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अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल की रंगत परवान पर, सतरंगी संस्कृति हो रही साकार

अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल की रंगत परवान पर, सतरंगी संस्कृति हो रही साकार

बीकानेर: जिले में आयोजित हो रहे अंतरराष्ट्रीय कैमल फेस्टिवल की रंगत परवान पर है. कैमल फेस्टिवल में राजस्थान की सतरंगी संस्कृति साकार हो रही है. आज कैमल फेस्टिवल के दूसरे दिन विभिन्न आयोजन हो रहे हैं, जो देशी-विदेशी सैलानियों को आनंदित कर रहे हैं. आज हेरीटेज वॉक से कैमल फेस्टिवल के दूसरे दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत हुई. ऊर्जा मंत्री डॉ. बी डी कल्ला ने हेरिटेज वॉक का शुभारंभ किया. कलक्टर कुमार पाल गौतम, एसपी प्रदीप मोहन शर्मा सहित प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य जन इस दौरान मौजूद रहे.

हेरिटेज वॉक के दौरान रोबीले भी अपनी मूंछों पर ताव देते दिखे:
हेरीटेज वॉक के दौरान देशी विदेशी सैलानियों ने हजार हवेलियों का शहर कहे जाने वाले बीकानेर की ऐतिहासिक धरोहर को देखा. इसके साथ ही यहां के लजीज जायके का स्वाद भी चखा. हेरिटेज वॉक के दौरान रोबीले भी अपनी मूंछों पर ताव देते दिखे. सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई. तो वही इस दौरान एसपी प्रदीप मोहन शर्मा ने जीप भी ड्राइव की. कलक्टर कुमार पाल गौतम और ऊर्जा मंत्री बीडी कल्ला इस जीप में बैठे.  

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विद्यार्थियों के लिए बड़ी खबर: अभी राज्य सरकार का प्रयास, ना बदले प्रमोट का निर्णय- भंवर सिंह भाटी

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बीकानेर: विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को लेकर प्रदेश के स्टूडेंट्स असमंजस की स्थिति में है. परीक्षा होगी या नहीं अभी इस पर स्थिति साफ नहीं हो रही है. इसी बीच उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के मद्देनजर परीक्षा नहीं कराने का फैसला लिया है. विद्यार्थियों का जीवन हमारे लिए अमूल्य है. ऐसे में अभी राज्य सरकार का प्रयास यह है कि प्रमोट का निर्णय ना बदले. साथ ही मंत्री भाटी ने कहा कि इसको लेकर हम UGC को भी कन्वींस करें. यह पूरा मामला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी ध्यान में है. 

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यूजीसी ने जारी की एग्जाम को लेकर नई गाइडलाइन: 
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने विश्वविद्यालयों की फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर को लेकर सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की. मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट के जरिये एकेडमिक गाइडलाइन जारी की. नये दिशानिर्देश के मुताबिक टर्मिनल सेमेस्टर के छात्रों का मूल्यांकन जो जुलाई के महीने में परीक्षाओं के माध्यम से किया जाना था, अब उनकी परीक्षाएं सितंबर -2020 के अंत तक आयोजित की जाएंगी.

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फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होगा:
बता दें, यूजीसी ने पहले निर्णय लिया था कि विश्वविद्यालयों की फाइल ईयर की परीक्षाओं का आयोजन होना चाहिए. वहीं फर्स्ट ईयर के छात्रों को सेकंड ईयर में प्रमोट कर दिया जाएगा. उन्हें नंबर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए जाएंगे. 

 

...फर्स्ट इंडिया के लिए लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट


 

VIDEO: बीकानेर में विधायक और CI में हुई तकरार, पानी के कैम्पर से भरी गाड़ी को लेकर आपस में कहासुनी

VIDEO: बीकानेर में विधायक और CI में हुई तकरार, पानी के कैम्पर से भरी गाड़ी को लेकर आपस में कहासुनी

बीकानेर: जिले में आज लूणकरणसर विधायक सुमित गोदारा द्वारा पानी की समस्या को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया. इस दौरान रतन बिहारी पार्क के पास MLA सुमित गोदारा और कोटगेट थानाधिकारी धरम पुनिया में आपस मे तकरार हो गई. दरअसल रतन बिहारी पार्क के पास खड़ी पानी की गाड़ी को लेकर ये विवाद हुआ.

पाकिस्तानी चाल पर खूफिया एजेंसी ने सभी विभागों को किया अलर्ट, पाक एजेंटो से सावधान रहें सरकारी विभाग 

आपस मे जमकर कहासुनी हुई: 
सीआई ने गाड़ी साइड में करने के लिए कहा और इसी बात लेकर MLA गोदारा और सीआई धरम पुनिया में विवाद हो गया और आपस मे जमकर कहासुनी हुई. इसके बाद कलेक्ट्रेट में भी विधायक गोदारा और पुलिस के उच्च अधिकारियों के बीच कहासुनी हुई.  इसके बाद आपसी समझाइश से मामला शांत हुआ. 

 

गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर प्रकरण: सीबीआई का सबसे बड़ा दावा, कहा-फेक नहीं था एनकाउंटर 

बीकानेर: आनंदपाल सियासतदार बनते-बनते प्रदेश का नामी गैंगस्टर बन गया था. ऐसा गैंगस्टर, जिसने जीते जी पुलिस की नींद हराम कर दी और उसकी मौत ने प्रदेश की सरकार को हिला कर रख दिया. रॉबिनहुड की छवि वाले इस बदमाश का जब एनकाउंटर हुआ तो राज्य भर में विरोध के साथ एनकाउन्टर को फर्जी बताया गया लेकिन कहते है ना सांच को आंच नहीं अब CBI ने भी एनकाउंटर को सही ठहराया है. कई हत्याओं और दर्जनों वारदातों का आरोपी आनंदपाल दरअसल बेहद शातिर बदमाश था जिसे कही ना कहीं राजनीतिक सरंक्षण भी हासिल रहा. लेकिन बेखोफ बदमाश खुद को व्यवस्था से ऊपर मानने लगा था. जेल में रहने के दौरान भी नेताओ से मुलाकातों की खबरें सुर्खियों में रही थी. फरारी के दौरान हत्या, फिरौती और लूट की वारदातों को जिस तरह अंजाम दे रहा था उससे राज्य सरकार की किरकिरी बढ़ती जा रही थी. इसलिए SOG के साथ राजस्थान पुलिस खुद की खाकी पर लग रही नाकामयाबी की तोहमत से हर हाल में छुटकारा पाकर कुछ कर गुजरने की फिराक में थी. इस बार मुखबिरी और मुखबिरों दोनों पर बहुत एक्सरसाइज की गई.

जलदाय अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारनामे, बिना काम किए ही ठेकेदारों को दिया जा रहा पेमेंट

पुलिस आखिरकार आनंदपाल का ठिकाना उगलवाने में रही थी कामयाब:
हरियाणा में आनंदपाल के भाई को धर दबोचा गया और पुलिस आखिरकार आनंदपाल का ठिकाना उगलवाने में कामयाब रही. चुरू जिले के रतनगढ़ के मालासर के एक दो मंजिला साधारण से फार्म हॉउस में आंनद पाल ने अपना ठिकाना बना रखा था. Ak 47 के लैस आनंदपाल को भनक भी नहीं थीं बस वो पुलिस की पहुच से कुछ ही मीटर दूरी पर था. चुरू एसपी राहुल बारहट, SOG और हरियाणा पुलिस ने फार्म हॉउस को चारों और घेर लिया था. सर्च लाइट लिए पुलिस के जवान फार्महाउस में एंट्री कर गए थे.

24 लोगों पर हिंसा उकसाने का आरोप:
24 जून 2017 को करीब 11.30 बजे आखिरकार आनंदपाल मारा गया. एक हाथ पर गोली लगने के बाद एक हाथ से भी AK-47 से एम्बुअस फायर खोल दिए थे. सूर्यवीर सिंह के साथ एक कॉन्सेटबल सोहन सिंह को भी आनंदपाल की गोली लगी थी. लेकिन कांस्टेबल ने हार नहीं मानी और पूरे ऑपरेशन को लीड कर रहे चुरू sp राहुल बारहट की टीम को बडी सफलता हाथ लगी. शायद ये भान आनंदपाल को भी नहीं था कि उसकी मौत राजस्थान की सियासत को हिला कर रख देगी. एनकाउंटर को फेक बताकर हिंसक प्रदर्शन के चलते राज्य सरकार को इंटरनेट तक बंद करना पड़ा. जांबाज टीम को एक अपराधी को मारने बदले मिलने वाले रिवार्ड की जगह CBI की इंकयावरी मिली थी. लेकिन आज आखिरकार CBIने मुहर लगा दी कि आनंदपाल का एनकाउंटर फेक नहीं था. हालांकि 24 राजपूत नेताओ को हिंसा उकसाने का आरोपी बनाया गया.

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ट्रेलर और डम्पर की भीषण भिड़ंत में लगी आग, हादसे में 3 लोग जिंदा जले 

ट्रेलर और डम्पर की भीषण भिड़ंत में लगी आग, हादसे में 3 लोग जिंदा जले 

बीकानेर: प्रदेश के बीकानेर जिले के गजनेर थाना इलाके में ट्रेलर और डम्पर की भीषण भिड़ंत के चलते आग लग गई. दोनों वाहनों में लगी आग से 3 लोगों की मौत हो गई. दो मृतकों की शिनाख्त आसुराम नायक पुत्र गुमानाराम निवासी जामसर और ओमप्रकाश पुत्र दुलाराम निवासी पिथरासर के रुप मे शिनाख्त हुई है.

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तीसरे शव की अभी नहीं हुई शिनाख्त: 
जबकि ट्रक संख्या RJ31,GA-9617  में मिले तीसरे शव की अभी शिनाख्त नही हो पाई है. कोलायत थानाधिकारी विकास विश्नोई ने बताया कि भीषण भिड़ंत के चलते दोनों वाहनों में आग लग गई. तुरंत दमकल को मौके पर बुलाकर आग पर काबू पाया गया, लेकिन इस दौरान ट्रक में सवार 2 लोग जिंदा जल गए वही एक अन्य की भी मौत हो गई.

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धारदार हथियारों से वार करके युवक की हत्या, घटना के बाद फैली सनसनी

धारदार हथियारों से वार करके युवक की हत्या, घटना के बाद फैली सनसनी

बीकानेर: जिले के कोटगेट थाना क्षेत्र में आज धारदार हथियारों से वार करके एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है. घटना के बाद मोहल्ले में सनसनी फैल गई. जानकारी के अनुसार बांद्रा बास निवासी 25 वर्षीय जीतु जावा अपने मोहल्ले में परचून की दुकान पर बैठा था. इसी दौरान 6-7 लोग हाथों में चाकू व तलवार लेकर पहुंचे और दुकान पर बैठे जीतु पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया. जिससे जीतु की मौके पर ही मौत हो गई. वारदात कारण पुरानी रंजिश होना बताया जा रहा है. 

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मृतक के चाचा ने लगाया हत्या का आरोप: 
घटना के बाद मृतक के चाचा ने चार नामजद सहित चार-पांच अन्य युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है. घटना के बाद मृतक के परिजन मोर्चरी के सामने इक्कठा हुए है और हत्यारों को गिरफ्तार की मांग की. परिजनों का कहना था कि जब तक पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नही किया जाता तब तक शव नही उठाएंगे, तो वहीं वारदात के साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल टीम ओर कोटगेट थानाधिकारी धरम पुनिया भी मय जाप्ता मौके पर पहुंचे. फिलहाल कोटगेट पुलिस मामले की जांच कर रही है. 

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राजस्थान के कई जिलों में दिखे सूर्यग्रहण के अद्भुत नजारे, कहीं दिन में छाया अंधेरा, तो कहीं दिखा रिंग ऑफ फायर

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जयपुर: साल का पहला सूर्यग्रहण का नजारा राजस्थान के कई जिलों में भी देखा जा रहा है. बीकानेर में सूर्य ग्रहण के अद्भुत नजारे देखे गए है, कई जगहों पर दिन में तारे भी नजर आये.  यह एक वलयाकार सूर्य ग्रहण है. इसमें सूर्य किसी चमकीले छल्ले की तरह नजर आता है. जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक कक्षा में इस तरह आ जाते हैं कि पृथ्वी तक सूर्य की किरणें नहीं पहुंच पाती तब सूर्य ग्रहण पड़ता है. बात करे प्रदेश की राजधानी जयपुर में भी सूर्यग्रहण का नजारा देखा गया. चलिए जानते है प्रदेश के अन्य जिलों में कैसा नजर आया सूर्य ग्रहण का नजारा. 

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बीकानेर में सूर्यग्रहण देखने की व्यवस्था:
इस साल का पहला सूर्य ग्रहण आज हो रहा है. बीकानेर में भी आमजन के लिए सूर्यग्रहण देखने की व्यवस्था की गई. बीकानेर के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के कार्यालय में पहुंच कर आमजन ने सूर्य ग्रहण का नजारा देखा. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग कार्यालय में टेलीस्कोप, फोल्ड स्कोप व दूरबीन आदि के माध्यम से सूर्य ग्रहण का नजारा दिखाया गया. कार्यालय के अनुसंधान अधिकारी सुनील बोड़ा सहित वैज्ञानिक और आमजन इस दौरान मौजूद रहे. अनुसंधान अधिकारी सुनील बोड़ा ने बताया कि आज साल का पहला और बड़ा सूर्य ग्रहण है. वैज्ञानिक रूप से इसके कई मायने हैं. इसलिए यहां पर वैज्ञानिकों और आमजन के लिए सूर्यग्रहण देखने की व्यवस्था की गई है. 

सूर्यनगरी जोधपुर में देखा गया ग्रहण:
इस साल के पहले सूर्य ग्रहण के चलते सूर्य नगरी जोधपुर में इसका असर देखा गया,वर्ष के सबसे बड़े दिन पर 3 घंटे 28 मिनट अवधि के ग्रहणकाल में छह ग्रह वक्री रहे, जोधपुर के मेहरानगढ़ किले पर ऊंचाई होने के कारण हर कोई सूर्य ग्रहण देखने के लिए मेहरानगढ़ किले के बाहर पहाड़ी पर पहुंचा और यहां से सूर्य ग्रहण को देखा. लेकिन अपने आप में यह एक चौंकाने वाली बात भी रही कि इतने महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाक्रम को आम जनता से रूबरू कराने के लिए कोई व्यवस्था किसी स्थान पर नहीं की गई. जोधपुर के शनिधाम महेंद्र पंडित हेमंत बोहरा ने बताया कि कंकणाकृति सूर्यग्रहण के लिए जोधपुर में ग्रहण के सूतक नियम कल रात्रि 10.08 से शुरू हो गया था. जोधपुर में रविवार सुबह 10.08 बजे सूर्य ग्रहण का स्पर्श हुआ और 11.47 पर ग्रहण का मध्य तथा दोपहर 1.36 बजे ग्रहण का मोक्ष हुआ. जोधपुर में ग्रहण काल की अवधि 3 घंटे 28 मिनट की रही। सूर्य ग्रहण के अवधिकाल में एक साथ 6 ग्रह बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु वक्री रहे. 

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बीकानेर में निजी बस ऑपरेटर्स का चक्का जाम, मांगे नहीं मानने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

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बीकानेर: प्रदेश के बीकानेर जिले में सोमवार को निजी बस ऑपरेटर्स ने चक्का जाम करते हुए आरटीओ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया. एक साल का टैक्स माफ करने,बस ऑपरेटर्स को आर्थिक सहायता देने सहित विभिन्न मांगों को लेकर निजी बस ऑपरेटर्स सोमवार को प्रदेशव्यापी आव्हान के तहत अपनी बसों को लेकर आरटीओ कार्यालय में पहुंचे और आरटीओ कार्यालय में बसों को खड़ा कर दिया.

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आरटीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा:
इस दौरान आरटीओ कार्यालय परिसर से लेकर बाहर हाइवे तक बसों की लंबी कतारें लग गई. इसके बाद प्राईवेट बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आरटीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन सोंपा और मांगे नहीं माने जाने पर मंगलवार को बसों के कागजात भी आरटीओ को सुपुर्द करने की चेतावनी दी.

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी:
एसोसिएशन के अध्यक्ष समंदरसिंह का कहना था कि कोरोना काल में निजी बसों का संचालन नही होने से निजी बस ऑपरेटर्स विभिन्न प्रकार की आर्थिक परेशानियों से गुजर रहे है. टेक्स माफी की मांग को लेकर गत 15 दिनों से हड़ताल कर रखी है. अगर मांगे नही मानी गई आंदोलन को उग्र किया जाएगा.

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लूणकरणसर पंचायत समिति में राशन कार्ड का गड़बड़झाला, नियमों के खिलाफ एपीएल को दिया अंत्योदय का दर्जा

लूणकरणसर पंचायत समिति में राशन कार्ड का गड़बड़झाला, नियमों के खिलाफ एपीएल को दिया अंत्योदय का दर्जा

बीकानेर: लूणकरणसर पंचायत समिति ने राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में है, करप्शन के आरोप लग रहे है. पंचायत समिति में राशनकार्डों का काम करने वाले कार्मिकों ने ई -मित्र संचालकों से मिलीभगत कर अधिकारियों को अंधेरे में रखते हुए नियमों कानूनों को धता बताकर बिना किसी विधिक प्रक्रिया को पूर्ण किए सैकड़ों एपीएल कार्ड धारकों को अंत्योदय बना दिया है. रसद विभाग का भी खूब साथ मिलता है ऐसे में गरीब और जरूरतमंदों के लिए बनाई गई योजना करप्शन के भेट चढ़ती जा रही है.

साल 2006 में अंत्योदय श्रेणी का निर्धारण: 
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अंतिम बार वर्ष 2006 में अंत्योदय श्रेणी का निर्धारण किया गया था. पंचायत समिति लूणकरणसर के राशन कार्ड से संबंधित शाखा ने विगत 4 सालों में अपनी मनमर्जी से सैकड़ों परिवारों को अंत्योदय,बीपीएल व स्टेट बीपीएल के कार्ङ जारी कर दिया. इस खेल में सुविधा शुल्क के का भ्रष्टाचार होने की सूचना है. उल्लेखनीय है कि राशन कार्ड में नाम जुड़वाने नाम प्रथक करवाने मोबाइल नंबर व अन्य शुद्धिकरण हेतु ऑनलाइन आवेदन ईमित्र के माध्यम से किए जाते हैं. पंचायत समिति नए राशन कार्ड के संधारण का कार्य देखने वाले कार्मिकों ने विगत 4 सालों में बिना किसी आदेश के सैकड़ों राशन कार्ड धारकों की श्रेणी को बदल डाला है. आम तौर पर 3 प्रकार के राशन कार्ड होते हैं- गरीबी रेखा के ऊपर (APL), गरीबी रेखा के नीचे (BPL) और अन्‍त्योदय परिवारों के लिए. अंत्योदय कैटेगरी में बेहद ज्यादा गरीब लोग रखे जाते हैं। ये कैटेगरी व्यक्ति की सालाना आय के आधार पर तय होती है. इसके अलावा अलग-अलग राशन कार्ड पर सस्ती दरों पर मिलने वाली चीजें, उनकी मात्रा अलग-अलग रहती है. यह ग्रामीण व नगरीय क्षेत्र के आधार पर भी अलग-अलग हो सकती है.

क्या है योजना ? 
अंत्योदय अन्‍न योजना, राज्‍यों में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत आने वाले बीपीएल परिवारों में से अत्‍यंत गरीब परिवारों की पहचान करके अत्‍यधिक रियायती दर पर यानी 1 रुपए प्रति किलो गेहूँ और कई प्रदेश 3 रुपए प्रति किलो चावल उपलब्ध कराते है. खाध्य सुरक्षा में गेंहू तो APL भी प्राप्त कर सकता है लेकिन इसमें प्रति सदस्य पाँच kg का ही प्रावधान है। दूसरी ओर AN में बिना unit गणना के प्रति कार्ड पैंतीस kg गेंहू मिलता है. इसके अलावा AN श्रेणी वह श्रेणी है जो सरकार की प्रत्येक कल्याणकारी योजना की पात्र है. AN श्रेणी में अनाज के अलावा ईलाज, छात्रवृति, पेंशन व आवासीय योजनाओं में मकान जैसी सुविधाओं के कारण ही इस श्रेणी में शामिल होने की कोशिश की जाती है. हाल में कोरोना राहत की नगदी राशि की इमदाद भी AN श्रेणी को प्राप्त हुई है.

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अन्‍त्‍योदय परिवारों की पहचान और ऐसे परिवारों को विशिष्‍ट राशन कार्ड जारी करना संबंधित राज्‍य सरकारों की जिम्‍मेदारी होती है. इस योजना के तहत आबंटन के लिए खाद्यान, पहचाने गए अन्‍त्‍योदय परिवारों को विशिष्‍ट एएवाई राशन कार्ड जारी करने के आधार पर राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों को जारी किए जाते है. शुरूआत में जारी किया गया पैमाना जो कि प्रति परिवार 25 किलो प्रति महीना था उसको प्रभावी पहली अप्रैल, 2002 से प्रति परिवार 35 किलो प्रति महीना तक बढ़ा दी गई है.

बीपीएल से एपीएल राशन कार्ड जारी:
सरस्वती देवी नायक पत्नी कानाराम नायक निवासी अर्जुनसर स्टेशन राशन कार्ड नम्बर 00347 श्रेणी बीपीएलः- यह महिला अनुसुचित जाति, विधवा, दिव्यांग, वृद्व एंव अत्यन्त गरीब होने के बावजूद भी इन भ्रष्टाचारियो को इन पर दया तक नही आई 15.04.2016 तक इनका राशन कार्ड बीपीएल श्रेणी से खाद्य सुरक्षा में जुडा़ हुआ था तथा पेंशन भी बराबर मिल रही थी लेकिन जब ऑनलाईन राशन कार्ड बनाया तो पंचायत समिति के कार्मिक ने बीपीएल से एपीएल राशन कार्ड जारी कर दिया. यह महिला आज भी दर दर भटक रही है लेकिन किसी ने सुनाई तक नही की है.

29 जून से प्रदेश की अदालतों में होगा नियमित कामकाज शुरू, अदालतों में शराब, गुटखा और पान के सेवन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

कार्मिकों ने कर दिया बीपीएल से एपीएल श्रेणी का:
केस नम्बर 2 लिछमा पत्नी सरदाराराम निवासी अर्जुनसर स्टेशनः- यह महिला अनुसुचित जाति से है इसका राशन कार्ड बीपीएल श्रेणी का बना हुआ है. मार्च 2016 तक इनको बीपीएल का लाभ भी मिल रहा था लेकिन आनलाइन राशन कार्ड बना तो पंचायत समिति के कार्मिकों ने बीपीएल से एपीएल श्रेणी का कर दिया. इससे यह परिवार सरकारी लाभ से वंचित हो गया। पिड़ित महिला दर दर भटक रही लेकिन कोई सुनवाई नही हो रही है. लूणकरणसर पंचायत समिति मामलें को हमने एक केस स्टडी के तौर पर लिया है पर कमोबेश हर जगह यही हाल. जब हमने इस गड़बड़ झाले पर पंचायत समिति के BDOसे पूछा तो कुछ यूं सफाई करते दिखे. हालांकि पूरे मामलें मे सीधे तौर पर सवाल ग्रामीण विकास के कारिंदो पर है उठ रहे है. साथ ही एक खामी व्यवस्था की भी है जिनके जिम्मे राशन कार्ड बनाना है उन्हें राशन वितरण की जानाकरी नहीं है और जिन्हें राशन वितरण करना है उनका राशन कार्ड बनाने की प्रकिया में योगदान नहीं. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट

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