महामारी के बीच स्तनपान पर दोबारा ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण: NGO

महामारी के बीच स्तनपान पर दोबारा ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण: NGO

महामारी के बीच स्तनपान पर दोबारा ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण: NGO

नई दिल्ली: गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) न्यूट्रिशन इंटरनेशनल ने स्तनपान की तुलना टीकाकरण से करते हुए जोर दिया कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर स्तनपान पर दोबारा ध्यान केंद्रित करना अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि आशंका है कि महामारी की अगली लहर से बच्चे सबसे अधिक प्रभावित होंगे और उनके लिए अब तक टीका नहीं बना है.

संगठन की यह टिप्पणी विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर आई है जो अगस्त के पहले सप्ताह में पूरी दुनिया में मनाया जाता है. मां द्वारा बच्चे के जीवनपर्यंत पोषण के लिए स्तनपान कराए जाने की तुलना टीकाकरण से करते हुए न्यट्रिशन इंटनरेशनल की भारत में निदेशक मिनी वर्गीज ने कहा कि कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर के खतरे, बच्चों और नवजातों के लिए अबतक टीके नहीं बनने के मद्देनजर स्तनपान पर ध्यान दोबारा केंद्रित करना कहीं अधिक अहम हो गया है.

उन्होंने कहा कि सभी संस्थागत प्रसवों में जन्म के एक घंटे के भीतर बच्चे को स्तनपान कराने का नियम सुनिश्चित करना लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम होगा. हमें प्रसव कक्ष की बाधाओं की पहचान करने, पूरी क्षमता से उनका समाधान करने और स्तनपान के लिए आधारभूत संरचना में सुधार करने की जरूरत है. 

वर्गीज ने कहा कि नवजातों को स्तनपान सुनिश्चित करने के लिए दो पहलू अहम हैं, पहला गर्भवती महिला और उसके परिवार से बातचीत कर, मां- बच्चे के हर बार संपर्क में आने पर स्तनपान कराने के लिए प्रेरित करना और दूसरा प्रसव कक्ष और नवजात बच्चों की देखभाल करने वाले कर्मियों की क्षमता विकास एवं उन्हें इन केंद्रों में कायम रखना. वर्गीज ने कहा कि भारत में स्तनपान संरक्षण के लिए कानून है लेकिन इसे लागू करने के लिए कदम उठाने की जरूरत है. (भाषा) 

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