VIDEO: अब महेश जोशी ने साधा भाजपा पर निशाना, कहा-सेंट्रल-विस्टा से MLA फ्लैट्स की तुलना बेमानी

VIDEO: अब महेश जोशी ने साधा भाजपा पर निशाना, कहा-सेंट्रल-विस्टा से MLA फ्लैट्स की तुलना बेमानी

जयपुर: दिल्ली में बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की राजस्थान में बन रहे विधायकों के फ्लैट्स से की जा रही तुलना को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज है. प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बाद मुख्य सचेतक महेश जोशी ने भी भाजपा पर निशाना साधा है. मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि सेंट्रल विस्टा की तुलना विधायक फ्लैट्स करना बेमानी है और ये भाजपा का अपराध बोध है.

सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट आज के समय में ज्यादा जरूरी नहीं:

उन्होंने कहा कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट आज के समय में ज्यादा जरूरी नहीं है, आज के समय में ज्यादा ज्यादा जरूरत फ्री वैक्सीनेशन की है. इंजेक्शन और दवाइयां आज की सबसे बड़ी जरूरत है. सबको फ्री वैक्सीनेशन मिले उस पर तो केंद्र सरकार असफल हो गई और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट चालू किए हुए है. देश में टीके के भी अलग-अलग रेट तय कर दिए हैं. एक ही टीका केंद्र सरकार 150 रुपए में खरीदेगी. राज्य सरकार 300 रुपए में, निजी अस्पताल 600 रुपए और निजी व्यक्ति को 1200 रुपए में टीका खरीदना पड़ेगा.

सेंट्रल विस्टा और MLA फ्लैट्स की नहीं हो सकती है तुलना:

जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार जो टीका खरीदेगी वो भी जनता को लगेगा और राज्य सरकार जो वैक्सीन खरीदेगी वो भी जनता को लगेगी तो फिर यह अंतर क्यों. भाजपा औऱ केंद्र के नेताओं को फालतू की बयानबाजी की बजाए जनता पर ध्यान देना चाहिए. जोशी ने कहा कि सेंट्रल विस्टा और एमएलए फ्लैट्स की तुलना नहीं हो सकती है. विधायक फ्लैट्स में हम विधायकों को मूलभूत आवश्यकताए उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे, यह नॉन प्रोडक्टिव नहीं है, जो जमीन बचेगी उसकी नीलामी से जो पैसा आएगा, उसे दूसरे कामों में लगाएंगे.

विधायकों को मूलभूत आवश्यकताओं को उपलब्ध कराने का हमारा प्रयास:

उन्होंने कहा कि विधायकों को जो हाउस रेंट देने की व्यवस्था होती है अगर हम सबके लिए विधायक फ्लैट्स बना देंगे तो हाउस रेंट देने से बचेंगे और कुल मिलाकर विधायकों को मूलभूत आवश्यकताओं को उपलब्ध कराने का हमारा प्रयास है. सेंट्रल विस्टा से विधायक फ्लैट्स के तुलना नहीं हो सकती है. इससे पहले प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी सेंट्रल-विस्टा से एमएलए फ्लैट्स की तुलना को खारिज करते हुए कहा था कि विधायकों के लिए बन रहे नए फ्लैट के प्रोजेक्ट को गहलोत सरकार ने नहीं बल्कि पूर्ववर्ती वसुंधरा राजे सरकार ने मंजूरी दी थी, इस प्रोजेक्ट पर तो केवल गहलोत सरकार ने काम शुरू किया है.

कांग्रेस के नेताओं ने भी किए थे सवाल खड़े:

डोटासरा ने कहा कि वैसे भी विधानसभा के नियमों में ऐसा है कि मौजूदा विधायकों के रहने के लिए उन्हें जयपुर में आवास उपलब्ध कराया जाए, जब तक की वो विधायक रहे.उन्होंने कहा कि विधायकों के लिए बन रहे फ्लैट्स को दिल्ली के सेंट्रल विस्ता प्रोजेक्ट से जोड़कर नही देख सकते.दिल्ली में बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को कोरोना काल में भी मोदी सरकार की ओर से अपनी प्राथमिकता में रखने पर कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने भी इस पर सवाल खड़े किए थे कि आज की हालातों में सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट से ज्यादा जरूरी लोगों की जान बचाना है, जिसके बाद से भाजपा के केंद्रीय और प्रदेश नेताओं ने प्रदेश में बन रहे विधायक फ्लैट्स की तुलना सेंट्रल विस्टा से करते हुए गहलोत सरकार पर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस एक तरफ तो सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का विरोध कर रही है तो वहीं राजस्थान में विधायकों के फ्लैट्स का काम शुरू किए हुए हैं. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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