जयपुर VIDEO: मरुधरा की माटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र, बीते वित्त वर्ष पहुंचे रिकॉर्ड सैलानी, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: मरुधरा की माटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र, बीते वित्त वर्ष पहुंचे रिकॉर्ड सैलानी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: ये हमारे राजस्थान की गौरवमयी विरासत का ही कमाल है कि ढाई वर्ष तक कोरोना लगातार हमले झेलने के बाद भी बिना प्रभावित हुए हमारी विरासत अडिग रही. कोरोना से दो दो हाथ करने के बाद हम जितना जल्दी और प्रभावी तरीके से संभले वो अब देश दुनिया में मिसाल बन गया है. दो वर्ष तक लोग घरों से नहीं निकले लेकिन जब निकले तो मरुधरा की माटी के आकर्षण में लिपटे हमारे राजस्थान में ही आए. जी हां 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में प्रदेश में 55 हजार से विदेशी पर्यटकों सहित कुल 3 करोड़ 15 लाख से ज्यादा पावणों ने प्रदेश का भ्रमण किया. 

लगभग ढाई वर्ष तक कोरोना की चपेट में आकर चरमराए पर्यटन ढांचे ने एक बार तो आस छोड दी थी.पर्यटन उद्योग से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार हो गए.लोग मारे भय के घरों में ही दुबके रहे, लेकिन वीरता, शौर्य और बलिदान की धरती यानी हमारा राजस्थान कहां हारने वाला था. कोरोना के दौर में ही फ्यूचर मैनेजमेंट इतना जबर्दस्त रहा कि तीसरी लहर के उतार के साथ ही पर्यटकों ने हमारी पधारो महारे देस की भावना को हाथों हाथ लिया और जब घरों से ढाई साल के अंतराल के बाद निकले तो राजस्थान आने का ही फैसला किया. परिणाम इतने सुखद रहे कि 31  मार्च को बीते वित्त वर्ष में राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या 3 करोड़ 15 लाख के आंकडे को पार कर गई, इनमें 55 हजार 605 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. इसका मतलब कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में प्रदेश में जो बेमिसाल कोविड मैनेजमेंट हुआ उससे हमने देश ही नहीं विदेश के लोगों का विश्वास जीता कि राजस्थान हर तरह से एक सुरक्षित प्रदेश है.

वित्त वर्ष 2021-22 में राजस्थान में कुल 3 करोड़ 15 लाख सैलानी आए इनमें से 41 लाख 87 हजार पर्यटक ऐसे भी थे जिन्होंने प्रदेश के स्मारकों और म्यूजियम भी देखे. शेष पर्यटक ऐसे थे जो टाइगर और लैपर्ड सफारी देखने आए या फिर प्रदेश के विभिन्न गांव और शहरों में जाकर नेचर रिसॉर्ट्स में रुके. पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह की माने तो प्रदेश का कोविड मैनेजमेंट, फ्यूचर प्लानिंग, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को विभिन्न दूअ और रियायत, आर्थिक सहायता और पर्यटन को उद्योग को दर्जा देने जैसे राज्य सरकार के फैसले ने पर्यटन उद्योग का हौसला टूटने नहीं दिया. जो लोग कोविडकाल में बेरोजगार हो उठे थे वो भी वापस जुडते चले गए. होटल, रिसॉर्ट, ट्यूर ऑपरेटर्स, ट्रेवल एजेंट्स, वेंडर, हॉकर, गाइड, टैक्सी संचालक और लोक कलाकार सभी के मुर्झाए चेहरों में पर अब रौनक लौटने लगी है. 

बढ़ती पर्यटक संख्या से पर्यटन उद्योग एक बार फिर अपने पैरों पर खड़ा है और उम्मीद की जा रही है कि सितंबर से शुरु होने वाले नए पर्यटन सत्र में प्रदेश में पांच करोड़ से ज्यादा सैलानी आएंगे. हालांकि प्रदेश में आने वाले कुल पर्यटकों में से करीब 70 फीसदी पर्यटक जयपुर आए और स्टे किया. सर्वाधिक सैलानियों ने आमेर, नाहरगढ़, हवामहल और जंतर मंतर को पसंद किया. रणथंभौर, सरिस्का टाइगर सफारी और झालाना लैपर्ड सफारी भी इस दौरान पर्यटकों से पसंद बनी रही. कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बेहतर मैनेजमेंट और हमारी पुरा विरासत का आकर्षण पर्यटकों में बरकरार है उम्मीद है कि 1 अप्रेल से शुरु हुआ वित्त वर्ष सैलानियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाएगा.

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