राजसमंद Rajsamand: शहर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम

Rajsamand: शहर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम

Rajsamand: शहर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां शुरू, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम

राजसमंद: जिले के वल्लभ संप्रदाय के दो प्रमुख मंदिर नाथद्वारा के श्रीनाथजी और जिला मुख्यालय के द्वारकाधीश मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ ही जन्माष्टमी (Krishan Janmotsav) पर्व की सभी तैयारियां की गई है. मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. सुरक्षा को लेकर मंदिर गार्ड के साथ ही जिला पुलिस के जवानों की भी तैनाती की जाएगी. जिससे दर्शनों के दौरान अप्रिय घटना घटित ना हो. 

यह सभी व्यवस्था मंदिर प्रशासन के साथ जिला प्रशासन ने खाटूश्यामजी में हुए भगदड़ की स्थिति को देखते हुए किया है. राजसमंद (Rajsamand) जिले के दो प्रमुख मंदिरों में जन्माष्टमी पर्व पर प्रदेश ही नहीं अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दोनों ही मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और बड़ी संख्या में भीड़ रहती है. जन्माष्टमी पर्व पर दोनों ही प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही विशेष दर्शनों का दौर शुरू हो जाता है. 

कृष्ण जन्म के साथ ही 21 तोपों की सलामी:

मुख्यत: देर शाम कृष्ण जन्मोत्सव के समय दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की अधिकांश भीड़ रहती है जो कि देर रात 1:00 से 2:00 बजे तक रहता है. नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर में रात्रि 12:00 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म के साथ ही उन्हें 21 तोपों की सलामी दी जाती है. वहीं कांकरोली स्थित द्वारकाधीश मंदिर में 21 बंदूकों की सलामी दी जाती है.

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