसरी ओर पायलट कैम्प उप चुनाव से पहले कम से कम अपने दो विधायक विश्वेन्द्र सिंह और रमेश मीणा को मंत्री बनवाने की पूरी कोशिशें कर रहा है. इसके लिए प्रभारी अजय माकन के मार्फत अपनी बात भी रखी गई है. अलबत्ता आलाकमान से चर्चा कर मुख्यमंत्री गहलोत ही अंतिम फैसला लेंगे.   

पिछले कई महीनों से लगाए जा रहे कयास:
गौरतलब है कि राजस्थान में मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार के कयास पिछले कई महीनों से लगाए जा रहे हैं. करीब दस दिन पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अजय माकन  के बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया था. माकन ने साफ कर दिया था कि बजट सत्र के दौरान मंत्रिमंडल विस्तार मुमकिन नहीं है. 

आखिर यह इंतजार अभी और कितना लम्बा होगा? 
अब सवाल यह है कि आखिर यह इंतजार अभी और कितना लम्बा होगा? क्या बजट सत्र के बाद नये मंत्री बना दिए जाएंगे या फिर इसके लिए और भी लम्बा इंतजार करना होगा? कांग्रेस प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने हालांकि तब बजट सत्र का हवाला दिया था, लेकिन देश-प्रदेश की राजनीतिक स्थितियों पर अगर गौर किया जाये तो ऐसा प्रतीत होता है कि मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए विधायकों को इसके बाद भी कुछ महीने और इंतजार करना पड़ सकता है. 

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