ठप पड़ा है रामगढ़ थर्मल पावर प्रोजेक्ट, सरकार को हो रहा है करोड़ों का नुकसान

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/09/12 12:33

जैसलमेर: एक तरफ राजस्थान में राज्य सरकार बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए कई जतन कर रही हैं वहीं दूसरी तरफ जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में स्थापित थर्मल पावर प्रोजेक्ट में एक निजी कंपनी की लापरवाही से गैस मुहैया न होने से 160 मेगावाट की तीसरी ईकाई पिछले 8-9 महिनों से बंद पड़ी हैं जिसे सरकार को करोड़ों रूपए का घाटा उठाना पड़ रहा है. इसी थर्मल पावर प्रोजेक्ट में प्रस्तावित 160 मेगावाट की चौथी ईकाई में भी इस ऑयल गैस कंपनी द्वारा गैस आपूर्ति के लिए गैस दर अधिक मांगने के कारण इस संबंध में चल रहे विवाद से न तो यह यूनिट स्थापित हो पाई हैं और न ही किसी और गैस कंपनी से कोई नई गैस लेने की बात हो पाई है. इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2013 में उस समय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किया था जिसके लिए करीब 300 करोड़ रूपए की मशीनें भी मंगवा ली गई थी लेकिन अब वे 6 साल से धूल खा रही हैं और कंडम होती जा रही है.  

तीसरी ईकाई पूरी तरह ठप्प: 
जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में गैस पर आधारित विद्युत परियोजना की 160 मेगावाट की तीसरी ईकाई इस निजी कंपनी द्वारा गैस आपूर्ति नहीं किए जाने से पिछले 9 महिनों से बंद पड़ी हैं. निजी कंपनी के शाहगढ़ बल्ज स्थित गैस कुएं में तकनीकी खराबी आने व गैस खत्म होने के कारण वे इस थर्मल पावर प्रोजेक्ट को गैस आपूर्ति नहीं कर पा रही हैं.  रामगढ़ स्थित थर्मल पावर प्रोजेक्ट के इस पूरे मामले के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि रामगढ़ की इस परियोजना में कुल 3 ईकाईयां हैं जिनमें वर्तमान में स्टेज फर्स्ट व स्टेज सैकिण्ड ही चल पा रही हैं. 110 मेगावाट की इस दोनो ईकाईयों की क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट में इन दिनों 90 मेगावाट विद्युत उत्पादन हो रहा हैं. 160 मेगावाट तीसरी ईकाई में गत दिसम्बर माह से विद्युत उत्पादन पूरी तरह ठप्प पड़ा हैं. 160 मेगावाट की इस विद्युत ईकाई में फोकस एनर्जी नामक कंपनी द्वारा गेल इंडिया के मार्फत से 7.50 लाख क्यूबिक घन मीटर गैस आपूर्ति की जा रही थी लेकिन दिसम्बर 2018 से गैस आपूर्ति बिल्कुल बंद होने से यह तीसरी ईकाई पूरी तरह ठप्प पड़ी हैं वर्तमान में कंपनी द्वारा मात्र 2 लाख क्यूबिक घन मीटर गैस आपूर्ति की जा रही है जो कि प्रथम व दूसरी ईकाई में उपयोग ली जा रही हैं बाकी की 5.50 लाख क्यूबिक घन मीटर गैस ऑयल इंडिया द्वारा आपूर्ति की जा रही हैं. 

गैस कुएं में कोई तकनीकी खराबी: 
चीफ इंजीनीयर बी. कुमार ने बताया कि इस कंपनी द्वारा इन तीनों ईकाईयों को मिलाकर 9.50 लाख क्यूबिक घन मीटर देने की बात कही थी लेकिन संभवतः उनके गैस कुएं में कोई तकनीकी खराबी आने व कुछ कुओं में गैस खत्म होने के कारण मात्र 2 लाख क्यूबिक घन मीटर ही गैस दी जा रही है. इसके कारण 160 मेगावाट की तीसरी मजबूरन बंद करनी पड़ी है. उक्त कंपनी द्वारा गत वर्ष जून माह में ही गैस आपूर्ति घटा दी थी जो दिसम्बर तक पूरी बंद कर दी गई. इसके कारण भारी मात्रा में सरकार को राजस्व की हानि हो रही है. उन्होंने स्वीकार किया कि 160 मेगावाट की चौथी ईकाई में कार्य शुरू नहीं हो पाया हैं इसकी गैस दरों को लेकर कुछ मतभेद हैं उक्त कंपनी द्वारा वर्तमान में पांच डॉलर से गैस गेल कंपनी को बेची जा रही हैं. अब यह कंपनी इस दरों में गैस आपूर्ति करने को राजी नहीं हैं कंपनी ने गैस दर बढ़ाने की मांग की है. 

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