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लद्दाख में बोले राजनाथ- कश्मीर पाकिस्तान के पास था कब, जो अब रो रहे हो

लद्दाख में बोले राजनाथ- कश्मीर पाकिस्तान के पास था कब, जो अब रो रहे हो

नई दिल्लीः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज लद्दाख पहुंचे. यहां किसान-जवान मेले का उद्धाटन करने के बाद राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि मैं पाकिस्तान से पूछना चाहता हूं कि कश्मीर कब उनका था कि इसे लेकर रो रहे हैं. पाकिस्तान बन गया तो हम आपके वजूद का सम्मान करते हैं. इसका अर्थ यह नहीं है कि कश्मीर को लेकर वह लगातार बयानबाजी करता रहेगा.

पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान अवैध क़ब्ज़ा: 
रक्षा मंत्री ने कहा, ''कश्मीर हमारा रहा है इस बात पर इस देश में कभी शक-शुबहा नहीं रहा है. सच्चाई यह है कि पीओके और गिलगिट-बाल्टिस्तान पर पाकिस्तान अवैध क़ब्ज़ा बनाया हुआ है. पाकिस्तान को PoK के नागरिकों के मानवाधिकारों के हनन पर ध्यान देना चाहिए.''

हमने लद्दाख की जनभावना का सम्मान किया: 
राजनाथ सिंह ने कहा, ''जब लद्दाख को हमने संसद में कानून बनाकर अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया तो हमने यहां की जनभावना का तो सम्मान किया ही साथ ही समस्याओं का समाधान भी दिया है. हमारे प्रधानमंत्री ने यह साफ कर दिया है कि भारत के सामरिक क्षेत्र के लिए हम स्थानीय समाधान लेकर आयेंगे.''

लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद पहला दौरा: 
जम्मू-कश्मीर से अलग कर इस महीने की शुरुआत में लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया. केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से यह किसी केंद्र सरकार के मंत्री का इलाके का पहला दौरा है.
 

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VIDEO: पवन बंसल बने कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अहमद पटेल के निधन से खाली हुई जगह को संभालेंगे

जयपुर: दुनिया के सबसे बड़े सार्वजनिक मंत्रालय को संभाल चुके पवन कुमार बंसल को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है. कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी ने उनके नाम का ऐलान किया. अहमद पटेल के निधन के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर कौन संभालेगा उनके स्थान को. कांग्रेस आलाकमान ने सबको अचंभित करते हुए बंसल को यह जिम्मा सौंपा है. मनमोहन सरकार में पवन बंसल देश के रेल मंत्री रह चुके हैं गांधी परिवार के भरोसेमंद और वफादार माने जाते हैं. चंडीगढ़ से सांसद रह चुके बंसल पर्दे के पीछे रहकर काम करने में यकीन रखते हैं.

बंसल को माना जाता है गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में: 
पवन कुमार बंसल को आखिर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का कोषाध्यक्ष क्यों बनाया गया. यह बड़ा सवाल है जो सियासी हलकों में घूम रहा है, लेकिन जो गांधी परिवार को जानते हैं वह कांग्रेस की इस तरह की पॉलिटिक्स को भलीभांति समझते भी है कि कैसे गांधी परिवार अचंभित करने वाले निर्णय लेता रहा है. बंसल को गांधी परिवार के विश्वस्त नेताओं में माना जाता है. केंद्रीय मंत्री रहते हुए एक बार जरूर उन पर लांछन लगा, लेकिन गांधी परिवार का उनके प्रति विश्वास कभी कम नहीं हुआ ना ही प्रश्नचिन्ह लगा. कोषाध्यक्ष पद को लेकर उनकी काबिलियत यूं परखी गई कि पवन कुमार बंसल मनमोहन सरकार के पहले कार्यकाल में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री का पद संभाल चुके हैं ,गुणा भाग कि उनको बखूबी जानकारी है फिलहाल वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय का प्रशासनिक कामकाज देख रहे थे. अब अतिरिक्त जिम्मेदारी के तौर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पद संभालेंगे.

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बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं:
मरहूम दिग्गज नेता अहमद पटेल के स्थान पर बड़ी जिम्मेदारी पवन कुमार बंसल को उठानी है. कांग्रेस के फंडरेजर के तौर पर उन्हें काम करना होगा. मनमोहन सरकार की दोनों कार्यकाल में कई महकमों को संभाल चुके पवन कुमार बंसल के लिए यह पद किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. पूरे देश में छत्तीसगढ़ और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में ही कांग्रेस का राज है, दूसरी और बंगाल का चुनाव सामने है ,इसके बाद दक्षिण भारत के राज्य में चुनाव होने है. इन तमाम चुनाव को लेकर फंड मैनेजमेंट का बड़ा दायित्व पवन कुमार बंसल को उठाना होगा. ऐसा कहा जा रहा है कि उनके नाम को लेकर काफी चर्चा हुई. कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने उनके नाम को लेकर रजामंदी जताई , साथ ही कांग्रेस के थिंक टैंक के प्रमुख नेताओं ने भी बंसल के नाम पर सहमति दी इसके बाद ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने और कुमार बंसल के नाम को आगे किया.

राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम थे चर्चाओं में:
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पद को लेकर कई नाम चर्चाओं में थे, लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने पवन कुमार बंसल पर भरोसा जताया  बंसल का ताल्लुक वैश्य समुदाय से है और देश के नामचीन औद्योगिक घरानों से उनके मधुर संबंध है, केंद्रीय मंत्री पद पर रहते हुए उनकी नजदीकियां प्रमुख औद्योगिक घरानों से रही और समय-समय पर कांग्रेस के फंड को मजबूत करने में उनकी भूमिका भी रही है. अहमद पटेल की तरह बंसल एक बड़ा नाम नहीं है और ना ही अहमद पटेल जैसी राजनीतिक सूझबूझ रखते हैं , ना ही वो कांग्रेस की धुर पहली पंक्ति के नेता कहे जाते रहे है ,इसके बावजूद उन्होंने रेल मंत्रालय संभाला था और लो प्रोफाइल रहकर काम करना उनका शगल रहा है और अपना काम करने में यकीन रखते हैं.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

VIDEO: अहमद पटेल की जगह लेंगे पवन बंसल, सौंपी कांग्रेस के कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन कुमार बंसल को पार्टी कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. अहमद पटेल का हाल ही में निधन होने जाने के कारण यह पद खाली था. 

पार्टी के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बंसल को तत्काल प्रभाव से कोषाध्यक्ष की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है. पूर्व रेल मंत्री बंसल फिलहाल पार्टी के प्रशासनिक मामलों के प्रभारी हैं. 

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कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार रहे पटेल का 25 नवंबर को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया था.वह कुछ हफ्ते पहले कोरोना वायरस से संक्रमित हुए थे। पटेल 71 साल के थे.

महेंद्रजीत मालवीय के वक्तव्य से कांग्रेस में सियासत, पीसीसी चीफ डोटासरा ले रहे फीडबैक

जयपुर: कांग्रेस नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के बीटीपी विधायकों के कथित खरीद-फरोख्त करने सम्बन्धी वायरल वीडियो के बाद अब कांग्रेस में सियासत गरमा गई है. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा इसका फीडबैक ले रहे हैं. पीसीसी ने विधायक मालवीय से बयान को लेकर जानकारी भी मांगी है. इसके साथ ही पीसीसी अपने स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम का फीडबैक जुटा रही है. इस बारे में प्रभारी अजय माकन ने डोटासरा से भी बात की है. 

महेंद्रजीत सिंह मालवीय का एक वीडियो वायरल हो रहा:
आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं बागीदौरा से विधायक महेंद्रजीत सिंह मालवीय का एक वीडियो वायरल हुआ है. यह वायरल वीडियो 25 नवंबर का बताया जा रहा है. इसमें बांसवाड़ा स्थित आनंदपुरी की मुंदरी पंचायत में मालवीय यह कहते हुये बताये जा रहे हैं कि डूंगरपुर वाले बीटीपी के दोनों विधायकों ने 10 -10 करोड़ रुपए लिए हैं. राज्यसभा चुनाव के दौरान 5-5 करोड़ रुपए और सरकार पर सियासी संकट के समय भी 5-5 करोड़ रुपए लिए हैं. मालवीय इस वीडियो में आगे कहते हैं कि मुझे तो कोई दस करोड़ दे तो मैं चुपचाप घर चला जाऊंगा. लेकिन बीटीपी के दोनों विधायकों को पैसे खा कर मस्ती सूझी है. 

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बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा: 
इस वीडियो के वायरल होने पर बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा है. बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने कहा है कि राजस्थान में सरकार स्वयं हॉर्स ट्रेडिंग के काम में लगी हुई है. अरुण चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि वह अपने गिरेबान में झांके और दूसरों पर आरोप लगाने के स्थान पर अपने घर को संभालें. चतुर्वेदी ने कहा की आपका घर बिखर रहा है उस घर को जमाने की जिम्मेदारी बीजेपी की नहीं है. वह जिम्मेदारी आपकी स्वयं की है.

वीडियो वायरल होने के बाद बीटीपी विधायकों ने भी पलटवार किया:
वहीं दूसरी ओर बीटीपी विधायकों के कथित खरीद-फरोख्त करने सम्बन्धी वायरल वीडियो के बाद बीटीपी विधायकों ने भी पलटवार किया. आरोपों के कटघरे में आये बीटीपी विधायकों ने बयान जारी करते हुए खुद पर लग रहे आरोपों को निराधार बताया है. साथ ही कांग्रेस नेता मालवीय पर निशाना साधा है. बीटीपी विधायक राजकुमार रोत ने कहा है कि कांग्रेस नेता महेंद्रजीत सिंह मालवीय गांधी परिवार और मुख्यमंत्री के नाम पर कांग्रेस की दुकान चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान देकर कांग्रेस नेता खुद की पार्टी पर ही विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगा रहे हैं. 


 

राहुल और प्रियंका ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा -‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहंकार’ ने जवान को किसान के खिलाफ खड़ा कर दिया

राहुल और प्रियंका ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा -‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहंकार’ ने जवान को किसान के खिलाफ खड़ा कर दिया

नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली पहुंचने से रोके जाने के प्रयास को लेकर शनिवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अहंकार’ ने जवान को किसान के खिलाफ खड़ा कर दिया है. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि दिल्ली आने वाले पूंजीपतियों के लिए लाल कालीन बिछाई जाती है, जबकि किसानों के आने पर रास्ते खोदे जा रहे हैं.

बड़ी ही दुखद फ़ोटो है। हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था लेकिन आज PM मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया।

यह बहुत ख़तरनाक है। pic.twitter.com/1pArTEECsU

— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 28, 2020

मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया:
राहुल गांधी ने एक सुरक्षाकर्मी द्वारा किसान पर लाठी भांजने संबंधी एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया कि बड़ी ही दुखद फ़ोटो है. हमारा नारा तो ‘जय जवान जय किसान’ का था लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के अहंकार ने जवान को किसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर दिया. यह बहुत ख़तरनाक है.

किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे: 
प्रियंका गांधी ने ट्वीट के माध्यम से दावा किया कि भाजपा सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए जब भाजपा के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है. मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं. उन्होंने सवाल किया कि दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत? 

भाजपा सरकार में देश की व्यवस्था को देखिए

जब भाजपा के खरबपति मित्र दिल्ली आते हैं तो उनके लिए लाल कालीन डाली जाती है।

मगर किसानों के लिए दिल्ली आने के रास्ते खोदे जा रहे हैं।

दिल्ली किसानों के खिलाफ कानून बनाए वह ठीक, मगर सरकार को अपनी बात सुनाने किसान दिल्ली आए तो वह गलत? pic.twitter.com/rm7CFmaWAL

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) November 28, 2020

किसानों को शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने की अनुमति दे दी:
उल्लेखनीय है कि कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली कूच कर रहे किसानों को शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल होने की अनुमति दे दी गई और वे बुराड़ी के मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं. इससे पहले हरियाणा में कई स्थानों पर पुलिस ने किसानों को रोकने के प्रयास के तहत पानी की बौछार और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया.

येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव आत्महत्या के कथित प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती

येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव आत्महत्या के कथित प्रयास के बाद अस्पताल में भर्ती

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के राजनीतिक सचिव एवं रिश्तेदार एन आर संतोष को कथित तौर पर आत्महत्या की कोशिश करने के बाद शुक्रवार देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया. पुलिस सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी.

नींद की गोलिंया खा कर आत्महत्या की कोशिश की:
उन्होंने बताया कि सचिव को यहां डॉलर्स कॉलोनी आवास में बेहोशी की हालत में पाए जाने के बाद परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल में ले गए. येदियुरप्पा कल रात अस्पताल गए. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने संतोष को हमेशा ‘‘खुश’’ देखा है. सूत्रों के अनुसार संतोष ने नींद की गोलिंया खा कर आत्महत्या की कोशिश की. मुख्यमंत्री ने कहा कि संतोष को अच्छा उपचार मिल रहा है.

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घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा: 
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि आज सुबह हम 45 मिनट तक टहले. कल भी मैंने देखा कि वह खुश थे. मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों हुआ. मैं पता करूंगा और उनके परिवार से बात करूंगा. पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है.

मई में मुख्यमंत्री का राजनीतिक सचिव नियुक्त किया गया था:
संतोष को इस वर्ष मई में मुख्यमंत्री का राजनीतिक सचिव नियुक्त किया गया था. ऐसी खबरें थीं कि येदियुरप्पा के कुछ खास लोगों से कथित मतभेद के चलते संतोष मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव के पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

जेल में बंद लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई 11 दिसंबर तक टली

जेल में बंद लालू की जमानत याचिका पर सुनवाई  11 दिसंबर तक टली

रांची: साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये के चारा घोटाले के मामले में जेल में बंद लालू यादव की जमानत याचिका पर अदालत ने 11 दिसंबर तक रोक लगा दी है. खबर है कि चारा घोटाले के चार अलग-अलग मामलों में से एक में राजद नेता लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर झारखंड उच्च न्यायालय ने सुनवाई 11 दिसंबर तक के लिए स्थगित कर दी है. आपको बता दे कि इस मामले में लालू को 14 वर्ष तक की कैद की सजा सुनाई गई थी और इस समय उनका रांची स्थित राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में इलाज चल रहा है. 

लालू के स्थानीय अधिवक्ता प्रभात कुमार ने पीटीआई-भाषा को बताया है कि झारखंड उच्च न्यायालय में चारा घोटाले के दुमका कोषागार से गबन से जुड़े मामले में लालू की जमानत याचिका पर अब 11 दिसंबर को आगे की सुनवाई होगी. लालू की ओर से दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई से जुड़े उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने लालू प्रसाद की न्यायिक हिरासत में 42 माह, 28 दिनों की हिरासत की अवधि पूरी होने की बात सिद्ध (कस्टडी प्रूफ) करने के लिए समय मांगा जिसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई 11 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई है. 

इससे पूर्व न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ के समक्ष सीबीआई ने दावा किया कि अन्य मामलों की न्यायिक हिरासत को जोड़ लेने पर भी लालू ने दुमका मामले में अभी सिर्फ 34 माह ही न्यायिक हिरासत में बिताये हैं, जबकि सिब्बल ने दावा किया कि लालू ने इस मामले में 42 माह, 28 दिन न्यायिक हिरासत में पूरे कर लिये हैं. सीबीआई ने कहा कि वैसे तो अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 427 के तहत निचली अदालत द्वारा अलग से उल्लेख न करने की स्थिति में लालू की सभी मामलों में सजाएं एक के बाद एक चलनी चाहिए और उस लिहाज से दुमका मामले में अब तक लालू ने न्यायिक हिरासत में एक दिन भी नहीं बिताया है.

सीबीआई ने दलील दी कि लालू को दुमका मामले में भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत सात वर्ष कैद एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी सात वर्ष कैद की सजा सुनायी गयी है जिसे मिलाकर उनकी इस मामले में कुल सजा चौदह वर्ष की हो जाती है. अदालत ने कहा कि सीबीआई द्वारा उठाये गये इस पक्ष पर अंतिम सुनवाई के दौरान विचार किया जायेगा. इससे पूर्व इस मामले में 24 नवंबर को दाखिल अपने जवाब में सीबीआई ने दावा किया था कि वास्तव में लालू प्रसाद ने दुमका कोषागार से गबन के मामले में अब तक एक दिन की भी सजा नहीं काटी है लिहाजा उन्हें इस मामले में अभी जमानत देने का कोई भी पुख्ता आधार नहीं बनता है.

जबकि लालू के वकीलों ने दावा किया था कि लालू ने इस मामले में अपनी आधी सजा न्यायिक हिरासत में पूरी कर ली है. चारा घोटाले से जुड़े दुमका मामले में लालू को विशेष सीबीआई अदालत ने चौदह वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. उन्हें चार मामलों में से तीन में पहले ही जमानत मिल चुकी है. फिलहाल आगे क्या होगा ये तो वक्त ही बताएगा. आपको बता दे कि हाल ही में लालू प्रसाद के खिलाफ एक मामला दर्द किया है जिसमें उनके खिलाफ बीजेपी नेताओं की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया गया है.  (सोर्स-भाषा)

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झालावाड़ में कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा - जिसको दारू पीनी है दारू पी ले जिससे पैसे लेना हो पैसे ले ले, लेकिन वोट कांग्रेस को ही दें

झालावाड़ में कांग्रेस नेता के बिगड़े बोल, कहा - जिसको दारू पीनी है दारू पी ले जिससे पैसे लेना हो पैसे ले ले, लेकिन वोट कांग्रेस को ही दें

झालावाड़: जिले में पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव में कांग्रेस व भाजपा में घमासान मचा हुआ है. दोनों ही पार्टियों में सीधी टक्कर है. इसी के चलते दोनों ही दलों के नेताओं ने गांव-गांव ढ़ाणी-ढ़ाणी की खाक छान मारी है. इसके साथ ही मतदाताओं को प्रलोभन देने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. 

"जिसको दारू पीना हो दारू पी ले जिसको पैसे लेना हो पैसे ले ले'': 
पंचायत चुनाव को लेकर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैलाश मीणा ने सभा को संबोधित करते हुए मतदाताओं से कहा कि वोट से आप किसी को भी बना दो चलनी तो हमारी ही है. ऐसे में आप लोगों को ज्यादा ज्ञान और ध्यान लगाने की जरूरत नहीं है. चार पांच दिन है "जिसको दारू पीना हो दारू पी ले जिसको पैसे लेना हो पैसे ले ले' लेकिन वोट तो कांग्रेस को ही दो. कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं मनोहर थाना के पूर्व विधायक कैलाश मीणा के बिगड़े बोल का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. हालांकि फर्स्ट इंडिया इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. 

विन्रम अपील की जगह दिया प्रलोभन: 
कांग्रेस जिलाध्यक्ष कैलाश मीणा ने झालावाड़ जिले के अकलेरा पंचायत समिति के वार्ड नं. 8 में कांग्रेस के उम्मीदवार सुरेश तंवर के सर्मधन में सभा करते हुए मतदाताओं से विन्रम अपील की जगह शराब और पैसे का प्रलोभन देते हुए वोट देने को कहा है.  

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अकलेरा पंचायत समिति में सरड़ा पंचायत को हॉट सीट माना जा रहा: 
गौरतलब है कि सरड़ा कस्बे में भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व सरपंच रोशन सिंह तंवर तो वहीं कांग्रेस की ओर से पूर्व सरपंच मनोहर सिंह तंवर के बेटे सुरेश तंवर चुनावी मैदान में है. दोनों तंवर प्रत्याशी के होने से अकलेरा पंचायत समिति में सरड़ा पंचायत को हॉट सीट माना जा रहा है. जहां आगामी 1 दिसंबर को चुनाव होने हैं. ऐसे में दोनों प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर लगाते दिखाई देने लगे हैं. सरड़ा कस्बे में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की लोगों को जानकारी देते हुए अपने समर्थक को भारी मतों से जिताने की अपील की. 

वीडियो वायरल होने पर दी सफाई:
जब जिलाध्यक्ष को वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने की जानकारी मिली तो उन्होंने इसे बीजेपी की साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि जहां वो प्रचार कर रहे थे वहां बीजेपी के लोग शराब पिला रहे थे. मतदाताओं को लुभाने का प्रयास किया जा रहा था. इसी को लेकर मैंने कहा था कि खाओ पीओ लेकिन वोट कांग्रेस को ही देना है. ऐसे में यह सब कांग्रेस को बदनाम करने के लिए बीजेपी की साजिश है. 

Security Issues के चलते महबूबा मुफ्ती औऱ उनकी बेटी इल्तिजा हुई नजरबंद

Security Issues के चलते महबूबा मुफ्ती औऱ उनकी बेटी इल्तिजा हुई नजरबंद

श्रीनगर: हाल ही में  पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने दावा किया है कि उन्हें और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को नजरबंद कर दिया गया है और पार्टी नेता वहीद पर्रा के पुलवामा स्थित आवास पर नहीं जाने दिया जा रहा है. जिसके बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा औऱ उन्होनें विपक्ष पर जमकर निशाना साधा है. आपको बता दे कि पर्रा को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस सप्ताह गिरफ्तार कर लिया था.

पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती  ने कहा कि दो दिन से उन्हें पर्रा के परिवार से मिलने नहीं दिया जा रहा है, जिन्हें निराधार आरोपों पर गिरफ्तार किया गया था. महबूबा ने ट्वीट किया कि मुझे एक बार फिर गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है. दो दिनों से, जम्मू-कश्मीर प्रशासन मुझे पुलवामा में वहीद वर्रा के परिवार से मिलने नहीं दे रहा है. मगर वे चुप नहीं बैठेगीं. 

भाजपा के मंत्रियों और उनकी कठपुतलियों को कश्मीर में हर जगह आने-जाने की अनुमति है लेकिन मेरे मामले में सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती है. उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है. उन्होंने कहा है कि अत्याचार की कोई सीमा नहीं है. वहीद को निराधार आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया गया और मुझे उसके परिवार को सांत्वना देने के लिए मिलने नहीं दिया जा रहा है.

यहां तक कि मेरी बेटी इल्तिजा को भी घर में नजरबंद कर दिया गया है क्याोंकि वह भी वहीद के परिवार से मिलना चाहती है. पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’ (पीडीपी) की प्रमुख ने कहा कि वे आज दिन में विभिन्न मुद्दों पर एक संवाददाता सम्मेलन करेंगी. आपको बता दे कि मुहबूबा मोदी सरकार और उनकी नीतियों की सदा से ही खिलाफत करती आई है और हमेशा शिकायत करती रहती है. (सोर्स-भाषा)

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