केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी बोले- उत्तराखंड में बनाई जा रहीं सड़कें खोलेंगी समृद्धि के द्वार

केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी बोले- उत्तराखंड में बनाई जा रहीं सड़कें खोलेंगी समृद्धि के द्वार

केंद्रिय मंत्री नितिन गडकरी बोले- उत्तराखंड में बनाई जा रहीं सड़कें खोलेंगी समृद्धि के द्वार

देहरादून: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि उत्तराखंड में चल रहीं सड़क परियोजनाएं राज्य में पर्यटन को बढ़ाएंगी और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करेंगी. खटीमा में कुमाऊं के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) की विजय संकल्प यात्रा की समापन रैली को संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री बनने के बाद राज्य के लिए दो लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं के साथ उत्तराखंड का चेहरा बदलने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि इनमें से अनेक परियोजनाएं पूरी हो गयी हैं और बाकी पर काम चल रहा है. 

उन्होंने कहा कि चारधाम तक हर मौसम में ले जाने वाले 568 किलोमीटर मार्ग पर काम पूरा हो गया है और बाकी पट्टी पर भी काम उच्चतम न्यायालय की हालिया स्वीकृति के बाद जल्द शुरू हो जाएगा. गडकरी ने कहा कि दिल्ली के अक्षरधाम से उत्तर प्रदेश होते हुए देहरादून को जोड़ने वाले 210 किलोमीटर लंबे छह लेन वाले एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेसवे का निर्माण 12,000 करोड़ रुपये की लागत से दो साल में किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा का समय घटकर महज दो घंटे रह जाएगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह मार्ग दोनों शहरों के बीच यात्रा को इतना सुगम बना देगा कि देहरादून-दिल्ली के बीच विमान सेवा बेकार हो जाएगी. उन्होंने कहा कि ये सड़कें और अनेक निर्माणाधीन परियोजनाएं पर्यटन को बढ़ावा देकर तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करके उत्तराखंड के लिए समृद्धि के द्वार खोलेंगी.

गडकरी ने कहा कि आपने अभी तक बस ट्रेलर देखा है, फिल्म अभी बाकी है.’’ उन्होंने कहा कि आने वाले सालों में उत्तराखंड से मानसरोवर तक सीधा सड़क मार्ग होगा. उन्होंने कहा कि इसका श्रेय मुझे या पुष्कर सिंह धामी या नरेंद्र मोदी को नहीं जाता. यह आपको जाता है क्योंकि आपने दोहरे इंजन वाली सरकार के लिए वोट देने का फैसला किया. विजय संकल्प यात्रा में मुख्यमंत्री धामी के साथ केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन कौशिक ने भी भाग लिया. सोर्स- भाषा

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