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29 जून से प्रदेश की अदालतों में होगा नियमित कामकाज शुरू, अदालतों में शराब, गुटखा और पान के सेवन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

29 जून से प्रदेश की अदालतों में होगा नियमित कामकाज शुरू, अदालतों में शराब, गुटखा और पान के सेवन पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध

जयपुर: कोरोना के चलते अब प्रदेश की अदालतों में सुनवाई का तरीका पूरी तरह से बदल गया है.15 जून से 28 जनू तक राजस्थान हाईकोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश है.अवकाश के बाद 29 जून से राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की सभी अदालतों में नियमित कामकाज शुरू होगा.मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की अध्यक्षता में हुई विशेष बैठक में लिये गये फैसले के आधार पर अब राजस्थान हाईकोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किये है.राजस्थान हाईकोर्ट सहित प्रदेश की समस्त अदालतों में अब शराब, गुटखा व पान के सेवन और थूंकने पर सख्ती के साथ प्रतिबंध लागू किया गया है.उल्लंघन करने वाले को केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार दंडित किया जायेगा.

कोर्ट रूम में अधिवक्ताओं के प्रवेश को लेकर दिशा निर्देश:
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल निर्मलसिंह मेड़तवाल ने अधिसूचना जारी करते हुए कोर्ट रूम में अधिवक्ताओं के प्रवेश को लेकर भी दिशा निर्देश जारी किये है.29 जून से लगने वाली नियमित अदालतों में अब अधिवक्ताओं केा अब प्रतिदिन केस के अनुसार ई पास के जरिए ही प्रवेश दिया जायेगा.ई पास के लिए अधिवक्ता हाईकोर्ट की वेबसाईट पर आवेदन कर सकेंगे.आवेदन के साथ ही अधिवक्ता को अपने जोन और मेडीकल फिटनेस की जानकारी देनी होगी.इसके साथ हाईकोर्ट के प्रत्येक कोर्ट में भी अब सिर्फ 4 अधिवक्ताओं का प्रवेश की अनुमति होगी.4 अधिवक्ता वे होंगे जिनके केस का नंबर आने वाला होगा.प्रत्येक कोर्ट में अधिकतम 100 केस ही सूचबद्ध किये जायेगे.

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अधीनस्थ अदालतों में वीसी के जरिए जारी रहेगी सुनवाई:
प्रदेश की अधिनस्थ अदालतों में ग्रीष्मकालीन अवकाश नही होते है.ऐसे में 15 से 28 जून तक कामकाज को लेकर हाईकोर्ट प्रशासन ने अधीनस्थ और विशेष अदालतों सहित ट्रिब्यूनल के लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किये है.इस अवधि के दौरान केवल अत्यावश्यक मामलों की वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ही सुनवाई होगी.इनमें रिमांड, जमानत प्रार्थना पत्र, विशेष अधिनियमों के तहत जमानत के लिए अपील, निषेधाज्ञा व स्थगन,सुपुर्दगी आवेदन पत्र, जुर्माना लगाने जैसे मामले, धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान, मृत्यु उद्घोषणा, समझौता और दोनों पक्षों की सहमति से केस वापसी वाले मामले सुने जाएंगे.इन प्रकरणों को छोड़कर अन्य मामलो में केवल तारीखे दी जायेगी.

15 जून से सभी कार्मिकों को आना होगा कार्यालय:
नए निर्देशो के अनुसार अधिनस्थ अदालतों में 15 जनू से प्रशासनिक कार्यो को शुरू किया जायेगा.जिसके लिए अदालतो के सभी कार्मिको केा हाजिरी देनी होगी.अदालत में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति केा मास्ट, दस्ताने पहनना अनिवार्य होगा.वहीं कोट पहनना वैकल्न्पिक होगा.कंटेनमेंट या प्रतिबंधित एरिया में रहने वाले कोर्ट स्टाफ को सूचना के आधार पर छूट दी जायेगी.29 जून से नियमिति कामकाज शुरू किये जायेंगे लेकिन गवाहों के बयान नही किये जायेंगे.परिस्थितयों में बदलाव होने पर गवाहों के बयान की प्रक्रिया 1 अगस्त के बाद शुरू किये जायेंगे.अदातलों में अधिवक्ताओं और पक्षकारों की उपस्थिती या प्रवेश का मामला स्थानीय डीजे, वरिष्ठ जज द्वारा तय किया जायेगा.

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जयपुर: विधायकों की खरीद-फरोख्त से जुड़े प्रकरण में कांग्रेस के बागी विधायकों में शामिल विधायक पं. भंवरलाल शर्मा को आज हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली. हाईकोर्ट ने पं.शर्मा को अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए उनकी चारों याचिकाओं को एक साथ टैग करने के निर्देश दिए हैं. इस मामले में आज जस्टिस सतीश शर्मा की एकलपीठ में सुनवाई हुई. वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने शर्मा की ओर से पैरवी की. वहीं वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूंथरा ने सरकार का पक्ष रखा. अब अंतिम निस्तारण के लिए 13 अगस्त को अगली सुनवाई होगी. 

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विधायक शर्मा ने हाईकोर्ट में चार याचिकाएं की थी दायर: 
इससे पहले कांग्रेस के बागी विधायकों में शामिल विधायक भंवरलाल शर्मा की ओर से दायर दो याचिकाओं पर आज सुनवाई हुई. विधायक शर्मा ने हाईकोर्ट में चार याचिकाएं दायर एसओजी और एसीबी में दर्ज एफआईआर को चुनौति दी है. साथ ही विधायक खरीद फरोख्त को लेकर एसओजी में दर्ज एफआईआर को एनआईए को ट्रांसफर करने को लेकर भी याचिका दायर की है. 

विधायक शर्मा की दो याचिकाओं पर आज सुनवाई हुई: 
इसी के चलते विधायक शर्मा की दो याचिकाओं पर आज सुनवाई हुई. जिनमें एसओजी में दर्ज एफआईआर को एनआईए को ट्रांसफर करने की मांग कि गयी है. मामले में केन्द्र व राज्य सरकार सहित जांच अधिकारी को भी पक्षकार बनाया है. दोनों याचिकाओं पर जस्टिस सतीशकुमार शर्मा की एकलपीठ सुनवाई हुई.

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राज्यपाल और विधायकों के वेतन भत्तों से जुड़ी याचिकाएं खारिज: 
वहीं इससे पहले प्रदेश के सियासी संकट के बीच विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी पत्रकार विवेक सिंह जादौन की जनहित याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. वहीं इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आज राज्यपाल से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं को भी खारिज कर दिया.


 

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जयपुर: राजधानी जयपुर के विधाधर नगर में आज महिला की निर्मम हत्या के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो पाया कि बुजुर्ग महिला का शव पलंग पर पड़ा था और सिर से खून रिसता हुआ फर्श पर गिर रहा था. हत्या की इस घटना के बाद परिवार की ही एक महिला को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है.

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भारी वस्तु से सिर फोड़कर हत्या की आशंका: 
पुलिस ने बताया कि विधाधर नगर के सेक्टर आठ में रहने वाली आबिदा बानों आज सवेरे अपने घर पर थी. करीब ग्यारह बजे उनकी हत्या होने की जानकारी पुलिस को मिली तो पुलिस मौके पर पहुंची. मौके के अलामात देखकर पुलिस ने तुरंत डॉग स्क्वायड और फोरेसिंक टीम को भी मौके पर बुलाया. प्रारंभिक जांच के आधार पर अफसरों का कहना है कि किसी भारी वस्तु से सिर फोड़कर हत्या की गई हैं. 

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शक की सुई परिवार के ही कुछ लोगों के आसपास घुम रही:
संघर्ष के निशान फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं. हालांकि घटना के दौरान मृतका की बहू घर पर ही थी जिसने लूट के इरादे से 2 लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है. हालांकि इस दौरान पड़ोसियों ने घर में किसी को भी जाते नही देखा. फिलहाल शक की सुई परिवार के ही कुछ लोगों के आसपास घुम रही है. शव को राजकीय अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया जा रहा हैं. अफसरों का मानना है कि जल्द ही हत्या का राज खुल सकता है. 
 

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जयपुर: कल यानि पांच अगस्त को अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसकी आधारशिला रखेंगे. इसको लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट करते हुए कहा कि 5 अगस्त को होने वाला राम मंदिर शिलान्यास प्रधानमंत्री के लिये साहस दिखाने तथा लोगों को यह संकल्प लेने के लिये कहने का एक अवसर है कि मानवता पर लगे छुआछूत के कलंक को मिटायें तथा दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के साथ समानता का व्यवहार करें. ऐसा करके हम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के आदर्शों को पूरा कर सकते हैं और उनकी भावना पर खरे उतर सकते हैं. 

कलराज मिश्र ने दी पीएम को बधाई:
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने पीएम मोदी को विशेष रूप से बधाई दी है. उनका कहना है कि राम जन्मभूमि पर राम मंदिर बनाने का सपना साकार हो रहा है और प्रतिबद्धता पूरी हो रही है. 

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भूमिपूजन सोमवार से शुरू हो चुका: 
बता दें कि श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन सोमवार से शुरू हो चुका है. 21 वैदिक आचार्यों ने सोमवार सुबह 9 बजे यजमान महेश भरतचक्रा को संकल्प दिलाते हुए पूजन किया. आज रामार्चा पूजा हो रही है, जिसे डॉ.रामानंद दास करा रहे हैं. पीएम मोदी के भूमिपूजन के दिन अयोध्या, मथुरा, काशी, दिल्ली के आचार्य पूजन कराएंगे.

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अयोध्या में मेहमानों का आना शुरू: 
बाबा रामदेव, स्वामी अवधेशानंद, चिदानंद मुनि, सुधीर दहिया, राजू स्वामी एक हेलीकॉप्टर से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे. ब्रह्मानंद स्वामी, सुरेश पटेल व रितेश डांडिया दूसरे हेलीकॉप्टर से अयोध्या एयरपोर्ट पहुंचे. कल राम मंदिर भूमि पूजन में होंगे शामिल. 


 

Rajasthan Political Crisis: विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी जनहित याचिका खारिज

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जयपुर: प्रदेश के सियासी संकट के बीच विधायकों के वेतन भत्ते रोकने से जुड़ी पत्रकार विवेक सिंह जादौन की जनहित याचिका को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने संबंधित अथॉरिटी के समक्ष प्रतिवेदन पेश करने की छूट दी है. सीजे इंद्रजीत महांति, जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खंडपीठ ने याचिका को खारिज किया है. 

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प्रदेश में वित्तीय हालात सही नहीं:  
इससे पहले पत्रकार विवेक सिंह जादौन ने जनहित याचिका दायर कर होटलों में रुके विधायकों को वेतन भत्ते रोकने को लेकर यह कहते हुए चुनौती दी थी कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में वित्तीय हालात सही नहीं है. लेकिन फिर भी एमएलए अपने मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों में नहीं जा रहे हैं. जनहित याचिका में कहा गया कि विधायक ना ही अपने क्षेत्र में जा रहे है और ना ही विधायी कार्य कर रहे है ऐसे में उन्हें वेतन-भत्तों का भुगतान क्यों किया जाए. 

एमएलए आमजन के धन का दुरुपयोग कर रहे:  
पीआईएल में कहा कि प्रदेश में एक ही राजनीतिक दल से जुड़े ये एमएलए आपसी प्रतिस्पर्धा के चलते आमजन के धन का दुरुपयोग कर रहे है. इसलिए जयपुर व मानेसर की होटलों में रुके हुए एमएलए के वेतन-भत्तों को रोका जाए. याचिका में सीएम सहित विधानसभा स्पीकर, विधानसभा सचिव व मुख्य सचिव को पक्षकार बनाया है. मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ में याचिका पर सुनवाई होगी. 

राज्यपाल को पद से हटाने से जुड़ी याचिका को खारिज किया: 
वहीं इससे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने आज राज्यपाल से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं को भी खारिज कर दिया. राज्यपाल को पद से हटाने से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने जनहित याचिका को सारहीन बताया. शांतनु पारीक द्वारा लगाई गई याचिका को सीजे इंद्रजीत महांति ने सारहीन बताते हुए खारिज किया. याचिका में विधानसभा सत्र नहीं बुलाने को लेकर राज्यपाल को हटाने की गुहार की गई थी. इसके साथ ही केंद्र सरकार को राष्ट्रपति को सिफारिश भेजने के निर्देश देने की भी मांग की गई थी. 

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राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी खारिज: 
इसके साथ ही राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. एडवोकेट एसके सिंह की जनहित याचिका को विड्रॉ करने पर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह जनहित याचिका राज्यपाल को सत्र आहूत करने के निर्देश देने को लेकर दायर की गई थी. 

 
 

वन्यजीव जगत के लिए एक और बुरी खबर, नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत

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जयपुर: कल मुकंदरा में बाघिन mt2 की मौत के सदमे से अभी वन्य जीव प्रेमी उबरे भी नहीं थे कि आज नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में सफेद बाघ राजा की मौत की सूचना ने पूरे वन्यजीव जगत को झकझोर कर रख दिया है. करीब सप्ताह भर से बीमार चल रहे सफेद बाघ राजा की 1 अगस्त को अचानक ज्यादा तबीयत बिगड़ने पर उसके रक्त के नमूने आईवीआरआई बरेली भेजे गए थे.

Rajasthan Political Crisis: हाईकोर्ट में राज्यपाल से जुड़ी दोनों जनहित याचिका खारिज 

1 अगस्त को राजा के पेशाब से खून आने लगा था: 
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के एसीएफ जगदीश गुप्ता ने बताया कि 1 अगस्त को राजा के पेशाब से खून आने लगा था. इसके बाद आईवीआरआई के वैज्ञानिकों की सलाह पर उसे नियमित दवा दी जा रही थी लेकिन आज राजा ने दम तोड़ दिया. ध्यान रहे 10 और 11 जून को बाघ रुद्र और एशियाटिक लायन सिद्धार्थ की भी नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में मौत हो गई थी. दोनों की मौत लेप्टोसिरोसिस नाम की बीमारी से हुई थी जो कि चूहे और नेवले के पेशाब से फैलती है. इसके बाद बायोलॉजिकल पार्क में यहां पल रहे पांच एशियाटिक लायन, चार बाघ जिनमे सफेद बाघ राजा भी शामिल था और पांच लेपर्ड के स्वास्थ्य की जांच कराई जिसमें लेपर्ड को छोड़ सभी शेर और बाघ का क्रिएटिनिन बढ़ा हुआ मिला.

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सफेद बाघ किडनी की बीमारी से उबर नहीं पाया:
इसके बाद से ही लगातार इन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह पर दवा दी जा रही थी लेकिन सफेद बाघ किडनी की बीमारी से उबर नहीं पाया और आज दम तोड़ दिया. हालांकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद चलेगा लेकिन प्रारंभिक कारण किडनी खराब होना ही माना जा रहा है. 
 

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जयपुर: प्रदेश के सियासी संग्राम के चलते राज्यपाल से जुड़ी 2 महत्वपूर्ण जनहित याचिकाओं को राजस्थान हाईकोर्ट ने आज खारिज कर दिया है. राज्यपाल को पद से हटाने से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने जनहित याचिका को सारहीन बताया. शांतनु पारीक द्वारा लगाई गई याचिका को सीजे इंद्रजीत महांति ने सारहीन बताते हुए खारिज किया. याचिका में विधानसभा सत्र नहीं बुलाने को लेकर राज्यपाल को हटाने की गुहार की गई थी. इसके साथ ही केंद्र सरकार को राष्ट्रपति को सिफारिश भेजने के निर्देश देने की भी मांग की गई थी. 

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राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी खारिज: 
इसके साथ ही राज्यपाल से जुड़ी दूसरी जनहित याचिका भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी. एडवोकेट एसके सिंह की जनहित याचिका को विड्रॉ करने पर हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह जनहित याचिका राज्यपाल को सत्र आहूत करने के निर्देश देने को लेकर दायर की गई थी. 

अलग-अलग दो जनहित याचिकाएं दायर की गई थी:
बता दें कि सियासी संग्राम के दौरान मुख्यमंत्री और केबिनेट की ओर से विधानसभा सत्र आहुत करने को लेकर भेजे गये प्रस्ताव को राज्यपाल ने इंकार कर दिया था. जिसके बाद एडवोकेट एस के सिंह और एडवोकेट शांतनु पारीक ने अलग-अलग दो जनहित याचिकाए दायर कर हाईकोर्ट में चुनौति दी. याचिका दायर होने के दूसरे ही दिन राज्यपाल ने कैबिनेट प्रस्ताव के आधार पर 14 नवंबर से सत्र को मंजूरी दे दी है. 

जैसलमेर में विधायक मन से साथ, हम फ्लोर टेस्ट को तैयार- परसादी लाल मीणा  

राज्यपाल को हटाने की मांग की गयी थी:
उसके बाद आज मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति की खण्डपीठ में दोनों ही जनहित याचिकाएं सूचीबद्ध थी. एडवोकेट एस के सिंह की याचिका में जहां सत्र आहुत करने के निर्देश देने की मांग कि गयी थी. वहीं एडवोकेट शांतनु पारीक की जनहित याचिका में केन्द्र सरकार को पक्षकार बनाते हुए राज्यपाल को हटाने की मांग की गयी थी. लेकिन राजस्थान हाई कोर्ट ने अब दोनों ही जनहित याचिकाएं खारिज कर दी.  


 

जैसलमेर में विधायक मन से साथ, हम फ्लोर टेस्ट को तैयार- परसादी लाल मीणा

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जयपुर: जैसलमेर में बाड़े बंदी से लौटकर उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा ने सचिवालय आकर कामकाज संभाला और उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली. बैठक के बाद उन्होंने मौजूदा सियासी संकट से लेकर उद्योग विभाग की गतिविधियों तक से जुड़े कई मुद्दों पर बेबाकी से बातचीत की. परसादी लाल मीणा ने कहा कि जैसलमेर में विधायक मन से साथ हैं और विधायकों के आपस में एक दूसरे के कमरे में न जाने या पूछकर ही बाहर आने जैसी बातें मनगढ़ंत हैं जो हॉर्स ट्रेडिंग में लिप्त लोगों ने उड़ाई हैं जिसमे सच्चाई नहीं है. 

VIDEO: आखिर कहां है इस वक्त पायलट कैंप के विधायक? जानकार सूत्रों ने दिए संकेत 

300-400 करोड़ के इस पैकेज से उद्योगों को उबरने में राहत मिलेगी:
उन्होंने बताया कि कोरोनावायरस के चलते झटका खा रहे उद्योगों को राहत देने का प्रस्ताव कैबिनेट ने अप्रूव किया है और 300-400 करोड़ के इस पैकेज से उद्योगों को उबरने में राहत मिलेगी. उन्होंने बताया कि कैबिनेट ने वन स्टॉप शॉप का फैसला किया है लेकिन इसका अभी ऑर्डिनेंस नहीं बन सकता लेकिन विधानसभा में इसी सत्र में इस का बिल लाएंगे जिसकी तैयारी की जा रही है. इसके बाद उद्योग लगाने के लिए सौ तरह की अनुमति 1 ही जगह ली जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि पूर्व राजस्व प्रमुख सचिव संदीप वर्मा ने गलत तरीके से पावर रीको की भूमि अधिग्रहण की पावर ले ली थी जिसे अब वापस संशोधित किया गया है. इस संशोधन के कल तक आदेश निकल जाएंगे जिसके बाद 22 क्षेत्र में उद्योगों के लिए जमीन रीको एक्वायर करके उद्योग शुरू करवाए जाएंगे. उन्होंने खुद के सचिवालय आने को लेकर कहा कि जनता के काम मे अड़चन नहीं आएगी...

सरकारी काम सारे हो रहे हैं: 
कोई फाइल पेंडिंग नहीं है और इस बारे में विपक्षी आलोचक गलत बातें मीडिया में प्रचारित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि 13-14 अगस्त या इससे पूर्व भी सारे विधायक विधानसभा में भाग लेने के लिए जयपुर आ सकते हैं और उन पर किसी तरह की बंदिश नहीं है. 

VIDEO: PCC की नई टीम की घोषणा जल्द, युवा चेहरों को मिलेगी जिम्मेदारी 

विधायकों ने ही जैसलमेर को चूज किया: 
बाड़े बंदी की जगह बदलने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विधायकों ने ही जैसलमेर को चूज किया है. सभी विधायकों का लोकतंत्र और सरकार बचाने का संकल्प है. मीणा ने कहा कि जब विपक्ष मांग करें तो फ्लोर टेस्ट के लिए हम तैयार हैं...103 विधायक हमारे साथ हैं. 

दो लाख रुपए की रिश्वत मामले में ACB ने आधी रात रायसिंहनगर ASP को किया ट्रैप, सुरक्षाकर्मी ने की फायरिंग

जयपुर: ACB देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए रिश्वत मामले में श्रीगंगानगर जिले के रायसिंहनगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत जीनगर और उनके साथ एक दलाल को गिरफ्तार किया है. ACB 2 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के सुरक्षाकर्मी ने उनको फरार कराने के लिए ब्यूरो की ACB की टीम पर फायरिंग भी की, लेकिन वह सफल नहीं हो पाया. 

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ACB की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप: 
ACB की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत जीनगर लंबे समय से रायसिंहनगर में तैनात हैं. हालांकि अभी तक अभी तक पूरे मामले का खुलासा नहीं हुआ. ACB ट्रैप की कार्रवाई आधी रात करीब 1.30 बजे जीनगर के रायसिंहनगर स्थित सरकारी आवास पर अंजाम दिया गया. 

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