अयोध्या जमीन विवाद में SC का बड़ा फैसला, मध्यस्थता से सुलझेगा विवाद

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/08 10:46

अयोध्या। सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर जन्मभूमि विवाद मामले में मध्यस्थता कमेटी तय हो गई है। अब तीन हप्तों में कमेटी को रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपनी होगी। अयोध्या भूमि विवाद में मध्यस्थता को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट अहम फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले का हल मध्यस्थता के जरिए निकाला जाए। 

इसके लिए रिटायर्ड जस्टिस इब्राहिम खलीफुल्लाह की अगुवाई में तीन सदस्यीय मध्यस्थता कमेटी गठित की गई है। इसमें श्रीश्री रविशंकर और श्रीराम पंचू शामिल हैं। मालूम हो इस मामले का फैसला बंद कमरे में होगा। सुप्रीम कोर्ट ने मामले में रिपोर्टिंग करने से सख्त इनकार कर दिया है।

बतादें, सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह पूरी मध्यस्थता की प्रक्रिया अयोध्या में होगी। इसकी कोई मीडिया रिपोर्टिंग नहीं होगी। मध्यस्थता की प्रक्रिया एक हफ्ते में शुरू हो जाना है। मध्यस्थता शुरू होने के चार हफ्ते बाद एक प्रगति रिपोर्ट मांगी है। आठ हफ्ते में मध्यस्थता की प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी। इसके बाद कमेटी को अपनी फाइनल रिपोर्ट सौंपनी होगी।

मालूम हो, हिंदू महासभा मध्यस्थता का विरोध कर रहा था, हालांकि, उसकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में मध्यस्थता के लिए नाम दिए गए हैं। इनमें पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा, पूर्व सीजेआई जेएस खेहर और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज एके पटनायक शामिल थे, वहीं, निर्मोही अखाड़ा की ओर से सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ, एके पटनायक और जीएस सिंघवी का नाम दिया गया। 
 

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