जयपुर Rashi parivartan 2022: मई में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, जानिए किसे मिलेगा सबसे अधिक लाभ

Rashi parivartan 2022: मई में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, जानिए किसे मिलेगा सबसे अधिक लाभ

Rashi parivartan 2022: मई में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह करेंगे राशि परिवर्तन, जानिए किसे मिलेगा सबसे अधिक लाभ

जयपुर: ज्योतिष की दृष्टि से वर्ष 2022 काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है. अब आने वाला मई का महीना ज्योतिष और ग्रहों की दृष्टि से बहुत ही खास रहने वाला है. इस महीने में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करेंगे. इसके साथ ही शनि अपनी कुंभ राशि में, राहु मेष राशि में और केतु तुला राशि में गोचर करते हुए सभी राशियों को प्रभावित करेंगे. चंद्रमा हर सवा 2 दिन के बाद अपनी चाल बदलते रहते हैं. 

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि मई के महीने में सूर्य, मंगल, बुध, शुक्र का राशि परिवर्तन हो रहा है. महीने के शुरू में सूर्य वृष राशि में गोचर करेंगे. 15 मई से पहले ये मेष राशि में थे. इसके मंगल 17 को राशि परिवर्तन कर रहे हैं. मंगल कुंभ से निकलकर 17 मई को मीन राशि में जाएंगे. बुध महीने के शुरू में वृषभ राशि में थे जो 11 मई से इसी राशि में वक्री हो जाएंगे. इसके बाद शुक्र मीन राशि में रहेंगे और 23 मई से मेष राशि में जाएंगे. इस तरह चार ग्रहों में उथलपुथल होगी. शनि, राहु और केतु अपनी ही राशि में रहेंगे. ये राशि परिवर्तन कई मायनों में राशियों को प्रभावित करता है.

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि राशि के हिसाब से देखा जाए तो सूर्य का राशि परिवर्तन खासकर वृष राशि में जाने पर बहुत अच्छा साबित होगा. वृषभ राशि वालों को जहां मान सम्मान और व्यापार में उन्नति के अवसर मिलेंगे, वहीं कहीं से किसी की जायदाद में भी हिस्सा मिल सकता है. बुध का गोचर तीन राशियों के लिए बहुत ही लकी साबित होगा. मेष वालों के लिए बुध राशि परिवर्तन अच्छा है, स्टूडेंट्स को करियर में सफलता, धन की स्थिति बेहतर और समाज में मान सम्मान की स्थिति मिलेगी.  मिथुन वालों के इस दौरान आपके सुखों में वृद्धि, भवन व वाहन आदि की खरीदारी कर सकते हैं. मंगल देव की कृपा से मिथुन राशि वालों की आय में वृद्धि हो सकती है. आय के नए साधन बनेंगे. कर्क वालों को मंगलदेव की कृपा से नौकरी में प्रमोशन, नई नौकरी से धन में वृद्धि हो सकती है. मीन वालों को कही से अचानक धन और लाभ होगा.

कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि मेष राशि में चल रहे सूर्य और राहु अभी गुरु से दूसरे घर में गोचर में हैं तथा कुंभ में चल रहे मंगल गुरु से पिछली राशि में होकर ‘पाप-कर्तरी  योग में उसे घेरे हुए हैं l 15 मई को सूर्य वृषभ राशि में गोचर करेंगे और 17 मई को मंगल मीन में आएंगे, शुक्र मेष में 23 मई को गोचर करेंगे और इससे पहले 10 मई को बुध वृषभ राशि में वक्री होकर वर्तमान में चल रहे रूस और यूक्रेन के युद्ध में और भी हलचल पैदा कर सकते हैं. कन्या लग्न की रूस की कुंडली के अनुसार मई के अंत तक वह यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्से में निर्णायक बढ़त ले सकते हैं. रूस की चंद्र राशि मकर है जिस पर से अब मई में शनि और मंगल का बुरा प्रभाव हटने से उसको युद्ध में कुछ अच्छी सफलताएं मिल सकती हैं.

गर्मी और महामारी से होगा बुरा हाल:
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि मेष राशि में वर्तमान में चल रहे राहु पर अभी 29 अप्रैल से कुंभ में आए शनि की तीसरी दृष्टि के कारण इस राशि से प्रभावित इंग्लैंड में अधिक गर्मी पड़ने तथा कुछ नए रोगों के उत्पन्न होकर महामारी का रूप लेने के योग बन रहे हैं. इस वर्ष के राजा शनि ग्रह हैं जो कि ज्योतिष में ‘दुर्भिक्ष’का कारक होकर गर्मी बढ़ने, फसलों के नाश तथा कुछ नए रोग उत्पन्न होने का योग बना रहे हैं. बुध के 10  मई को वक्री होने तथा सूर्य के 15 मई को बुध से युति करने के साथ ही यूरोप तथा भारत के उत्तरी हिस्से में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा. बाद में 17 मई को जल तत्व की राशि मीन में मंगल के गुरु के साथ युति करने से भारत के दक्षिण में मानसून पूर्व वर्षा होगी जिससे वहां गर्मी में राहत मिलेगी. मानसून इस वर्ष केरल में अपने तय समय, 1 जून तक दस्तक दे देगा ऐसा ग्रहों की चाल से संकेत मिल रहा है. मई के महीनें में किसी भी बड़े ग्रह का राहु-केतु के नक्षत्र में न होना कोरोना महामारी के नियंत्रण में रहने का ज्योतिषीय संकेत दे रहा है. 

ग्रहों के गोचर का प्रभाव:
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि मई में ग्रहों की जो स्थिति बनने जा रही है वह बड़े परिवर्तनों की ओर इशारा कर रही है. शुक्र बुध मंगल और सूर्य के राशि परिवर्तन से व्यापार में तेजी आएगी. प्राकृतिक घटनाएं होगी. भूकंप आने की संभावना है. तूफान, बाढ़, भूस्खलन, पहाड़ टूटने, सड़के और पुल भी टूटने की घटनाएं हो सकती हैं. यातायात से जुड़ी बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है. बीमारियों का संक्रमण बढ़ सकता है. शासन-प्रशासन और राजनैतिक दलों में तेज संघर्ष होंगे. सामुद्रिक तूफान और जहाज-यान दुर्घटनाएं भी हो सकती हैं. खदानों में दुर्घटना और भूकंपन से जन-धन हानि होने की आशंका बन रही है. रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. आय में इजाफा होगा. राजनीति में बड़े स्तर पर परिवर्तन देखने को मिलेगा. 

राजस्थान पर असर:
कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि 4 बड़े ग्रहों के परिवर्तन से राजस्थान की राजनीति में हलचल दिखाई देगी. साथ ही फेरबदल की संभावना बनेगी. जन आंदोलन या जनाक्रोश होगा. प्राकृतिक घटनाएं होगी. कोरोना महामारी के संक्रमण में कमी आयेगी. व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेगी. बड़ी दुर्घटना होने की भी आशंका है. जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होगा. सोने चांदी के भाव में तेजी रहेगी. कोई अप्रिय घटना होने की संभावना बन रही है.

क्या करें उपाय:
भविष्यवक्ता डा. अनीष व्यास ने बताया कि हं हनुमते नमः, ऊॅ नमः शिवाय, हं पवननंदनाय स्वाहा का जाप करें. प्रतिदिन सुबह और शाम हनुमान जी के समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं. लाल मसूर की दाल शाम 7:00 बजे के बाद हनुमान मंदिर में चढ़ाएं. हनुमान जी को पान का भोग और दो बूंदी के लड्डू का भोग लगाएं. ईश्वर की आराधना संपूर्ण दोषों को नष्ट एवं दूर करती है. महामृत्युंजय मंत्र और दुर्गा सप्तशती पाठ करना चाहिए. माता दुर्गा, भगवान शिव और हनुमानजी की आराधना करनी चाहिए.

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