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जलदाय अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारनामे, बिना काम किए ही ठेकेदारों को दिया जा रहा पेमेंट

जयपुर: भ्रष्टाचार के लिए बदनाम प्रदेश के जलदाय विभाग में अफसरों के एक के बाद एक कई कारनामें सामने आ रहे हैं. कहीं पर बिना काम किए ही ठेकेदारों को पेमेंट दिया जा रहा है, तो कहीं पर चहेतों को फायदा पहुंचानें के लिए वर्क ऑर्डर ही बदले जा रहे हैं. देखिए जलदाय विभाग में भ्रष्टाचार की पोल खोलती यह एक्सक्लुसिव रिपोर्ट. 

जलदाय विभाग में एक एक्सईन के कारनामे !
-एक फर्म पर मेहरबान हुए एक्सईन साहब
-हाथ की सफाई से काम करने की तारीख ही बदल डाली
-कनिष्ठ लेखाकार के पत्र से हुआ मामले का खुलासा
-करीब 32 फीसदी कम रेट में दे दिया फर्म को ठेका
-ऐसे में काम की क्वालिटी पर भी उठ खड़े हुए सवाल
-अब मुख्यमंत्री गहलोत तक पहुंची मामले की शिकायत
-लेकिन उच्च अधिकारी पर्दा डालने की कोशिश में
-गांधी नगर शराब कांड मामले में भी चर्चित थे एक्सईन

एक्सईन ने दिखाई हाथ की सफाई:
ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए एक्सईन की सफाई का पहला नमूना आपको दिखाते हैं. फर्स्ट इंडिया के पास मौजूद दस्तावेज के अनुसार जयपुर के नगर खंड चतुर्थ दक्षिण में मैसर्स सैनी इंडस्ट्रीज को पाइपलाइन काम काम दिया गया था. आदेश के अनुसार 17 जून 2020 को काम शुरू होना था, लेकिन एक्सईन ने हाथ की सफाई दिखाते हुए इस तारीख को 27 अप्रैल कर दिया. मामले का खुलासा तो तब हुआ, जब कनिष्ठ लेखाकार ने पत्र लिखकर अपनी असहमति जताई. कनिष्ठ लेखाकार ने साफ लिखा है कि बिना लेखाकर्मी की जानकारी के एक्सईन ने यह बदलाव किया है, ऐसे में इस प्रकरण की जांच होनी चाहिए.

मान्यता खत्म, खेल खत्म ! 54 राष्ट्रीय महासंघों की मान्यता खत्म, अब देश में एक भी खेल संघ मान्यता प्राप्त नहीं

यह एक ही मामला नहीं:
यह एक ही मामला नहीं है. अब आगे आगे देखिए इन एक्सईन साहब के और कारनामें. जलदाय विभाग के स्टाफ क्वार्टर, एईन दफ्तर में मैंटीनेंस, इलेक्ट्रिक व सेनेट्री काम के लिए तीन निविदाओं 44, 45 व 46 के माध्यम से आदेश दिए गए, लेकिन नोटशीट पढ़कर ही समझ में आ जाता है कि साहब व ठेकेदार के बीच क्या खेल हुआ है. निविदा संख्या 44/2019-20 में 21 फीसदी कम रेट पर काम देने का फैसला हुआ, लेकिन खास बात यह है कि इसी काम के लिए जब पहले टेंडर किया था, तब 16 फीसदी रेट पर काम इसलिए देने से मना कर दिया कि इससे गुणवत्ता वाला काम नहीं होता. आप खुद नोटशीट देखिए, जिसमें साफ लिखा है कि 16 फीसदी रेट पर किसी के लिए भी गुणवत्ता पूर्वक काम करना संभव नहीं है और निविदा कमेटी ने इसे उचित नहीं माना. 30 लाख रुपए की निविदा संख्या 45/2019-20 में भी ऐसा ही खेल हुआ. इस काम के लिए पहले जब निविदा जारी की थी, तब रेट 14.22 बिलो आई थी, लेकिन कमेटी ने इसे सही नहीं माना, लेकिन अब इसकी रेट 22 फीसदी बिलो है. करीब 25 लाख रुपए के काम की निविदा संख्या 46/2019-20 में 21 फीसदी बिलो रेट को गुणवता पूर्ण काम के लिए उचित नहीं माना, लेकिन अब दोबारा निविदा निकाली तो 26 फीसदी बिलो रेट को भी उचित मान लिया. सवाल बिलकुल साफ है. इन तीनों टेंडर में जब पहले की बजाय अब और भी बिलो (below) रेट आई है, तो उसे उचित कैसे मान लिया. इतनी कम रेट में गुणवत्ता वाला काम कैसे होगा.

जलदाय विभाग के आला अफसरों की मेहरबानी:
गांधी नगर शराब कांड मामले में चर्चित थे इन एक्सईन साहब को एक और कारनामा बताते हैं. दिसंबर 2019 में एक आदेश के द्वारा भरतपुर की एक फर्म को ट्यूबवेल का काम दिया गया था, लेकिन नोट शीट में साफ लिखा है कि इस फर्म ने निर्धारति समयावधि में APS राशि, स्टाम्प व अनुबंध पत्र संपादित नहीं किए. ऐसे में सिफारिश की गई कि जुर्माना लगाकर जमानत राशि भी जब्त कर ली जाए. इस सिफारिश के बाद सभी एईन को निर्देश दिए गए कि फर्म के काम रोक दिए जाए. लेकिन फर्म से मिलकर साहब ने ऐसा खेल रचा कि न केवल उनके काम का मेजरमेंट कर लिया, बल्कि बिल बनाकर भुगतान के आदेश दे दिए. अब सवाल यह उठता है कि फर्म को सजा देने की बजाय अफसर की मेहरबानी क्यों है. खास बात यह है कि संबंधित अफसर पहले भी विवादों में रहा है, लेकिन जलदाय विभाग के आला अफसरों की मेहरबानी इस कदर है कि यहां पर खुला खेल चल रहा है. अब देखना है कि विभाग के प्रमुख सचिव इस खेल को रोककर प्रभावी कार्रवाई करेंगे या फिर जलदाय विभाग को ढर्रा पहले की तरह चलता रहेगा.

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डिजिटल बाल मेला में कोरोना क्विज़, कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती ने दिया जवाब 

डिजिटल बाल मेला में कोरोना क्विज़, कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती ने दिया जवाब 

जयपुर: डिजिटल बाल मेला में शामिल होने वाले बच्चों के लिए हर दिन ऑनलाइन एक्टिविटी आयोजित की जा रही है. बाल मेला की टीम ने मंगलवार को ऑनलाइन डिबेट की थी तो आज कोरोना क्विज़ आयोजित हो रही है. कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉक्टर सुदीप्तो चक्रवर्ती ने जबाव दिया.

कोरोना की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. इसलिए डिजिटल बाल मेला  उन्हें घर बैठे ही अपनी प्रतिभा सामने लाने का मौका दे रहा है. साथ ही हर दिन अलग अलग तरह की ऑनलाइन एक्टिविटी में शामिल होने का अवसर भी. 

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जयपुर के डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती आज बच्चों के सवाल के ऑनलाइन जवाब दे रहे हैं. गौरतलब है कि डिजिटल बाल मेला में होने वाले हर आयोजन को बच्चे ही संभालते हैं. आज की क्विज़ को अजमेर से गौरी खंडेलवाल मोडरेट करेंगी.

डिजिटल बाल मेला में लगा हुनरबाज़ों का मेला, बच्चों को घर बैठे कुछ नया करने का मिल रहा है मौका

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जयपुर: राजस्थान में आजकल बच्चों की पसंदीदा जगह बन चुकी है डिजिटल बाल मेला.इस मेला में शामिल होकर बच्चे अपना हुनर दिखा रहे हैं.एक्टिंग से लेकर डांसिग और पेंटिंग से लेकर निबंध लेखन पर बच्चे अपना हुनर दिखा रहे हैं.बच्चे अलग अलग विधाओं में अपने वीडियो बना रहे हैं और डिजिटल बाल मेला में भेज रहे हैं.

अगर आपको भी इसमें शामिल होना है तो तरीका है बहुत ही आसान.बाल मेला की वेबसाइट है - www.digitalbaalmela.com बाल मेला का फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज भी है.6 से 14 साल का कोई भी बच्चा इसमें शामिल हो सकता है.आप अपने मनपसंद काम का वीडियो बनाकर इस बाल मेला में होने वाली प्रतियोगिता में अवार्ड जीत सकते हैं. 25 दिसंबर को जीतने वालों को कैश प्राइज़ मिलेगा.

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बाल मेला के फोन नंबर है – 8005915026 इस नंबर पर आप किसी भी तरह की जानकारी ले सकते हैं.अपना वीडियो बनाकर भेज सकते हैं. वीडियो व्हाट्सएप या टेलीग्राम कर सकते हैं या [email protected] पर मेल भेज सकते हैं. 

Devuthani Ekadashi 2020: 4 माह की नींद के बाद जाग गए भगवान विष्णु, मांगलिक कार्यों की हुई शुरूआत

Devuthani Ekadashi 2020: 4 माह की नींद के बाद जाग गए भगवान विष्णु, मांगलिक कार्यों की हुई शुरूआत

जयपुर: आज देशभर में देव उठनी एकादशी का पर्व मनाया जा रहा हैं. ये पर्व इसलिए खास हैं, क्योंकि इसी दिन भगवान विष्णु 4 माह की नींद के बाद जागते हैं. कार्तिक शुक्ल एकादशी बुधवार को देवोत्थान एकादशी के रूप भी मनाई जा रही हैं. भगवान श्रीहरी 4 माह के शयन यानी योग निद्रा से जाग गए. इसी दिन हिन्दू धर्मावलंबियों के शुभ मांगलिक कार्यों का शुभारंभ भी हो गया. प्रबोधनी एकादशी ही वृंदा (तुलसी) के विवाह का दिन है.इस दिन से हिंदु धर्म में सभी शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं. इसी के साथ इसी एकादशी के दिन तुलसी और शालिग्राम के विवाह का उत्सव मनाया जाता हैं. तुलसी विवाह कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है. मान्यता है की तुलसी विवाह कराने से तुलसी विवाह कन्यादान के बराबर फल मिलता है.

ऐसे ​कीजिए एकादशी पूजा: 
इस दिन सुबह जल्दी उठकर सही कामों ने निवृत्त होकर स्नान कर लें और साफ वस्त्र पहन लें. इसके बाद भगवान विष्णु का स्मरण करें.सायंकाल को पूजा वाली जगह को साफ करके चूना और गेरू की सहायता से रंगोली बनाएं. इसके साथ ही भगवान विष्णु का चित्र या फिर तस्वीर रखें. अब ओखली को भी गेरू के माध्यम से चित्र बना लें. इसके बाद ओखली के पास फल, मिठाई, सिंघाड़े और गन्ना रखें.इसके बाद इसे डालिया से ढक दें.रात के समय यहां पर घी के 11 दीपक देवताओं को निमित्त करते हुए जलाएं. इसके बाद घंटी बजाते हुए भगवान विष्णु को उठाएं और बोले- उठो देवा, बैठा देवा, आंगुरिया चटकाओ देवा, नई सूत, नई कपास, देव उठाए कार्तिक मास. तुलसी का भगवान विष्णु के साथ विवाह करके लग्न की शुरुआत होती है.

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भगवान को पूरे विधि-विधान से जगाएंगे भक्त :
मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल हरिशयन एकादशी पर भगवान चार महीने के लिए शयन करने चले जाते और देवोत्थान एकादशी पर जागते हैं.प्रबोधनी एकादशी पर बुधवार को भगवान को पूरे विधि-विधान से भक्त जगाएंगे.दिनभर श्रद्धालु उपवास में रहेंगे.शाम को शालिग्राम भगवान को रखकर पूजा की जाएगी. वेद मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालु भगवान विष्णु को जगाते हैं.

भगवान विष्णु को जगाने के लिए इस मंत्र का करें जाप:
उत्तिष्ठ गोविन्द त्यज निद्रां जगत्पतये।
त्वयि सुप्ते जगन्नाथ जगत्‌ सुप्तं भवेदिदम्‌॥
उत्थिते चेष्टते सर्वमुत्तिष्ठोत्तिष्ठ माधव।
गतामेघा वियच्चैव निर्मलं निर्मलादिशः॥
शारदानि च पुष्पाणि गृहाण मम केशव।

राजस्थान: पटेल के निधन पर शोक की लहर, सीएम गहलोत ने जताया शोक, कहा-पार्टी में उनके योगदान को किया जाएगा हमेशा याद 

राजस्थान: पटेल के निधन पर शोक की लहर, सीएम गहलोत ने जताया शोक, कहा-पार्टी में उनके योगदान को किया जाएगा हमेशा याद 

जयपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं गुजरात से राज्यसभा सांसद अहमद पटेल का आज निधन हो गया. पटेल के निधन पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गहरा शोक व्यक्त किया हैं. मुख्यमंत्री गहलोत ने इसे कांग्रेस पार्टी के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है. वहीं पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भी पटेल के निधन को अपूरणीय क्षति बताया है. पटेल के निधन के बाद राजस्थान कांग्रेस में शोक की लहर छाई हुई है. पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पटेल को सोशल मीडिया पर श्रद्धाजंलि दे रहे हैं.

कांग्रेस पार्टी और मेरे जैसे कार्यकर्ताओं के लिए बहुत बड़ी क्षति :
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पटेल के निधन पर ट्वीट कर कहा कि वरिष्ठ नेता और दोस्त अहमद पटेल का असमय निधन कांग्रेस पार्टी और मेरे जैसे कार्यकर्ताओं के लिए बहुत बड़ी क्षति है. पार्टी के प्रति उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा. उनकी आत्मा को शांति मिले. परिजनों के प्रति गहरी संवेदना.

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पटेल जी के देहांत का दुखद समाचार मिला:
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पटेल के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी के मज़बूत स्तम्भ अहमद पटेल जी के देहांत का दुखद समाचार मिला. भारतीय राजनीति में उनकी क्षतिपूर्ति कभी नहीं हो सकेगी. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करने एवं उनके परिवारजनों को यह आघात सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.

अहमद पटेल जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं:
सचिन पायलट ने ट्वीट कर पटेल के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि अहमद पटेल जी के निधन से अत्यंत दुखी हूं. पटेल ने एक शून्य छोड़ दिया है, जिसे भरा नहीं जा सकता. वे एक समर्पित कांग्रेसी, राष्ट्रवादी, मित्र और मार्गदर्शक थे. पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने भी ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस पार्टी के मजबूत स्तम्भ अहमद पटेल जी के देहांत का दुखद समाचार मिला. भारतीय राजनीति में उनकी क्षतिपूर्ति कभी नहीं हो सकेगी. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करने एवं उनके परिवारजनों को यह आघात सहने का संबल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं.

पटेल के निधन पर इन नेताओं ने जताया दुख: 
अहमद पटेल के निधन पर मंत्री डॉ. रघु शर्मा, प्रतापसिंह खाचरियावास, शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, प्रमोद जैन भाया, लालचंद कटारिया, सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी, राजीव अरोड़ा, धर्मेंद्र राठौड़ और रणदीप धनकड़ समेत कई नेताओं ने दुख व्यक्त किया है.

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एसीबी की बड़ी कार्रवाई: मुंबई पुलिस के सब इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते जयपुर में  गिरफ्तार

जयपुरः भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की स्पेशल टीम मंगलवार को कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर और उसके तीन साथी कांस्टेबलों को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि रिश्वत की यह राशि मुंबई के बोरीवली थाने में दर्ज एक मामले में कार्रवाई नहीं करने की एवज में मांगी गई थी. 

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डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में की गई कार्रवाईः
जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जयपुर की टीम ने डीजी बीएल सोनी और एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर प्रशांत शिंदे और इसके तीन कांस्टेबल साथियाें को 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. पुलिस ने बताया कि जयपुर के रहने वाले एक व्यक्ति ने एसीबी मुख्यालय में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके खिलाफ बोरीवली थाना, मुंबई में धोखाधड़ी का एक मामला दर्ज है. मामले में सब इंस्पेक्टर अपने साथियों के साथ जयपुर पहुंचा और आरोपी के मकान मालिक को जबरन उठा लिया. उसने बताया कि आरोपी मकान मालिक को छोड़ने की एवज में 5 लाख रुपए की रिश्वत मांग की थी.

सब इंस्पेक्टर प्रशांत शिंदे और इसके तीन कांस्टेबल गिरफ्तारः
एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के बाद एडिशनल एसपी संजीव नैन के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर प्रशांत शिंदे और इसके तीन कांस्टेबल साथियाें को 2 लाख रुपए की रिश्वत की राशि के साथ गिरफ्तार कर लिया.

कोरोना महामारी के बीच राजस्थान में बुधवार को हजारों शादियां, आखिर कैसे बैठेगा तालमेल, अलर्ट मोड में प्रशासन

कोरोना महामारी के बीच राजस्थान में बुधवार को हजारों शादियां, आखिर कैसे बैठेगा तालमेल, अलर्ट मोड में प्रशासन

जयपुर: राजस्थान में बुधवार को शादियों का ‘अबूझ सावा’ है और राजधानी जयपुर में करीब 4,000 विवाह समारोह सहित पूरे राजस्थान में इस दिन दसियों हजार शादियां होनी हैं. बुधवार, 25 नवंबर को को देवउठनी एकादशी है. परंपरागत रूप से इसे ‘अबूझ सावा’ कहा जाता है यानी इस दिन शादी विवाह के लिए मुहुर्त निकलवाने की जरूरत नहीं होती. कोरोना वायरस महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के खुलने के बाद यह अपनी तरह का बड़ा अवसर है जब एक ही दिन में हजारों शादियां होंगी.

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प्रशासनिक अधिकारी संक्रमण की रोकथाम के दिशा-निर्देशों का पालना कर रहे सुनिश्चितः
कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के बीच इन शादियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारी संक्रमण की रोकथाम के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए मशक्कत कर रहे हैं. वहीं राज्यपाल कलराज मिश्र व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लोगों से ऐसे आयोजनों के दौरान सजग-सतर्क रहने की अपील की है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उपखंड अधिकारी एसडीएम कार्यालय जयपुर में 2,600, एसडीएम कार्यालय आमेर में 600 व एसडीएम कार्यालय सांगानेर में लगभग 1,400 शादियों की सूचना है. इनमें से 80 प्रतिशत शादियां बुधवार को होनी हैं. इसके बाद 27 नवंबर व 30 नवंबर को बड़ा सावा है.

 केवल जयपुर शहर में  4,000 से ज्यादा शादियांः 
ऑल इंडिया टेंट डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि जिंदल के अनुसार राजस्थान में कल दसियों हजार शादियां होंगी. उन्होंने कहा कि केवल जयपुर शहर में आधिकारिक रूप से यह आंकड़ा 4,000 से अधिक शादियों का है. पूरे राज्य की बात की जाए तो आंकड़ा दसियों हजार होगा. उल्लेखनीय है कि राजस्थान में शादियों के दो बड़े सावे होते हैं. अप्रैल में आखा तीज यानी अक्षय तृतीया का और दूसरा देवोत्थान या देवउठनी ग्यारस का. लॉकडाउन के चलते आखा तीज पर इस बार बड़ी संख्या में विवाह नहीं हो पाए.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ने शादी-विवाह में लोगों की संख्या 250 से घटाकर 100 कीः
उल्लेखनीय है कि दिवाली के बाद कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद सरकार ने नियमों में संशोधन करते हुए शादी-विवाह के लिए लोगों की संख्या को 250 से घटाकर 100 कर दिया है. एक अधिकारी ने ‘भाषा’ से कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हो रही शादियों में लोगों की संख्या सहित अन्य प्रोटोकॉल का पालन करवाना आसान काम नहीं है.

जिला कलक्टर ने कहा- लोग नियमों और प्रोटोकाल का पालन करेंः
वहीं जयपुर के अतिरिक्त जिला कलेक्टर शंकर लाल सैनी ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बीच यह निश्चित रूप से चुनौतीपूर्ण काम है. जिला प्रशासन व पुलिस के लोग लगातार लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि वे नियम प्रोटोकाल का पालन करें.

राज्यपाल मिश्र व मुख्यमंत्री गहलोत लोगों से सतर्क रहने की अपीलः
वहीं राज्यपाल मिश्र व मुख्यमंत्री गहलोत ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. राज्यपाल मिश्र ने मंगलवार को लोगों से वैवाहिक समारोहों तथा सार्वजनिक आयोजनों में अधिक भीड़ एकत्र न करने की अपील की. गहलोत ने सोमवार रात समीक्षा बैठक में कहा कि सरकार ने शादी विवाह में 100 से अधिक लोगों को अनमुति नहीं देने व मास्क नहीं लगाने पर जुर्माना बढ़ाने का फैसला किया है क्योंकि सरकार को अहसास है कि राज्य में संक्रमण के मामले बढ़ने के कारणों में त्योहारी सीजन के दौरान बाजारों में उमड़ी भीड़, बढ़ती सर्दी और वैवाहिक कार्यक्रमों में अधिक संख्या में लोगों की उपस्थिति भी है.
सोर्स भाषा

राजस्थानः योजना विभाग एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच एलओयू, मुख्यमंत्री गहलोत ने दी स्वीकृती

राजस्थानः योजना विभाग एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच एलओयू, मुख्यमंत्री गहलोत ने दी स्वीकृती

जयपुर: खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा किए जाने वाले प्रयासों में अब संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) का सहयोग मिलेगा. राज्य सरकार के विभिन्न विभागों एवं विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच प्रस्तावित सहभागिता के लिए लेटर ऑफ अण्डरस्टेंडिंग (एलओयू) साईन किया गया है. जिसे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वीकृती दे दी है.

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एमओयू के आधार पर विभिन्न विभागों के साथ पार्टनरशिप विकसित करने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा एलओयू पर हस्ताक्षर किए जा रहेः
उल्लेखनीय है कि भूख के खात्मे, खाद्य सुरक्षा, पोषण में सुधार तथा स्थाई कृषि को बढावा देने जैसे सतत् विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा 29 अक्टूबर, 2020 को मेमोरण्डम ऑफ अण्डरस्टेंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इस एमओयू के आधार पर विभिन्न विभागों के साथ पार्टनरशिप विकसित करने के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा एलओयू पर हस्ताक्षर किए जा रहे हैं. 

अन्य विभागों से भी किए जा रहे एलओयू, ताकि खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लक्ष्य प्राप्त किया जा सकेंः 
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग तथा संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम के बीच हुए मेमोरण्डम ऑफ अण्डरस्टेंडिंग (एमओयू) की शर्तों के तहत योजना विभाग सहित महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा जनजाति क्षेत्रिय विकास विभाग आदि के साथ भी विश्व खाद्य कार्यक्रम द्वारा लेटर ऑफ अण्डरस्टेंडिंग (एलओयू) किए जा रहे हैं ताकि इन विभागों द्वारा अपेक्षित सहयोग लेकर खाद्य एवं पोषण सुरक्षा के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकें. 
सोर्स भाषा
 

8653 गांवों में 2256 करोड़ रुपए की लागत से होगा ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन

8653 गांवों में 2256 करोड़ रुपए की लागत से होगा ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन

जयपुर: अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश के 8 हजार 653 गांवों में 2 हजार 256 करोड़ रुपए की लागत से ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन किया जाएगा, जिससे ग्रामवासियों को न केवल स्वच्छ परिवेश मिलेगा बल्कि इस अपशिष्ट प्रबन्धन से उन्नत खेती हेतु प्राकृतिक खाद भी मिलेगी. सिंह मंगलवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे.

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अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी शौचालय विहिन न रहे व शौचालय के लिए पात्र व्यक्तियों का नाम सूची में से नहीं हटाया जाएः
बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य में स्वच्छ गांव अभियान में ग्राम संगठनों व स्वयं सहायता समूह की सहभागिता सुनिश्चित की जाए. साथ ही महिलाओं में माहवारी स्वच्छता प्रबन्धन हेतु सेनेट्री पेड इन्सीनेरेटर के मानक तय किए जाए. अतिरिक्त मुख्य सचिव, सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी शौचालय विहिन न रहे व शौचालय के लिए पात्र व्यक्तियों का नाम सूची में से नहीं हटाया जाए.  उन्होंने अधिकारियों को जन साधारण की सुविधा एवं पूर्ण पारदर्शिता हेतु एक एप निर्माण के निर्देश दिए. इस एप से शौचालय की स्वीकृति की सूचना लाभार्थी को सीधे उसके मोबाईल पर मिल जाएगी एवं शौचालय निर्माण पूर्ण करने पर भुगतान प्रक्रिया की सूचना लाभार्थी सीधे निदेशालय, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) को दे सकेगा.

सूचना एवं जन सम्पर्क निदेशालय के अधिकारियों एवं यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञों के सहयोग से आई.ई.सी. रणनीति बनाने के निर्देश दिएः
अतिरिक्त मुख्य सचिव सिंह ने बताया कि राज्य में 10 हजार 179 सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूर्ण किया गया है. इन्हे क्रियाशील व इनका रख-रखाव ठीक तरीके से करने हेतु उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इनके रख-रखाव का निरन्तर निरीक्षण करें ताकि लोगों को बेहतर जन सुविधा मिल सके.  उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक गड्ढे वाले या सेप्टिक टैंक वाले शौचालयों को दो गड्ढे वाले शौचालयों में परिवर्तित करने के लिए ग्राम पंचायतों को आवश्यक धन राशि एवं तकनीकी सहायता अतिशीघ्र उपलब्ध कराई जाए. कोविड-19 माहमारी की भयावहता को देखते हुए इससे बचाव हेतु व्यापक जन जागरूकता लाने के लिए सिंह ने सूचना एवं जन सम्पर्क निदेशालय के अधिकारियों एवं यूनिसेफ के संचार विशेषज्ञों के सहयोग से आई.ई.सी. रणनीति बनाने के निर्देश दिए. 

मुख्य कार्यकारी अधिकारी अथहर आमिर खान ने  प्रस्तुत किया पायलेट प्रोजेक्ट का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदनः
बैठक में जिला परिषद जयपुर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अथहर आमिर खान ने राज्य में ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन पर विराट नगर में प्रस्तावित पायलेट प्रोजेक्ट का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. इस प्रोजेक्ट को तैयार करने हेतु  अथहर की सराहना करते हुए अतिरिक्त मुख्य सचिव,  सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि इस परियोजना का अनुसरण करते हुए ठोस एवं तरल कचरा प्रबन्धन की परियोजना के दिशा-निर्देश शीघ्रातिशीघ्र तैयार किय जावे जो समूचे राज्य में एकरूपता के साथ क्रियान्वित हो सके.