रिलायंस का हरित ऊर्जा कारोबार ले रहा है आकार, कर-पूर्व लाभ में 10% योगदान देगा: रिपोर्ट

रिलायंस का हरित ऊर्जा कारोबार ले रहा है आकार, कर-पूर्व लाभ में 10% योगदान देगा: रिपोर्ट

रिलायंस का हरित ऊर्जा कारोबार ले रहा है आकार, कर-पूर्व लाभ में 10% योगदान देगा: रिपोर्ट

नई दिल्ली: मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. (आरआईएल) ने अपने हरित ऊर्जा कारोबार को आकार देने के लिए सौर, बैटरी और हाइड्रोजन क्षेत्र में निवेश की खातिर कई भागीदारियां की हैं. इनका अगले पांच साल में कंपनी के पूर्व-कर लाभ में लगभग 10 प्रतिशत का योगदान रह सकता है. एक रिपोर्ट में यह आकलन किया गया है. 

गौरतलब है कि कंपनी ने आरईसी, नेक्सवेफ, स्टर्लिंग एंड विल्सन, स्टिसाल और अंबरी के साथ 1.2 अरब डॉलर की कुल लागत वाली साझेदारियों की घोषणा की है. ब्रोकरेज कंपनी बर्नस्टीन ने एक रिपोर्ट में कहा है, "इन निवेश के साथ रिलायंस ने सौर, बैटरी और हाइड्रोजन के माध्यम से पूरी तरह से एकीकृत एंड-टू-एंड नवीकरणीय ऊर्जा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण शुरू करने के लिए विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी संबंधी पोर्टफोलियो हासिल कर लिया है. 

इसमें कहा गया कि रिलायंस अधिग्रहण की गयी प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण करेगी और भारत में विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी. साथ ही कहा गया कि उम्मीद है कि रिलायंस स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र के लिए ईंधन सेल और प्रमुख सामग्री जैसी प्रौद्योगिकी में निवेश करना जारी रखेगी. रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा अनुमान है कि नवीन ऊर्जा कारोबार वित्त वर्ष 2025-26 तक आरआईएल के ईबीआईटीडीए (ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई) में करीब 10 प्रतिशत योगदान देगा. सोर्स-भाषा
 

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