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मतदान से ऐनवक्त पहले 5 और संसदीय सचिवों के इस्तीफे

मतदान से ऐनवक्त पहले 5 और संसदीय सचिवों के इस्तीफे

जयपुर। राजस्थान में आज विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान जारी है और इसी बीच वोटिंग से ऐनवक्त पहले सरकार के 5 और संसदीय सचिवों ने इस्तीफे दे दिए हैं। राज्य सरकार ने इनके इस्तीफे स्वीकार करके हाई कोर्ट में तथ्यात्मक जानकारी भी दी है। नरेंद्र नागर, विश्वनाथ मेघवाल, सुरेश रावत, भीमा भाई डामोर और शत्रुघ्न गौतम ने अपने इस्तीफे सरकार को भेजे थे, जिसे 2 दिन पूर्व स्वीकार करके सरकार ने कोर्ट में इसकी तथ्यात्मक जानकारी भी दे दी है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व सरकार के 4 संसदीय सचिवों लादूराम विश्नोई, भैराराम सियोल, कैलाश वर्मा और जितेंद्र गोठवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसे भी सरकार ने स्वीकार कर लिया था। कैबिनेट सचिवालय के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल इसकी पुष्टि करते हुए इस बारे में विज्ञप्ति भी जारी की है।

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जयपुर: कोरोना के चलते दो माह से ज्यादा समय के लॉकडाउन में प्रशासनिक से लेकर इकोनॉमिक गवर्नेंस तक में सीएस डीबी गुप्ता की अहम भूमिका रही है. अब अनलॉक 1.0 में हालात किस तरह से स्थिर हो पाएंगे, इसे लेकर भी सीएम के मार्गदर्शन में सीएस ही कार्ययोजना को आगे बढ़ा रहे हैं. कोरोना लॉक डाउन के बाद और अनलॉक 1.0 की संभावनाओं और सकारात्मक पहलुओं को लेकर हमारे वरिष्ठ संवाददाता डॉक्टर ऋतुराज शर्मा ने सीएस डीबी गुप्ता के साथ बातचीत की...

लॉकडाउन के दौरान के बिजली-पानी बिल माफी को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका

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जयपुर: कोरोना महामारी के चलते प्रदेश में लगाए गये लॉकडाउन के दौरान बिजली और पानी के बिल माफ करने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कि गयी है. याचिकाकर्ता विजय कौशिक की ओर से दायर कि गयी जनहित याचिका पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राजस्थान विद्युत वितरण निगम और जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से अधिवक्ता अदालत में पेश हुए.

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बिल माफ करने को लेकर कोई कवायद नहीं की गयी:  
वहीं विजय कौशिक के अधिवक्ता रिपुन्जय शर्मा ने कहा कि सरकार ने बिजली बिल स्थगित करने की बात कहीं थी लेकिन अभी तक बिल माफ करने को लेकर कोई कवायद नहीं की गयी. लॉकडाउन की वजह से लोगों के पास रोजगार नहीं है और सरकार पेनल्टी सहित बिल की वसूली की तैयार कर रही है और बिजली कनेक्शन भी काटने की चेतावनी दी रही है. अदालत ने मामले की सुनवाई 4 सप्ताह के टाल दी है.

आरपीएससी सचिव, निदेशक माध्यमिक शिक्षा को हाईकोर्ट का नोटिस 

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जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 की उत्तर कुंजी जारी नहीं करने और कटऑफ मार्क्स नहीं बताने पर आरपीएससी सचिव, माध्यमिक शिक्षा निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. जस्टिस एस पी शर्मा की एकलपीठ ने शंकरलाल व अन्य की ओर से दायर याचिका पर ये आदेश दिये है. अदातल ने नोटिस जारी कर 9 जून तक जवाब पेश करने के आदेश दिये है.

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अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया: 
आरपीएससी की ओर से एडवोकेट आरपी सैनी ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने वर्ष 2018 में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था. भर्ती परीक्षा के बाद दो गुणा अभ्यर्थियों की अस्थायी चयन सूची में याचिकाकर्ताओं का नाम भी शामिल था लेकिन फरवरी 2020 में जारी किये गये अंतिम परिणाम में याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया. आयोग ने अंतिम चयन सूची जारी किए जाने के तीन महीने बाद भी भर्ती परीक्षा की उत्तरकुंजी और कटआर्फ मार्क्स की जानकारी नही दी जा रही है. 

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जयपुर: जस्टिस डिलेड जस्टिस डिनाइड अर्थात इंसाफ़ में देरी नाइंसाफ़ी है. प्रदेश की न्यायपालिका में एक बात जो सभी की जुबान पर है. वो ये कि क्या राजस्थान हाईकोर्ट अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहा है. एक तरफ राजस्थान के मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति का नाम सुप्रीम कोर्ट के लिए नामित होने के संकेत मिल रहे हैं तो दूसरी ओर सेवानिवृति और तबादले के बाद जजो की संख्या घटकर फिर से आधी ही रह गयी है. हाईकोर्ट में नए जजों की नियुक्ति में जितनी देरी हो रही है उतनी ही देरी हाईकोर्ट में लंबित पक्षकारों को उनके केसों में न्याय मिलने में हो रही है. कोरोना के चलते फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट में अति आवश्यक प्रकरणों की ही सुनवाई कि जा रही है लेकिन रेगुलर अदालते खुलने के साथ ही माना जा रहा है कि अदालतों में मुकदमों की बाढ आने वाली है. पहले से ही प्रदेश में करीब 4 लाख मुकदमे पेडिंग है ऐसे में जजों की नियुक्ति आने वाले दिनों में एक मुश्किल चुनौति होगी.   

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स्वीकृत 50 पदों में से मात्र 25 पदों पर ही जज कार्यरत: 
प्रदेश में बढ़ते मुकमदों की संख्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट की अनुशंसा पर केन्द्र सरकार ने अक्टूबर 2014 में राजस्थान हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत पदों की संख्या बढ़ाकर 40 से 50 कर दी थी. लेकिन पहले की तरह ही आज दिन तक इन सभी पदों पर कभी भी पूरी तरह से नियुक्ति नहीं की जा सकी. राजस्थान हाईकोर्ट में 2014 के बाद पहली बार मई 2018 को जजों की संख्या जरूर 39 हो गई थी. इससे मामलों के निस्तारण में भी तेजी देखने को मिली. लेकिन, मई 2019 तक एक वर्ष से भी कम समय में जजों की संख्या घटते-घटते 24 पर रह गयी थी और अब 2 दो साल बाद 31 मई 2020 को भी राजस्थान हाईकोर्ट अपने पूर्व स्थिती में आ गया है. राजस्थान हाईकोर्ट में स्वीकृत 50 पदों में से मात्र 25 पदों पर ही जज कार्यरत है. लॉकडाउन के चलते फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट में अतिआवश्यक प्रकरणों की ही सुनवाई हो रही है जिसके चलते बहुत कम नए केस फाइल हो रहे हैं. लेकिन लॉकडाउन के बाद अचानक मुकदमों की संख्या में इजाफा होना तय है. ऐसे में अब राजस्थान हाईकोर्ट नए जजों की नियुक्ति की उम्मीद लगाए हुए है. ये अलग बात है कि 6 अक्टूबर 2019 को राजस्थान के 37 वें मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेते हुए जस्टिस इन्द्रजीत महांति ने कहा था कि वे शीघ्र ही जजों की नियुक्ति का प्रयास करेंगे. 

अंतिम बार 28 मई 2018 को कॉलेजियम किया गया: 
राजस्थान हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति की सिफारिश के लिए अंतिम बार 28 मई 2018 को कॉलेजियम किया गया था. कॉलेजियम ने 20 पदों के लिए 11 डीजे कोटे के और 9 अधिवक्ता कोटे से नाम सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजे थे. सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश पर केन्द्र सरकार ने इन दो सालों में अलग अलग तारीखों पर डीजे कोटे से कुल 7 जजों की नियुक्ति की है. इनमें जस्टिस अभय चतुवेर्दी, जस्टिस नरेन्द्रसिंह ढड्डा, जस्टिस देवेन्द्र कच्छवाहा, जस्टिस सतीश शर्मा, जस्टिस प्रभा शर्मा, जस्टिस मनोज व्यास और जस्टिस रामेशवर व्यास शामिल है. वहीं अधिवक्ता कोटे से भेजे गये 9 नाम में से केवल जस्टिस महेन्द्र गोयल का नाम ही क्लीयर किया गया. एडवोकेट मनीष सिसोदिया को रिकंसीडर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दुबारा केन्द्र सरकार को भेजा है तो वहीं केन्द्र ने एक बार फिर एडवोकेट फरजंद अली का नाम सुप्रीम कोर्ट को रिकंसीडरेशन के लिए भेजा है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीसरी बार ये नाम केन्द्र को भेजे जाने की भी खबर है. 

अदालतें खुलने पर एक नई चुनौति का सामना करना होगा:
जजों की कमी से जूझ रहा राजस्थान हाईकोर्ट लॉकडाउन के बाद अदालतें खुलने पर एक नई चुनौति का सामना करना होगा. एक तरफ राजस्थान हाईकोर्ट सहित अधिनस्थ अदालतों में पेडिंग केसों की संख्या 16 लाख से अधिक है वहीं राजस्थान हाईकोर्ट में ही 1 जून 2020 को कुल 4 लाख 85 हजार से अधिक मुकदमे पेडिंग है. रेगुलर अदालते खुलने के बाद इस संख्या में इजाफा होना तय है. नेशनल ज्यूडिशल डाटा ग्रिड के अनुसार इन केसों में सर्वाधिक पेंडेंसी पिछले एक वर्ष में हुई है. 1 वर्ष से भी कम समय में दायर किये गये 1 लाख 43 हजार से अधिक केस पेंडिंग है. जो कि राजस्थान हाईकोर्ट की कुल पेडेंसी का 29 प्रतिशत से अधिक है. इसका मुख्य कारण हाईकोर्ट जजों की कमी है. जिसके बाद से ही अधिवक्ताओं से लेकर पक्षकारों को भी  में पिछले दो साल कई माह से अदालतों में लगने वाले अधिकांश मुकदमों में तारीखे ही दी जा रही है. 

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नए जजों की नियुक्ति नहीं हो पाना एक बड़ा विषय:
सुप्रीम कोर्ट में राजस्थान से जुड़े 2—2 जजों की मौजूदगी के बावजूद नए जजों की नियुक्ति नहीं हो पाना एक बड़ा विषय है. जजों की नियुक्ति नहीं होने से पक्षकारों को मिलने वाले न्याय में देरी होती रही है. कारेोना के बाद लगाए गये लॉकडाउन के चलते हालात ओर भी कमजोर हुए है. ऐसे में रेगुलर अदालत लगने पर जजों पर कार्य का दबाव ओर भी बढ़ जायेगा. 

देश में 200 ट्रेनों का संचालन शुरू, जयपुर जंक्शन से गुजरेंगी 10 ट्रेनें, पहले दिन जयपुर से जोधपुर गई ट्रेन

जयपुर: रेलवे प्रशासन ने सोमवार से देशभर में 200 स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया है. उत्तर-पश्चिम रेलवे से भी कुल 10 ट्रेनें चलाई जाएंगी. इनमें से 5 ट्रेनें जयपुर जंक्शन आएंगी और 5 जयपुर जंक्शन से जाएंगी. हालांकि सोमवार को पहले दिन जयपुर जंक्शन से मात्र एक ट्रेन का ही संचालन शुरू हो सका है. यूं तो देश में यात्री ट्रेनों का संचालन 12 मई से शुरू हो चुका था, लेकिन देश में सही मायनों में ट्रेन संचालन सोमवार  से शुरू हो गया. दरअसल 12 मई से मात्र 15 स्पेशल टेनें चलाई जा रही थीं, जबकि आज से 200 स्पेशल ट्रेनों को चलाने की मंजूरी दी गई है.

सोशल डिस्टेंसिंग रखते हुए ट्रेनों में होगी यात्रा:
उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन ने 10 ट्रेनाें का संचालन शुरू किया है. इनमें से 5 ट्रेनों का आवागमन जयपुर जंक्शन से होकर भी होगा. सोमवार से जयपुर से जोधपुर के लिए स्पेशल ट्रेन शुरू हुई. यह ट्रेन अलसुबह 6 बजे जोधपुर के लिए रवाना हुई. ट्रेन से 234 यात्री जोधपुर के लिए रवाना हुए. अब रेल यात्रा के दौरान यात्रियों को कई तरह की सावधानियां रखनी होंगी. ट्रेन में यात्रियों को अलग-अलग गेट से उतरना और चढ़ाना होगा. प्लेटफॉर्म पर यात्रियों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ लाइन में लगकर स्टेशन के अंदर और बाहर आना-जाना होगा.

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कम से कम 90 मिनट पहले पहुंचना होगा स्टेशन:
सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एंट्री गेट से लेकर प्लेटफॉर्म तक पीले और सफेद रंग के पेंट से गोले बनाए गए हैं. स्टेशन पर एंट्री के लिए एक ही गेट रहेगा. जबकि एग्जिट के लिए दो गेट होंगे. आने-जाने वाले सभी यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी. सभी यात्रियों को 90 मिनट पहले स्टेशन पहुंचना होगा. अधिकतम 2 घंटे पहले यात्री स्टेशन पहुंच सकेंगे. यात्री में कोरोना के लक्षण दिखने पर यात्रा करने से रोक दिया जाएगा. बाहर निकलने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म-1 के मजिस्ट्रेट गेट के सामने वाले और कॉनकोर्स हॉल वाले एग्जिट गेट पर बने काउंटर्स पर होगी.

ट्रेनों का यह रहेगा टाइम टेबल:
- 02307 हावड़ा-जोधपुर आज से शुरू, रात 12:35 बजे जयपुर पहुंचकर 12:45 बजे जोधपुर जाएगी
- 02308 जोधपुर-हावड़ा ट्रेन 3 जून से शुरू होगी, रात 1:50 बजे जयपुर पहुंचकर 2:05 बजे हावड़ा जाएगी
- 02464 जोधपुर-दिल्ली सराय 2 जून से चलेगी, रात 12:15 बजे जयपुर पहुंचकर 12:25 बजे दिल्ली जाएगी
- 02463 दिल्ली सराय-जोधपुर 3 जून से होगी शुरू, रात 3:05 बजे जयपुर पहुंचकर 3:15 बजे जोधपुर जाएगी
- 02915 अहमदाबाद-दिल्ली सराय का समय बदला, सुबह 4:42 बजे जयपुर पहुंचकर 4:52 बजे दिल्ली जाएगी
- 02478 जयपुर-जोधपुर शुरू हुई, जयपुर से सुबह 6 बजे जोधपुर जाएगी
- 02065 अजमेर-दिल्ली सराय शुरू हुई, किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, नीमकाथाना होकर चलेगी ट्रेन
- 02955 मुंबई सेंट्रल-जयपुर शुरू हुई, मुम्बई से चलकर दोपहर 12:45 बजे जयपुर पहुंचेगी
- 02956 जयपुर-मुंबई सेंट्रल 2 जून से शुरू होगी, दोपहर 2 बजे जयपुर से मुंबई के लिए होगी रवाना
- 02916 दिल्ली-अहमदाबाद का 2 जून से समय बदलेगा, शाम 8:25 बजे जयपुर पहुंचकर 8:35 बजे अहमदाबाद जाएगी
- 02066 दिल्ली सराय-अजमेर शुरू हुई, नीम का थाना, रींगस, फुलेरा, किशनगढ़ होकर चलेगी ट्रेन
- 02477 जोधपुर-जयपुर ट्रेन शुरू हुई, जोधपुर से चलने वाली ट्रेन रात 9:15 बजे जयपुर पहुंचेगी

निजी अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी, कोरोना मरीजों का फ्री इलाज, अन्यथा होगी सख्त कार्रवाई 

यात्रियों के लिए अब होगा आवागमन सुगम:
शेड्यूल में हालांकि ट्रेनों का संचालन सोमवार से शुरू हो चुका है, लेकिन सोमवार से मात्र एक ट्रेन का संचालन ही जयपुर जंक्शन से हो रहा है. जयपुर से सुबह जोधपुर के लिए ट्रेन रवाना हुई और यही ट्रेन रात सवा नौ बजे जोधपुर से वापस जयपुर लौटेगी. मंगलवार को मुम्बई सेंट्रल से आने वाली ट्रेन भी जयपुर पहुंचेगी. यानी मंगलवार से अधिकांश ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा. कुलमिलाकर यात्रियों के लिए अब आवागमन सुगम होगा और लोग अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी को 15 जून तक भेजा जेल, डेढ साल बाद किया ईडी कोर्ट में सरेण्डर

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जयपुर: बहुचर्चित खान महाघूसकाण्ड मामले के मुख्य आरोपी पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी ने आखिरकार जयपुर की मनी लॉन्ड्रिग विशेष अदालत के समक्ष सरेण्डर कर दिया है. सरेण्डर करने के साथ ही अशोक सिंघवी की ओर से जमानत के लिए प्रार्थना पत्र भी पेश किया गया है. विशेष अदालत के जज अरूण कुमार अग्रवाल ने अशोक सिंघवी को 15 जून तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिये हैं. वहीं जमानत प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी. 

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सिंघवी की ओर से जमानत के लिए भी प्रार्थना पत्र पेश किया गया:
प्रर्वतन निदेशालय के लिए सोमवार का दिन काफी अहम साबित हो गया जब राजस्थान हाईकोर्ट में जमानत याचिका की सुनवाई के दौरान अशोक सिंघवी के अधिवक्ता ने अदालत को सूचना दी कि उसके मुव्वकिल द्वारा निचली कोर्ट में सरेण्डर कर दिया गया है. अशोक सिंघवी के सरेण्डर की खबर को इतना गुप्ता रखा गया था कि जिस अदालत में अशोक सिंघवी को पेश होना था उस अदालत के कर्मचारियों को भी भान तक नहीं हुआ कि अशोक सिंघवी उनकी अदालत में मौजूद है. हाईकोर्ट में अधिवक्ता द्वारा सूचना देने और जमानत याचिका वापस लेने के तुरंत बाद ही अशोक सिंघवी जज के सामने पेश हो गये. उसके बाद अशोक सिंघवी के अधिवक्ता और ईडी के अधिवक्ता अदालत में पहुंचे. सरेण्डर करने के साथ ही सिंघवी की ओर से जमानत के लिए भी प्रार्थना पत्र पेश किया गया. जज अरूण कुमार अग्रवाल ने जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए 2 जून यानी कल पर रखा है. वहीं अशोक सिंघवी फिलहाल 15 जून तक 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. अचानक हुए सरेण्डर के चलते कोर्ट में चालानी गार्ड ही मौजुद नही थे जिसके बाद कोर्ट से फोन कर जेल से चालानी गार्ड बुलाये गये. 

हर बारिकी का इस्तेमाल किया लेकिन कोई राहत मिली:
कभी सत्ता के दिग्गज रहे पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी ने कानूनी पेचिदगियों का प्रयोग कर खुद को अब बचाने का जतन करते रहे. लेकिन लगातार अदालत में पेश नही होने के बाद कोर्ट जांच एजेसिंयो से लेकर तीन तीन जिलो की पुलिस और राज्य के महानिदेशक को भी फटकार लगा चुकी है. लेकिन ये अजीब बात रही कि फरारी के दौरान सरकारी नौकरी पर बहाल होने वाले इस आईएएस अधिकारी को डेढ़ साल से जांच एजेंसियां सिर्फ तलाश ही करती रही. इन डेढ सालों में अशोक सिंघवी कानून की हर बारिकी का इस्तेमाल किया लेकिन कोई राहत मिली. गौरतलब है कि इस मामले पूरे मामले में ईडी कोर्ट ने 8 लोगों को आरोपी बनाया था. जिसमे से पांच ने पहले ही ईडी कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. वहीं मामले में अभी भी राशिद शेख और तमन्ना बेगम फरार चल रहे हैं. 

ये है मामला:
केंद्रीय खनन मंत्रालय की ओर से 30 अक्टूबर 2014 को नए खान आवंटन पर रोक लगा दी थी. आवंटन की रोक के सकुर्लर को अनदेखा करते हुए खान विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव अशोक सिंघवी, खान निदेशक डीएस मारू, तत्कालीन अतिरिक्त खान निदेशक पंकज गहलोत सहित अन्य 6 अफसरों की ओर से 24 नवंबर 2014 से 12 जनवरी 2015 के बीच 653 खनन पट्टों का आवंटन कर दिया गया था. दरअसल 16 सितम्बर 2015 में एसीबी ने खान विभाग में चल रहे खान घूसकांड मामले का खुलासा किया था. एसीबी के अनुसार चित्तौड़गढ़ में बंद पड़ी 6 खानों को चालू करने की एवज में 22 करोड़ की डील का खुलासा किया था. वहीं दलाल को ढ़ाई करोड़ की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था. पूरे मामले में एसीबी के साथ ईडी ने पूर्व आईएएस अशोक सिंघवी सहित अन्य आरोपियों पर मनी लॉड्रिंग की धाराओं में केस भी दर्ज किया था. जिस पर ईडी कोर्ट ने 21 जनवरी 2019 को प्रसंज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तारी वारंट से तलब किया था. लेकिन तभी से सभी आरोपी फरार चल रहे थे. फरवरी 2020 में इस मामले में 5 आरोपियों ने सरेण्डर कर दिया था. वहीं अशोक सिंघवी ने ईडी कोर्ट के प्रसंज्ञान आदेश को सुप्रीम कोर्ट तक चुनौति दी लेकिन कोई राहत नहीं मिलने के बाद आखिरकार सरेण्डर करना पड़ा. 

Corona Updates: देश में 2 लाख के करीब पहुंचे कोरोना संक्रमित, एक दिन में सबसे ज्यादा 8392 नए केस आए 

इन पर लगा घोटाले का आरोप:
- आईएएस अशोक सिंघवी (खान विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव)
- पंकज गहलोत(तत्कालीन उप निदेशक खनन)
- पुष्कर राज आमेट(खान विभाग के तत्कालीन एसई)
- श्याम सुंदर सिंघवी (सीए)
- संजय सेठी (खान मालिक और दलाल)
- राशिद शेख (खनन कारोबारी)
- धीरेंद्र सिंह उर्फ चिंटू (खनन माफिया)
- तमन्न बेगम (शेर खान की पत्नी)

अनलॉक-1 के पहले दिन बाजार में उमड़ी भीड़, ग्रामीण क्षेत्र से आज लोग पहुंचे जैसलमेर

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जैसलमेर: राजस्थान सरकार की ओर से रविवार को जारी किए गए लॉकडाउन 5.0 यानी अनलॉक-1 के लिये दिशा निर्देशों के तहत एक जून से सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को पूरी क्षमता के साथ काम करने की अनुमति दी गई है. सभी धार्मिक स्थानों, होटलों और मॉलों पर प्रतिबंध जारी रखने के निर्देश दिये है. इसके साथ ही करीब दो महीने से बंद पड़े देश को दोबारा खोलने की कवायद शुरू हो गई है. अनलॉक-1 के पहले चरण में केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, 8 जून से सभी धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट और शॉपिंग मॉल खुल सकेंगे.

जैसलमेर: 2 ग्राम टिड्डी का टेरर जारी, विभाग ने रात-भर चलाया अभियान  

लम्बे समय बाद सड़कों पर ग्रामीण क्षेत्र से आये वाहन दिखाई दिए: 
देश के कुछ राज्यों ने अनलॉक-1 के तहत अपने-अपने हिसाब से रियायतें दी हैं.  अनलॉक-1 के आज पहले दिन जैसलमेर शहर में आज ज्यादा भीड़ देखने को मिली. लम्बे समय बाद सड़कों पर ग्रामीण क्षेत्र से आये वाहन दिखाई दिए. जैसलमेर के शिव रोड पर एकबारगी जाम लग गया. बाजारों में रोज के मुकाबले ज्यादा भीड़ दिखाई दी.  अब काफी बंदिशों में छूट के बाद दुकानदारों के चेहरों में चिंता की लकीरे खुलती दिखाई दी.

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 4 मौतें, 149 नये पॉजिटिव आए सामने 

खान आवंटन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व IAS अशोक सिंघवी का कोर्ट में सरेंडर

खान आवंटन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व IAS अशोक सिंघवी का कोर्ट में सरेंडर

जयपुर: खान आवंटन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूर्व IAS अशोक सिंघवी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. सिंघवी ने सरेंडर करने के साथ ही जमानत याचिका पेश की है. पूर्व IAS अशोक सिंघवी ने मनी लॉन्ड्रिंग विशेष कोर्ट में सरेंडर किया है. ऐसे में सिंघवी को अब न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा सकता है. 

खान आवंटन के लिए ढाई करोड़ रुपए की रिश्वत को लेकर 30 नवंबर 2015 को ईडी ने तत्कालीन आईएएस अशोक सिंघवी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था.

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