तमुलपुर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बोडो भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास का किया आह्वान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बोडो भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास का किया आह्वान

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बोडो भाषा के प्रचार-प्रसार और विकास का किया आह्वान

तमुलपुर: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को असम सरकार से बोडो भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार तथा विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने का आह्वान किया.

यहां बोडो साहित्य सभा (BSS) के 61वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि बोडो भाषा को स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानों, दोनों में शिक्षा के माध्यम के रूप में शामिल किया जाए. कोविंद ने 2004 में बोडो को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने के प्रयासों के लिये पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को भी याद किया. राष्ट्रपति ने कहा कि बोडो को राज्य की आधिकारिक भाषा घोषित किया गया है और 'एक भाषा का संरक्षण तथा प्रचार-प्रसार समाज व सरकार दोनों की जिम्मेदारी है. 

मैं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से इस दिशा में हरसंभव प्रयास करने का आह्वान करता हूं.' उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति व सद्भाव और केंद्र तथा असम सरकार द्वारा की गई विकास पहलों के चलते ‘बोडोलैंड भूभागीय क्षेत्र’ (BTR) में और अधिक शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना हुई है. कोविंद पूर्वोत्तर भारत की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान मंगलवार को यहां आए थे. सोर्स- भाषा

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