खींवसर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में आरएलपी और कांग्रेस के बीच टक्कर!

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/21 03:51

नागौर: पंचायत चुनाव से पहले ही प्रदेश में चुनाव की बयार चलने लगी है क्योंकि राजस्थान में चुनाव आयोग ने विधानसभा उपचुनाव का बिगुल बजा दिया है. चुनाव आयोग की इस घोषणा के बाद प्रदेश के झुंझुनूं जिले के मंडावा और नागौर जिले के खींवसर में 21 अक्टूबर को उपचुनाव का ऐलान कर दिया गया है. नागौर जिले के खींवसर में विधायक हनुमान बेनीवाल के सांसद चुने जाने के बाद सीट खाली है. चुनाव आयोग की उपचुनाव की घोषणा के बाद खींवसर में चुनाव के लिए 23 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी होगा. साथ ही 30 सितंबर उम्मीदवारों के लिए नामांकन भरने  की आखिरी तारीख रखी गई है और 3 अक्टूबर को नामांकन वापस लेने की तारीख तय की गई है. 

राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी बिसात बिछाना किया शुरू: 
निर्वाचन विभाग जहां उपचुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव की तैयारियों में जुट गया है, वहीं दूसरी ओर नागौर के खींवसर में राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है. हालांकि खींवसर पर पिछले 3 विधानसभा चुनाव से आरएलपी के राष्ट्रीय संयोजक का एकछत्र राज रहा है. वे साल 2008 में भाजपा, 2013 में निर्दलीय तो पिछले विधानसभा चुनाव 2018 में आरएलपी से जीत कर विधानसभा पहुंचे थे. इस साल 2018 में  लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बनने के बाद खींवसर सीट खाली है और सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी, हर तरह के दांवपेंच लगाकर सीट को जीतने की भरपूर कोशिश करेगी. नागौर सांसद पहले ही ये घोषणा कर चुके है है कि खींवसर से आरएलपी अपना उम्मीदवार उतारेगी. आरएलपी के संभावित उम्मीदवारों के तौर पर बेनीवाल भाई नारायण बेनीवाल का नाम फेहरिस्त में सबसे ऊपर चल रहा है. इसके साथ ही हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनिवाल को भी सम्भावित उम्मीदवार के तौर पर देखा जा रहा है.

हनुमान बेनीवाल इस सीट को खोना नही चाहेंगे: 
आरएलपी से उम्मीदवार चाहे कोई भी हो हनुमान बेनीवाल इस सीट को खोना नही चाहेंगे. वहीं लोकसभा चुनाव में आरएलपी से गठबंधन करने वाली भाजपा के लिए ये दुविधा भरा फैसला होगा कि वो अपना उम्मीदवार आरएलपी के सामने उतारे या नही, क्योंकि इसका सीधा सीधा फायदा कांग्रेस को होगा. इधर पूर्व मंत्री हरेंद्र मिर्धा सहित पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा के नाम भी खींवसर विधानसभा से कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों के रूप में गिनाये जा रहे हैं. हालांकि कांग्रेस किस को अपना उम्मीदवार बनाएंगे यह अभी तय नहीं है लेकिन यह जरूर तय है. खींवसर विधानसभा के उपचुनाव पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले सबसे होगा और कांग्रेस भी किसी भी कीमत पर इस सीट पर हारना नहीं चाहेगी. 

....नरपत ज़ोया संवाददाता 1st इंडिया न्यूज नागौर

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