स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा: पश्चिम बंगाल में कोविड टीके की एक डोज लगवाकर ही संतुष्ट हुए लोग, 18 लाख लोग दुसरी डोज लगवाने पहुंचे ही नहीं

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा: पश्चिम बंगाल में कोविड टीके की एक डोज लगवाकर ही संतुष्ट हुए लोग, 18 लाख लोग दुसरी डोज लगवाने पहुंचे ही नहीं

स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में खुलासा: पश्चिम बंगाल में कोविड टीके की एक डोज लगवाकर ही संतुष्ट हुए लोग, 18 लाख लोग दुसरी डोज लगवाने पहुंचे ही नहीं

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में करीब 18 लाख लोग कोविड-19 टीके की पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित होने, मौत होने या काम के लिए अन्य राज्यों में चले जाने समेत कई कारणों से दूसरी खुराक लेने के लिए समय पर नहीं आ पाए, स्वास्थ्य विभाग के एक हालिया सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई. 

इस सर्वेक्षण में कोवैक्सीन और कोविशील्ड की पहली खुराक ले चुके लाभार्थियों को शामिल किया गया. कोवैक्सीन की दूसरी खुराक पहली खुराक लगने के 28 से 42 दिन के भीतर और कोविशील्ड की दूसरी खुराक, पहली खुराक लगने के 84 से 112 दिनों के भीतर लेनी होती है. यह अध्ययन राज्य के 23 जिलों और पांच स्वास्थ्य जिलों में किया गया. स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘करीब 18 लाख लोग दूसरी खुराक लेने नहीं आए, यह एक बहुत गंभीर मामला है. उन्होंने सर्वेक्षण के हवाले से कहा कि इस मामले में हुगली शीर्ष पर रहा, जहां 1,40,403 लोग दूसरी खुराक लेने समय पर नहीं आए, जबकि कलिमपोंग (11,746) में यह संख्या सबसे कम रही. 

कुछ की मौत तो, कुछ ने बदला नंबर:
अधिकारी ने कहा कि कई लोग ऐसे हैं, जिनकी दूसरी खुराक लेने से पहले मौत हो गई और कुछ लोग पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित हो गए और अगली खुराक लेने के लिए समय पर नहीं पहुंच सके. उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने पहली खुराक के बाद अपना मोबाइल नंबर बदल लिया है, इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पाया. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन नियमों में ढील के बाद कुछ लोग रोजगार के कारण अन्य राज्यों में चले गए. राज्य में अभी तक कुल 6,14,43,875 लोगों को कोविड-19 टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है. सोर्स-भाषा
 

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