VIDEO: गौशालाओं के लिए जमीन का पंजीकरण का मामला चढ़ा राजनीति की भेंट

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/03 10:16

जयपुर: राज्य विधानसभा में शुक्रवार को गौशालाओं के लिए जमीन का पंजीकरण  तहसील स्तर पर करने का महान प्रस्ताव राजनीति की भेंट चढ़ गया. प्रस्ताव को लेकर हुई चर्चा में इसके बहाने गाय और गौशाला का मुद्दा जमकर गूंजा. कांग्रेस विधायक शकुंतला रावत ने गौशाला के लिए तहसील स्तर भूमि पंजीकरण का संकल्प पेश किया. इस संकल्प का पक्ष और विपक्ष दोनों ने ही स्वागत किया. लेकिन गाय पर सियासत, गौतस्करी जैसे मुद्दों पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच इस दौरान जमकर नोक झोंक के बाद इस प्रस्ताव पर बाद में विचार करने के लिए छोड़ दिया गया.

जमीन पंजीकरण का काम तहसील स्तर पर करने का प्रस्ताव: 
विधायक शकुंतला रावत ने गौशालाओं के लिए जमीन पंजीकरण का काम तहसील स्तर पर करने के प्रस्ताव रखते हुए सदन में कहा कि भूमि की किस्म चाहे कैसी भी हो उसका पंजीकरण तहसील स्तर पर गौशाला के लिए किया जाना चाहिए. इस दौरान भाजपा विधायकों के टोकने पर शकुंतला रावत ने कहा कि गाय पर हमने 5 साल तक गत भाजपा सरकार से सवाल पूछे लेकिन एक का भी जवाब नहीं मिला.

पशुधन किसान की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड: 
गौशाला भूमि पर संकल्प पेश करते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में पशुधन किसान की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में गौचर भूमि का सीमांकन नरेगा के जरिए कराया जाए. राठौड ने कहा कि सेस का पैसा गौ संवर्धन के लिए दिया जाए और गौशाला के नाम पर 100 रु.के स्टांप पर पंजीकरण की व्यव्स्था हो. हालांकि इस चर्चा में राठौड का शकुंतला रावत को साध्वी कहना और संसदीय कार्यमंत्री पर गाय को जानवर कहने का मामला भी तूल पकडा और सदन मे हंगामा हुआ. संसदीय कार्यमंत्री का नाम लिए जाने पर परिवहन मंत्री खाचरियावास ने कहा कि धारीवाल जी ने जब सावरकर की पुस्तक पढी तब क्या हो गया था. इस बात पर सदन में हंगामा हो गया. भाजपा विधायक वैल में आकर आपत्ति जाहिर करने लगे. इस बीच यूडीएच मंत्री धारीवाल भी उठ खडे हुए और कहा कि सावरकर की किताब को कोट करते हुए मैं अनुदान मांगों के जवाब के दिन क्या बोला था बता सकता हूं. अगर मैंने गलत कहा तो मैं क्षमा मांगने को तैयार...रिकार्डिंग दिखवा सकते है. 

गौंमांस बेचने में भारत पहले नंबर पर:  
इस संकल्प पर बोलते हुए निर्दलीय विधायक संयम लोढा ने केन्द्र सरकार के 5 साल के कार्यकाल में सबसे ज्यादा गौमांस की बिक्री होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आज गौंमांस बेचने पर भारत पहले नंबर पर खड़ा है. लोढा ने कहा कि ये लोग पिंक रिवेल्यूशन वाले कहलाते हैं लेकिन पाकिस्तान, बांग्लादेश से ज्यादा गौ मांस भारत से बेचा जा रहा है. उन्होंने देश के राष्ट्रीय पशु को शेर की जगह गाय को रखने की मांग भी की। लोढा ने कहा कि गोचर भूमि का एक्ट कांग्रेस सरकार लाई. पंडित जवाहर लाल नेहरू का धन्यवाद करता हूं. उन्होंने कहा कि गोचर भूमि के नाम पर अधिकारीयों की लूट जारी है. गोचर भूमि का संरक्षण दृढ संकल्प से ही होगा. लोढा ने कहा कि एमपी के सीएम कमलनाथ ने ग्राम पंचायत स्तर पर ही गौशाला खौलने का बड़ा निर्णय लिया. लोढ़ा के बाद विधायक गोविन्द मेघवाल, रामलाल शर्मा और आखिर में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी इस संकल्प का समर्थन कर दिया. 

गौशाला भूमि के इस संकल्प के जरिए गाय को फिर से सदन में याद किया गया. लेकिन याद करने के बहाने सियासी तीर ही ज्यादा चलाये गए और आखिरकार विपक्ष की पूरी सहमति और इसे पारित करने के अनुरोध के बावजूद इस पर विचार करना बाद के लिए छोड़ दिया गया. 

...योगेश शर्मा,नरेश शर्मा,ऐश्वर्य के साथ ऋतुराज शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज जयपुर

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