जयपुर VIDEO: राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, कांग्रेस के राज्यसभा में सदस्य बढ़ना तय, देखिए खास रिपोर्ट

VIDEO: राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, कांग्रेस के राज्यसभा में सदस्य बढ़ना तय, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुर: उदयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के बीच ही राज्यसभा चुनावों का ऐलान हो गया. इसी साल जून में होने वाले चुनावों में चार सीटों पर चुनाव हो रहा. संख्याबल के लिहाज से तीन सीटें कांग्रेस के खाते में जा सकती कम से कम 4 में से 2 तो प्राप्त हो ही सकती है . दूसरी ओर बीजेपी के खाते में एक सीट जाना तय माना जा रहा. उल्लेखनीय है कि जून 2019 से पहले सभी दस राज्यसभा सीटों पर था भाजपा का कब्जा था . सीएम अशोक गहलोत की कोशिश रहेंगी कि चार में से तीन सीटों पर कांग्रेस फतेह करे.

2022 में चार भाजपा के राज्यसभा सांसदो ओम प्रकाश माथुर, के.जे. अल्फोंस, रामकुमार वर्मा और हर्षवर्धन सिंह डूंगरपुर की सीटें खाली होगी. संख्याबल के अनुसार राज्यसभा के लिए 2022 में होने वाले चुनाव भी कांग्रेस का पलड़ा भारी रहने के आसार हैं. प्रदेश में जुलाई 2022 में राज्यसभा की चार सीटें खाली होंगी, संख्याबल के लिहाज से कांग्रेस के खाते में तीन और एक सीट भाजपा के खाते में जा सकती है, ऐसे में जहां जून 2019 में जहां कांग्रेस के खाते में एक भी सीट नहीं थी वहीं 2022 में 6 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होने की प्रबल संभावना है. वहीं भाजपा को 6 सीटें गंवाने का झटका लग सकता है , जबकि राज्यसभा में बीजेपी को जरूरत है अधिक सीटों की . लेकिन राजस्थान में बीजेपी के पास विधायकों के संख्याबल का अभाव है .

--3सीट प्राप्त करने के लिए क्या रह सकता है कांग्रेस का एजेंडा !--- 

- आगामी विधानसभा चुनावों पर रहेगा फोकस

- जातीय और क्षेत्रीय गणित के अनुसार उम्मीदवार तय होंगे

- वागड़ - मेवाड़ , मारवाड़ से उम्मीदवार सामने आ सकते है

- पिछले कई दशक से उदयपुर संभाग से कोई राज्यसभा में नहीं गया

- एक उम्मीदवार दिल्ली कोटे से बताया जा रहा

---- ये हो सकते है राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के संभावित चेहरे --- 

 

प्रियंका गांधी का नाम सर्वाधिक चर्चाओं में

रणदीप सिंह सुरजेवाला ,भंवर जितेंद्र सिंह,मुकुल वासनिक

रघुवीर सिंह मीना,दिनेश खोड़निया,अश्क अली टाक

मोहन प्रकाश ,दुर्रु मियां के नाम चर्चा में

--- क्या रहेगा बीजेपी का फोकस ! ---

- बीजेपी चाहेगी कि स्थानीय नेता को मिले टिकट

- दूसरी सीट पर भी उम्मीदवार उतारने की योजना

- कांग्रेस से तीसरी सीट के लिए जंग लडने की तैयारी है बीजेपी की

- बीजेपी की कोशिश रहेगी कि तीसरी सीट के फेर में कांग्रेस की अंतर्कलह सामने आए

बीते राज्यसभा चुनाव में तीन सीटों में से कांग्रेस पार्टी ने दो सीटों पर कब्जा जमाया था , जबकि एक सीट भाजपा के खाते में गई थी. कांग्रेस प्रत्याशी के.सी. वेणुगोपाल और नीरज डांगी ने मतदान में सरप्लस वोटों से जीत दर्ज की थी. इसी के साथ राजस्थान से कांग्रेस के राज्यसभा सांसदों की संख्या तीन हो गई है थी . इससे पहले अगस्त 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह यहां से निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुने गए थे. जून 2019 में भाजपा के राज्यसभा सांसद मदन लाल सैनी के निधन होने के चलते यह सीट खाली हुई थी. इस सीट पर मनमोहन सिंह के राज्यसभा सांसद बनने के साथ ही कांग्रेस पार्टी का भी संसद में खाता खुला था, इससे पहले राज्यसभा की सभी 10 सीटों और लोकसभा की सभी 25 सीटों पर भाजपा का कब्जा था.   कांग्रेस और बीजेपी का 13 निर्दलीय विधायक, बीटीपी और आरएलपी विधायकों पर विशेष फोकस रहेगा . सीएम अशोक गहलोत की रणनीति पर कांग्रेस की सियासत टिकी है . जब मनमोहन सिंह यहां से राजसभा चुनाव जीते थे तब उनको प्राप्त संख्याबल ने कांग्रेस को बड़ी जीत दिलाई थी तब संख्याबल क्या था दिखाते ग्राफिक्स के जरिए.

----मनमोहन सिंह कैसे बने थे राजस्थान से राज्यसभा MP - 

विधानसभा की कुल सीटें-200

विधायकों की संख्या है - 198

कांग्रेस-100 प्लस 6 विधायक

बीएसपी से कांग्रेस में आए 6 विधायक 

निर्दलीय-13 विधायक

आर एल डी -1विधायक

बीटीपी - 2

कुल विधायकों की संख्या  -122 

-संख्या बल बना निर्विरोध निर्वाचन का आधार 

-गहलोत की सियासी जादूगरी ने मोर्चा मार लिया 

-डॉ मनमोहन सिंह की सम्पूर्ण रणनीति गहलोत ने बनाई थी

हाल ही में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर कई अर्थ है इसके बाद अगले साल राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने है. चिंतन शिविर में राज्यसभा चुनाव पर मंथन होगा.

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