जयपुर में रेजीडेंटस की हड़ताल से चिकित्सा व्यवस्थाएं 'बेपटरी', नहीं हुआ मामला शांत 

Vikas Sharma Published Date 2019/03/12 08:29

जयपुर (विकास शर्मा)। राजधानी के कांवटिया अस्पताल में महिला रेजीडेंट के साथ कथित मारपीट का मामला मंगलवार को हजारों मरीजों पर भारी पड़ा। घटना से आक्रोशित एसएमएस मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट आज हड़ताल पर चले गए। घटना के चलते मेडिकल कॉलेज से अटैच अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्थाएं बेपटरी हो गई। देर शाम तक रेजीडेंटस के साथ वार्ता के दौर चले, लेकिन कांवटिया अस्पताल अधीक्षक को हटाने की मांग पूरी नहीं होने के चलते मामला शांत नहीं हुआ। ऐसे में अब कल भी मरीजों को दिक्कतें झेलनी पड़ेगी। एक रिपोर्ट-

कांवटिया अस्पताल में महिला रेजीडेंट से कथित मारपीट के मामले ने आज तूल पकड़ा। डॉक्टरों ने आरोपियों को पकड़ने, अधीक्षक डॉ. लिनेश्वर हर्षवर्धन को हटाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और फिजिकली फिट गार्ड तैनात करने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू कर दी। इस फैसले का सर्वाधिक असर एसएमएस अस्पताल में देखने को मिला, जहां ओपीडी में हजारों की तादात में मरीज घंटों तक धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर को तलाशते नजर आए। आईपीडी में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे। जहां मरीज इलाज के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए। 

आखिर क्या हुआ था विवाद:
- पूरा मामला एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच कांवटिया अस्पताल का है। 
- यहां सोमवार रात 9 बजे महिला रेजीडेंट डॉक्टर ड्यूटी पर तैनात थीं
- उसी दौरान परिजन एक मरीज को लेकर आए, तो महिला रेजीडेंट ने पर्ची पर दवा लिखना शुरू कर दिया 
- आरोप ये है कि परिजन अचानक तेश में आ गए और ट्रीटमेंट ऑर्डर फाडकर फेंक दिया 
- आरोप ये भी है कि कुछ लोगों ने महिला डॉक्टर से गालियां निकालते हुए बत्तमीजी की....
- आरोप ये भी है कि घटना का विरोध करने पर महिला रेजीडेंट के बाल खींचकर घसीटा और लातें मारीं। 
- इससे सकते में आईं डॉक्टर ने बाथरुम में घुसकर जान बचाई।
- घटना की सूचना मिलते ही सभी अस्पतालों के रेजीडेंट कांवटिया अस्पताल पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी
- देर रात तक चले नाटकीय घटनाक्रम में किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होने से आक्रोशित रेजीडेंट सभी अस्पतालों से सुबह से हड़ताल पर चले गए 

एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ सुधीर भण्डारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आज दोपहर रेजीडेंट के साथ वार्ता की। इस दौरान सभी अस्पतालों के अधीक्षक, पुलिस के आलाधिकारी मौजूद रहे। रेजीडेंट की मांगों को वाजिब मानते हुए दो आरोपियों को पुलिस ने पकड़ने की सूचना वार्ता के दौरान दी। साथ ही कॉलेज प्राचार्य ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की आश्वासन भी दिया, लेकिन रेजीडेंट कावंटिया अस्पताल अधीक्षक डॉ लीनेश्वर हर्षवर्धन को हटाने की मांग पर अड़े रहे। हालांकि इस दौरान वरिष्ठ चिकित्सकों ने अस्पतालों में व्यवस्थाएं संभाले का प्रयास किया, लेकिन मरीजों की भारी भीड़ के आगे वे भी लाचार दिखे। इस दौरान पहले से तय करीब 150 से अधिक ऑपरेशन टालने पड़े। 

देर शाम रेजीडेंटस की जीबीएम की बैठक में भी आक्रोश बरकरार रहा। रेजीडेंटस ने मांगों पूरी नहीं होने पर विरोध जताते हुए हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। अब चिंता की बात ये है कि दूसरे मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंटस ने भी आंदोलन के समर्थन उतरने के संकेत दिए है। ऐसे में जल्द ही मामले को नहीं सुलझाया गया तो जयपुर ही नहीं पूरे प्रदेश के मरीजों के लिए परेशानी खड़ी होना तय है। 

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