मंत्रिमंडल समितियों का पुनर्गठन: रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं

मंत्रिमंडल समितियों का पुनर्गठन: रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं

मंत्रिमंडल समितियों का पुनर्गठन: रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में फेरबदल के कुछ दिनों बाद सरकार ने मंत्रिमंडल की शक्तिशाली समितियों का पुनर्गठन किया है, जिसके तहत केंद्रीय मंत्रियों स्मृति ईरानी, भूपेंद्र यादव और सर्वानंद सोनोवाल को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली राजनीतिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति का सदस्य बनाया गया है. जबकि मंत्रिपरिषद से हटाए जाने के बाद रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं है.

दो सदस्यीय नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शामिल:
मंत्रिमंडल सचिवालय की सोमवार रात जारी अधिसूचना के अनुसार, संसदीय मामलों की मंत्रिमंडल समिति में केंद्रीय मंत्रियों अर्जुन मुंडा, वीरेंद्र कुमार, किरण रीजीजू और अनुराग ठाकुर को शामिल किया गया है. हालांकि, सुरक्षा मामलों पर निर्णय लेने वाले देश की सर्वोच्च संस्था - सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति और संयुक्त सचिव एवं उससे ऊपर के पदों पर सरकारी नियुक्तियों के संबंध में फैसला करने वाली नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति की संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है. प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर सुरक्षा संबंधी मंत्रिमंडल समिति के सदस्य हैं. दो सदस्यीय नियुक्ति संबंधी मंत्रिमंडल समिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री शामिल हैं.

रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं:
राजनीतिक मामलों संबंधी मंत्रिमंडल समिति में प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, प्रह्लाद जोशी, सर्वानंद सोनोवाल, गिरिराज सिंह, मनसुख मंडाविया और भूपेंद्र यादव शामिल है. इस समिति में ईरानी, सोनोवाल, गिरिराज सिंह, मंडाविया और यादव नए सदस्य हैं, जबकि मंत्रिपरिषद से हटाए जाने के बाद रवि शंकर प्रसाद और हर्षवर्धन अब इसमें शामिल नहीं है.

अधिसूचना के अनुसार, आर्थिक मामलों संबंधी मंत्रिमंडल समिति में नौ सदस्य शामिल हैं. इस समिति में प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, एस जयशंकर, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान सदस्य हैं. इससे पहले पूर्व मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और रविशंकर प्रसाद भी इस समिति का हिस्सा थे.

ये है संसदीय मामलों की मंत्रिमंडल समिति के सदस्य:
राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, अर्जुन मुंडा, प्रल्हाद जोशी, वीरेंद्र कुमार, किरण रीजीजू और अनुराग ठाकुर. संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और वी मुरलीधरन समिति के विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. इससे पहले रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर भी इसका हिस्सा थे.

निवेश और विकास संबंधी मंत्रिमंडल समिति में प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, नारायण राणे, ज्योतिरादित्य सिंधिया और अश्विनी वैष्णव शामिल हैं. राणे, सिंधिया और वैष्णव निवेश एवं विकास संबंधी मंत्रिमंडल समिति में नए सदस्य हैं.

रोजगार और कौशल विकास संबंधी मंत्रिमंडल समिति के सदस्य हैं: प्रधानमंत्री मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, निर्मला सीतारमण, नरेंद्र सिंह तोमर, पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, अश्विनी वैष्णव, हरदीप सिंह पुरी और भूपेंद्र यादव. इस समिति में विशेष आमंत्रित सदस्य हैं: नितिन गडकरी, आरसीपी सिंह और जी किशन रेड्डी. इसमें अश्विनी वैष्णव और भूपेंद्र यादव नए सदस्य हैं जबकि आरसीपी सिंह और जी किशन रेड्डी नए विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. इससे पहले, पूर्व केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' एवं संतोष कुमार गंगवार और केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडे इस समिति के सदस्य थे, जबकि स्मृति ईरानी और प्रह्लाद सिंह पटेल विशेष आमंत्रित थे.

आवास संबंधी मंत्रिमंडल समिति में अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं जबकि जितेंद्र सिंह विशेष आमंत्रित सदस्य हैं. इससे पहले पुरी विशेष आमंत्रित सदस्य थे.

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