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तीर्थ नगरी पुष्कर में सूर्यग्रहण पर हुई रामधूनी और भजन कीर्तन, श्रद्धालुओं ने किया पवित्र सरोवर में शुद्धिकरण स्नान 

तीर्थ नगरी पुष्कर में सूर्यग्रहण पर हुई रामधूनी और भजन कीर्तन, श्रद्धालुओं ने किया पवित्र सरोवर में शुद्धिकरण स्नान 

पुष्कर: साल 2020 का पहला सूर्यग्रहण रविवार को संपन्न हुआ है. देशभर के कई राज्यों में सूर्यग्रहण के अद्भुत नजारे देखे गए. कहीं चंद्रमा के आकार का सूर्य नजर आया, तो कहीं पर रिंग के आकार का सूर्य नजर आया. वहीं सूर्यग्रहण के चलते दिन में अंधेरा छा गया. तीर्थ नगरी पुष्कर में रविवार को सूर्य ग्रहण के चलते जहां एक तरफ तीर्थ पुरोहित पवित्र घाटों पर रामधुनी और भजन कीर्तन और सरोवर की परिक्रमा करने में मंत्र मुग्ध हो रखे थे. तो वहीं दूसरी तरफ पुष्कर समेत आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने शुद्धिकरण स्नान करके पुण्य के भागीदार बने. 

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राम धूनी और भजन कीर्तन हुए: 
रविवार सुबह से ही सरोवर के पवित्र घाटों पर स्थानीय तीर्थ पुरोहित सरोवर की परिक्रमा की तो वहीं यज्ञ घाट और ब्रह्म घाट पर स्थानीय तीर्थ पुरोहितों ने सोशल डिस्टेंस की पालना के साथ राम धूनी और भजन कीर्तन किए. इसके बाद में पवित्र सरोवर में शुद्धिकरण  स्नान किया. सभी तीर्थ पुरोहितों ने पुष्कराज के जयकारों के साथ शुद्धीकरण स्नान किया.  इसके अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में श्रद्धालुओं ने भी पवित्र सरोवर में शुद्धिकरण स्नान कर दान पुण्य किया.

श्रद्धालुओं ने किया दानपुण्य:
इसके अलावा शुद्धिकरण के साथ ही पुष्कर के मन्दिरों के आरती के साथ कपाट खोले गए हालांकि कोरोना महामारी के चलते मंदिरों में श्रदालुओं के प्रवेश पर राज्य सरकार ने रोक लगाने की वजह से श्रद्धालुओं ने जगतपिता ब्रह्मा मंदिर के सीढ़ियों से ही दर्शन किए. प्रशासन और पुलिस द्वारा कोरोना महामारी के चलते पवित्र सरोवर में स्नान करने पर प्रतिबंध लगाने की वजह से इस बार दूर दराज से श्रदालुओं की आवक काफी कम रही और पुष्कर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के ही श्रदालु आए, जिन्होंने शुद्धिकरण स्नान करके पवित्र सरोवर की पूजा अर्चना कर दान पुण्य किया.

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जयपुर: नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा की पूजा 'कुष्मांडा' के रूप में की जाती है. कूष्मांडा शब्द दो शब्दों यानि कुसुम मतलब फूलों के समान हंसी और आण्ड का अर्थ है ब्रह्मांड. अर्थात वो देवी जिन्होनें अपनी फूलों सी मंद मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड को अपने गर्भ में उत्पन्न किया है. देवी कूष्मांडा की आठ भुजाएं हैं. साथ ही हाथ में अमृत कलश भी है. 

मान्‍यता है कि जब दुनिया नहीं थी, तब इन्होंने ही अपने हास्य से ब्रह्मांड की रचना की थी इसीलिए इन्‍हें सृष्टि की आदिशक्ति कहा गया है. इनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल-पुष्प, अमृतपूर्ण कलश, चक्र, गदा व जप माला है. देवी का वाहन सिंह है. शांत और संयम भाव से माता कुष्मांडा की पूजा करनी चाहिए. इनकी उपासना से भक्तों को सभी सिद्धियां प्राप्त होती हैं. लोग नीरोग होते हैं और आयु व यश में बढ़ोतरी होती है. मां ती सवारी सिंह है जो कि धर्म का प्रतीक है. 

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क्या चढाएं माता को भोग में:
मां कूष्मांडा को मालपुए का भोग अतिप्रिय है. लेकिन भक्तों के पास जो होता है मां उस भोग को भी सहर्ष स्वीकरा कर लेती हैं. 

मां कूष्मांडा की पूजन विधि:
सुबह स्नान करने के हाद हरे वस्त्रों को धारण करें. उसके बाज देवी को हरी इलायची, सौंफ और कुम्हणे का भोग लगाएं. फिर "ओम कूष्मांडा दैव्यै: नम:" मंत्र का 108 बार जाप करें। मां कूष्मांडा की आरती उतारें और प्रसाद चढ़ाएं.

प्रार्थना मंत्र:
सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च.
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु में. 

Horoscope Today, 20 October 2020: नौकरी और मुनाफे में ये राशियां रहेंगी भाग्यशाली, करे ये उपाय

Horoscope Today, 20 October 2020: नौकरी और मुनाफे में ये राशियां रहेंगी भाग्यशाली, करे ये उपाय

जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

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मेष राशि - आज आप माता रानी को चन्दन का तिलक लगाएं, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे और धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को रसमलाई चढ़ाएं. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ पूर्व की ओर मुंह करके 24 बार रोज करें. 

वृष राशि - आज आप माता रानी को नारंगी सिंदूर का तिलक लगाएं, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए मां को गुड़ का भोग लगाए. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 21 बार रोज करें. 

मिथुन राशि - आज आप माता रानी को दही-हल्दी का तिलक लगाएं, पान के पत्तो की माला बना कर अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को मोतीचूर के लडडू चढ़ाएं. धन प्राप्ति मन्त्र का 21 बार जप ईशान दिशा की ओर मुंह करके रोज करें. 

कर्क राशि - आज आप माता रानी को सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाए, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को सफ़ेद तिल की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को 51 बार रोज पढ़ें. 

सिंह राशि - आज आप माता रानी को केसर का तिलक लगाए, हज़ारे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए मां को पञ्च मेवे  की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 27 बार रोज करें. 

कन्या राशि - आज आप माता रानी को हल्दी का तिलक लगाए, कमल का पुष्प अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को पिस्ते  की बनी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का जप उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 54 बार करें. 

तुला राशि - आज आप माता रानी को सफ़ेद चन्दन का तिलक लगाए, मोगरे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को गुड़ से बनी खीर का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र का पाठ 28 बार रोज करें. 

वृश्चिक राशि - आज आप माता रानी को लाल सिंदूर, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को मखाने  का भोग लगाये. रोज धन प्राप्ति मन्त्र 41 बार पढ़ने से लाभ होगा. 

धनु राशि - आज आप माता रानी को पीले चन्दन का तिलक लगाए, हजारे के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को ड्राई फ्रूट बर्फी का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को उत्तर दिशा की ओर मुंह करके 25 बार रोज पढ़ें. 

मकर राशि - आज आप माता रानी को लाल चन्दन का तिलक लगाए, गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को माखन मिश्री का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को रोज 33 बार जरुर पढ़ें. 

कुम्भ राशि - आज आप माता रानी को लाल सिंदूर का तिलक लगाए, नील कमल का पुष्प अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को गुलाब जामुन मिठाई का भोग लगाये. उत्तर की ओर मुंह करके 32 बार रोज धन प्राप्ति मन्त्र पढ़ें. 

मीन राशि - आज आप माता रानी को केसर का तिलक लगाए, पीले गुलाब के पुष्पों की माला अर्पण करे. धन धान्य में वृद्धि के लिए, नौकरी व्यवसाय में तरक्की के लिए माँ को केसर बर्फी मिठाई का भोग लगाये. धन प्राप्ति मन्त्र को 27 बार रोज पढ़ें. 

धन प्राप्ति मन्त्र -
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालेय प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम :

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

20 अक्टूबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

20 अक्टूबर 2020: पंचांग से जानें आज का शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल... 

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शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (शुद्ध ) मास शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि दोपहर 11 बजकर 19 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी. चतुर्थी तिथि में अग्नि, विषादिक असद कार्य, शत्रु मर्दन, इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित हैं. चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी होते हैं.  

शुभ नक्षत्र ज्येष्ठा नक्षत्र रात्रि 2 बजकर 12 मिनट तक तत्पश्चात मूल नक्षत्र रहेगा. ज्येष्ठा नक्षत्र मे अग्नि, शिल्प, चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते हैं. ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्मे जातको कि 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन मूल शांति करवा लेनी चाहिए. ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारों वाला,कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला, सुन्दर, साहसी, व्यापार निपुण, धनवान, बुद्धिमान होता है.

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन वृश्चिक राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव -  अंगारक चतुर्थी

राहुकाल - दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक

दिशाशूल - मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले.    

आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 9.22 मिनट से दोपहर 01.36  मिनट तक चर, लाभ, अमृत का और दोपहर 3.01 मिनट से सायं 4.26 तक शुभ का चौघड़िया

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री


 

Navratri 2020: मां चंद्रघंटा की इस विधि से करें पूजा, पापों का होता है नाश

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जयपुर: नवरात्रि के तीसरे दिन देवी के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है. माता के सिर पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है. इसी वजह से इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है. देवी चंद्रघंटा का वाहन सिंह है. इनकी दस भुजाएं और तीन आंखें हैं. आठ हाथों में खड्ग, बाण जैसे दिव्य अस्त्र-शस्त्र हैं और दो हाथों से ये भक्तों को आशीष देती हैं. इनका संपूर्ण शरीर दिव्य आभामय है. मान्यता है कि माता रानी का चंद्रघंटा स्वरूप भक्तों को निर्भय और सौम्य बनाता है. ज्योतिषियों के अनुसार जिन जातकों का चंद्रमा कमजोर होता है उन्हें मां चंद्रघंटा की पूजा अवश्य करनी चाहिए. 

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कैसे करें पूजा:
मां चंद्रघंटा की पूजा लाल वस्त्र धारण करके करना श्रेष्ठ होता है. मां को लाल पुष्प,रक्त चन्दन और लाल चुनरी समर्पित करना उत्तम होता है. इनकी पूजा से मणिपुर चक्र मजबूत होता है. मां को केसर की खीर और दूध से बनी मिठाई का भोग लगाना चाहिए.  पंचामृत, चीनी व मिश्री भी मां को अर्पित करनी चाहिए.

मां की उपासना का मंत्र
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता.
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुत.

या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता.
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:.

मां चंद्रघंटा की पूजा से पापों का होता है नाश:
माता भक्तों को सभी तरह के पापों से मुक्त करती हैं. इनकी पूजा से बल और यश में बढ़ोतरी होती है. स्वर में दिव्य अलौकिक मधुरता आती है. देवी की घंटे-सी प्रचंड ध्वनि से भयानक राक्षस भय खाते हैं. 

Horoscope Today, 19 October 2020: आज इन पांच राशियों के लिए शानदार रहेगा सोमवार का दिन, पढ़ें दैनिक राशिफल

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मेष(Aries): जोखिम उठाने की जरूरत नहीं सहज ही कार्यसिद्ध हो जाएगा. आज आपको अपने मन और मस्तिष्क पर पूरा नियंत्रण रखना पड़ेगा. किसी साथी की बात पर आप अचानक ही भड़क सकते हैं, जरूरी है आप ठंडे दिमाग से काम ले.  

वृष( Taurus): आज दौड़-भाग के बाद कई काम बन जाएंगे. यदि आप समय के अनुसार चल रहे हैं और जरूरत के मुताबिक यह भी महसूस कर रहे हैं कि आपको रिस्क लेने के लिए तैयार रहना है तो आप इस मामले में अकेले पड़ सकते हैं.  

मिथुन( Gemini): लाभकारी गोचर है समय का सदुपयोग करना ही उचित है. काफी समय के बाद आज आपको अपने व्यक्तिगत जीवन पर सोच-विचार करने की फुर्सत मिलेगी. आज ही कुछ ऐसा भी मौका आ रहा जब आप दूसरों का सहयोग पाने में सफल होंगे.

कर्क( Cancer): किसी शंका के कारण आप पूर्ण लाभ से वंचित हो सकते हैं. आज के दिन आपके लिए ढे़र सारे कार्यक्रम तैयार पड़े हैं. एक ओर जहां आपने आगे की जाने वाली यात्रा का बंदोबस्त करना है वहां अपने काम को बढ़ाने के लिए संपर्क और गठजोड़ भी करने हैं.

सिंह( Leo): मन में उत्साह और प्रसन्नता रहेगी निकटस्थ जनों का सहयोग भी मिलेगा. आज के दिन आपको अपने कामकाज के अलावा रोमांस और मन की इच्छाओं का भी ध्यान रखना पड़ेगा. सांयकाल के समय किसी पिकनिक का प्लान बन सकता है.

कन्या( Virgo): आज वस्तु हानि भी हो सकती है. अपने जीवन में रचनात्मक कार्य की बजाए प्रेम और लक तथा सौभाग्य को ही आपने ज्यादा महत्व दिया है. यदि इन सबसे पहले रचनात्मक कार्यों में ज्यादा तल्लीन रहते तो आपको अपने परिवार और बच्चों का भी समर्थन मिल जाता.

तुला( Libra): बारम्बार लाभ भी होगा और अच्छी खबरें भी मिलेंगे. अपने स्वास्थ्य को लेकर आप के दिन आपको कुछ जरूरी कदम उठाने आवश्यक हैं. इस चर्चा के साथ ही आपको अपने नौकर चाकर या सहयोगीजनों के भुगतान की भी चिंता करनी पड़ेगी.  

वृश्चिक( Scorpio): आजीविका के जटिल प्रश्न हल होते नजर आएंगे. आपके जीवन में कई प्रकार के बदलाव और उतार-चढ़ाव इस दौरान आ रहे हैं. आप कहीं पर भी जाएं वहां भी आपको कुछ न कुछ करके अपने लिए साधन तैयार करना होगा.

धनु( Sagittarius): भाग्योदय में कुछ विलंब हो सकता है. प्रयास जारी रखें. रोमांस के मामले में आपके जीवन में नफरत और प्रेम का लेखा-जोखा बराबर रहता है. आपमें से कई लोग ऐसे हैं जिनको इन दिनों अपने गृहस्थ जीवन को संवारने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है.

मकर( Capricorn): यदि आप नौकरी पेशा हैं तो आपको किसी अच्छे काम का प्रोत्साहन भी मिल सकता है. घर में आपका माहौल बहुत शांत है और यह सब आगे चलकर आपके लिए कुछ ऐसी खुशियां ला सकता है जिसके चलते आपकी जीवन शैली उत्कृष्ट और श्रेष्ठ बन सकती है.

कुंभ( Aquarius): अगर गंभीर होकर अपने कार्य में तत्पर हैं तो उन्नति की उच्च सीमा तक भी जा सकते हैं. समय का सहयोग अगर मिलता रहा और आपकी इच्छा शक्ति इसी तरह से कायम रही तो वह समय भी दूर नहीं होगा जब आप औरों के मुकाबले काफी आगे निकल जाएंगे.

मीन( Pisces): निकट सहयोगियों से वैर विरोध न हो इस बात का ध्यान रखें. आज आप अपने कार्यक्षेत्र में कुछ कठिनाई महसूस कर रहे हैं. एक साथ कई प्रकार के काम हाथ में ले लेने से ऐसा महसूस होना जरूरी भी है.
सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

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शुभ मास-  द्वितीय आश्विन (शुद्ध  ) मास  शुक्ल पक्ष
शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि दोपहर 2 बजकर 08  मिनट तक तत्पश्चात चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि आरम्भ. तृतीया तिथि में सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य, विवाह, प्रतिष्ठा, अन्नप्राशन, यज्ञोपवीत, उत्सव, यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं. तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान, बुद्धिवान, भाग्यवान,पराक्रमी होते हैं.

अनुराधा "मृदु " संज्ञक नक्षत्र  रात्रि 3 बजकर 52  मिनट तक रहेगा. अनुराधा नक्षत्र मे विवाह, जनेऊ, यात्रा, अलंकार, तथा अन्य शुभ कार्य व मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं. अनुराधा नक्षत्र मे जन्मा जातक सुन्दर, साहसी, व्यापार निपुण, धनवान, बुद्धिमान होता है.  

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन  वृश्चिक राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव -  सर्वार्थसिद्धि योग

राहुकाल - प्रातः 7.30 बजे से 9 बजे तक

दिशाशूल - सोमवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दूध पी कर निकले.  

आज के शुभ चौघड़िये - सूर्योदय से प्रातः 7.57  तक अमृत, प्रातः 9.22  मिनट से पूर्वाह्न 10.47  मिनट तक शुभ और दोपहर 1.37  मिनट से सूर्यास्त तक चर, लाभ, अमृत का चौघड़िया.

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

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झालावाड़: प्रदेश झालावाड़ जिले के असनावर के पास मुकंदरा की हिल्स के बीच दर्शन देती हैं मां राता देवी. यहीं नहीं यहां पुलिस देती है पहरा और झालरापाटन तहसील से जाते है सोने के आभूषण. जो 9 दिनों तक माता के श्रृंगार में शोभा बढ़ाते हैं. चलिए आपको शारदीय नवरात्रि के मौके पर मातारानी के इस धाम की यात्रा करवाते हैं. आपको बता दें कि झालावाड़ से मात्र 30 किलोमीटर दूर असनावर के निकट लावासल ग्राम पंचायत में मुकन्दरा पर्वत माला के बीच रातादेवी का मंदिर श्रद्धालुओं का आस्था का केंद्र हैं. 

हर मन्नत माता के मंदिर में होती हैं पूरी:
यह खींची राजवंश की कुलदेवी हैंं पूरा मंदिर सफेद संगमरमर से निर्मित हैं. राता देवी गागरोन के राजा अचलदास खींची की बहन थी, जो सती होने के दौरान पत्थर के रूप में  परिवर्तित हो गई. इनके यहां 2 स्वरूपों मे पुजा की जाती हैं. इसमें 1 बिजासन ओर दूसरे रूप में  अन्नपूर्ण के रूप में पुजा होती है. माता की मूर्ति के पीछे अचलदास की छाप है. चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि में 9 दिन तक यहां मेला लगता था, जो पूरे हाड़ौती और मध्य प्रदेश के लोग यहां काफी संख्या में आते थे और पूजा अर्चना करते है. कहते है कि यहां आकर मन्त्रते मांगने से सभी की झोली भर जाती है. कोई खाली हाथ नहीं जाता, लेकिन लॉकडाउन और कोरोना के चलते यहां आने वाले लाखों भक्त अब गिनती के पहुंच रहे है, जो भक्त आ रहे है उनको भी यहां सेनेटाइज किया जा रहा है, सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करवाई जा रही है. 

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लोगों के आस्था और विश्वास का केंद्र: 
यह मंदिर खींची राजाओं ने बनवाया था , यह उनकी कुल देवी के नाम से भी जानी जाती है. समय समय पर खींची राजाओं के वंशज यहां आकार पुजा अर्चना करते है. नवरात्रा में यहां उनके परिवार के लोग आते है और पूजा अर्चना करते है. लोगों का आस्था ओर विश्वास का केंद्र है यह राता देवी मंदिर. इस मंदिर में हमेशा देशी घी के दिए जलते रहते है. बाहर से आने वाले भक्तों की यहां हर इच्छा पूरी होती है. यहां नवरात्रा में मन्दिर में पुलिस का पहरा रहता है, जो हर 3 घन्टे में बदलता रहता है. यहीं नहीं सुबह शाम आरती के समय पुलिस सलामी देती है. राजस्थान का यह पहला मन्दिर होगा, जहां सरकारी आभूषणों से श्रृंगार होता है और पुलिस सलामी देती हो, श्रद्धालुओ में यहां नवरात्रा में दर्शन करने में बहुत आस्था है और पहले हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां नंगे पांव चले आते थे, लेकिन अभी कोरोना काल चल रहा है और प्रशासन ने भी यहां सख्ती बढा रखी है ऐसे में फर्स्ट इंडिया न्यूज के माध्यम से आप मा राता देवी के दर्शन कर सकते है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए आरिफ मंसूरी की रिपोर्ट 

Horoscope Today, 18 October 2020: आज बन रहे है खास योग, इन राशिवालों के पूरे होंगे हर काम, जानिए आज का राशिफल

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जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. आइये अब जानते है की हमारे पढ़ने वाले बच्चे जो अब स्कूल एक्साम्स या बोर्ड एक्साम्स या किसी कॉम्पिटशन के तैयारी कर रहे है उनके लिए माता रानी क्या सन्देश लायी है..

मेष राशि :- मेष राशि वाले बच्चों के लिए शुभ समय है.माता कि निरंतर स्तुति आपको सफलता का वरदान जरुर देगी. 21 बार रोज विद्या मंत्र जरुर पढ़ें. 

वृष राशि :- वृष राशि वाले बच्चो को थोड़ा हार्ड वर्क करना होगा. जल्दी सफलता का मीठा स्वाद चखने को मिलेगा. माता की कृपा प्राप्त करने के लिये  विद्या मंत्र को 21  बार रोज पढ़े.

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मिथुन राशि :- आपको अपनी एनर्जी लेवल का इस्तेमाल सही तरीके से करना होगा. सफलता आपके कदम चूमेंगी. विद्या मंत्र रोज 21 बार जरुर पढ़ें.

कर्क राशि :- आने वाला समय थोड़ा संघर्ष पूर्ण हो सकता है लेकिन थोड़ी सी मेहनत बड़ा रास्ता खोज सकती है. रोज 21  बार विद्या मंत्र पढ़ने से विशेष सप्कलाता प्राप्त होगी.  

सिंह राशि :- मन के  मुताबिक विद्या पाने के  दरवाजे खुलेंगे. पढ़ने वाले बच्चो का अच्छा समय है. विद्या मंत्र का पाठ पूर्व दिशा की ओर मुंह करके 21  बार रोज करें.

कन्या राशि :- आपको अपनी विद्या के प्रदर्शन का सुनहरा मौका भी मिलेगा.ऊँची उड़ान भरने के लिये तैयार है.उत्तर दिशा की ओर मुंह करके  रोज विद्या मंत्र पढ़ने से आपको विद्या मिलेगी. 

तुला राशि :- अगर आप प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने जा रहे हैं तो सफलता की उम्मीद मजबूत है. विद्या मंत्र को रोज पढ़े.

वृश्चिक राशि :-माँ की कृपा आप पर बरसेगी. मेहनत से जी ना चुराये.विद्यार्थिओं के लिये बहुत अनुकूल समय है. विद्या मंत्र को  रोज पढ़ें.

धनु राशि :- विद्यार्थियों के लिये बहुत अच्छा मौका है. जिंदगी एक पोसिटिव टर्न लेने के लिये तैयार है. अभूतपूर्व सफलता सामने खड़ी है.विद्या मंत्र का 21 बार जप रोज करें.

मकर राशि :- परीक्षा में सफलता के लिए थोड़ा संघर्ष करना पड़ेगा. हिम्मत नहीं हारे अपना 100 % दें. विद्या मंत्र का जप  रोजा करे.

कुम्भ राशि : - आपका समय संघर्ष पूर्ण लेकिन अच्छा है. माता की कृपा से विशेष सफलता का योग बनता है. विद्या मंत्र का पाठ रोज करें.

मीन राशि :- आपके लिए माता रानी सफलता के रास्ते खोल रही है बस जरुरत है एक कदम उठाने की वो भी पूरी मजबूती के साथ. विद्या मंत्र का पाठ 21 बार रोज करें.

आइये अब जान लेते है विद्या प्राप्ति मन्त्र:

या देवी सर्वभूतेषु विद्यारुपेण संस्तिथा
नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमस्तस्यै, नमो नम:

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री