असमंजस में रोडवेज प्रशासन, कब शुरू होगा बस स्टैंड का नया भवन !

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/18 05:55

जयपुर: सिंधीकैम्प बस स्टैंड का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. हालांकि पूरा बस स्टैंड तो नए सिरे से नहीं बनाया जा सका है, लेकिन एक हिस्सा बनकर तैयार है. इसे बने हुए 5 माह से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन रोडवेज प्रशासन शुरू नहीं कर पा रहा है. कैसा बना है नया बस स्टैंड और क्याें नहीं हो पा रहा है शुरू, क्या आगामी समय में भी यूं ही भुतहा रहेगा भवन, एक खास रिपोर्ट:

प्रशासनिक और राजनैतिक अड़चनें:
राजधानी में सिंधीकैम्प बस स्टैंड का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. भले ही यह कार्य 100 फीसदी पूरा नहीं हुआ हो, लेकिन भवन के एक हिस्से का निर्माण पूरा कर लिया गया है. यह निर्माण बस संचालन के लिए पूरी तरह से तैयार है, लेकिन प्रशासनिक और राजनैतिक अड़चनों के चलते निर्माण पूरा होने के 5 माह बीतने पर भी शुरू नहीं हो पा रहा है. दरअसल सिंधीकैम्प का पुनर्निर्माण शुरू से ही विवादास्पद रहा है. पुनर्निर्माण का कार्य मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल में शुरू हुआ था. पौने 6 साल पहले सितंबर 2013 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसका शिलान्यास किया था. तब योजना यह थी कि 50 करोड़ की लागत से 3 मंजिला बस स्टैंड बनाया जाएगा. इसके बाद बीजेपी सरकार में कई बदलावों के साथ बस स्टैंड निर्माण की योजना बनाई गई. पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसे 3 मंजिला से बढ़ाकर 13 मंजिला करने और बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 110 करोड़ करने की योजना बनाई थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार में किया गया काम आगे नहीं बढ़ सका. भाजपा सरकार में 4 साल तक बस स्टैंड का नया बनाया जा रहा भवन खंडहर स्थिति में रहा. इसके बाद पूर्व सीएम राजे ने अपने कार्यकाल के चौथे साल में सिंधीकैम्प का कार्य पूरा करने के लिए 20 करोड़ रुपए का अनुदान जारी किया था. इसी राशि से इसका निर्माण शुरू किया गया, जो इस साल फरवरी माह में पूर्ण कर लिया गया है. 

कैसा बनाया गया है नया भवन ?
—नए भवन के बेसमेंट में दुपहिया और कार पार्किंग बनाई गई
—कार पार्किंग भवन के बांये हिस्से में भी होगी, 70 कार पार्क की क्षमता
—ग्राउंड फ्लाेर से बसें संचालित होंगी, एक साथ 8 बसों के पार्किंग वे बनाए गए
—सुपरलग्जरी और डीलक्स बसें ही संचालित होंगी नए भवन से
—दिल्ली, लखनऊ, उदयपुर, अहमदाबाद, शिमला, माउंट आबू, जोधपुर शहरों को जोड़ेंगी
—रोडवेज के डीलक्स डिपो में फिलहाल 80 बसें हो रही हैं संचालित
—भवन के फर्स्ट फ्लोर पर 18 दुकानें बनाईं, यहां यात्री शॉपिंग कर सकेंगे
—सैकंड फ्लोर पर होटल और रेस्टोरेंट विकसित होंगे, यात्री ठहर सकेंगे, खान-पान का लुत्फ ले सकेंगे
—भवन के पिछले हिस्से में पारीक कॉलेज की तरफ से भी निकास द्वार संभव
—बेसमेंट पार्किंग में 700 दुपहिया तक पार्क हो सकेंगे

5 माह से भवन बनकर तैयार, लेकिन उद्घाटन नहीं:
अब सिंधी कैम्प बस स्टैंड के इस नए भवन का लोर्कापण कार्य अटका हुआ है. हालांकि रोडवेज के अधिकारी कह रहे हैं कि इसे अगले महीने से शुरू किया जा सकता है, लेकिन यह निर्माण पूरा होने के 5 माह बाद भी शुरू नहीं हो सका है. दरअसल सीएम अशोक गहलोत ने पिछले कार्यकाल में जब इसका शिलान्यास किया था तब पूरे बस स्टैंड का कायाकल्प किया जाना था, लेकिन अब केवल एक हिस्से का ही निर्माण हो सका है. इस वजह से रोडवेज के अधिकारी इतनी हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं कि सीएम गहलोत से बस स्टैंड के केवल एक हिस्से का लोकार्पण करवा सकें. वहीं परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी लोकार्पण को लेकर खास इंटरेस्टेड नहीं हैं. जबकि यदि ये भवन शुरू हो तो प्लेटफार्म संख्या 2 को प्लेटफार्म 3 पर शिफ्ट करना संभव होगा, जिससे यात्रियों को दोहरी राहत मिलेगी. उद्घाटन नहीं होने से बड़ा नुकसान भवन और आम जनता का हो रहा है. भवन निर्माण के बाद भी जनता के उपयोग नहीं आ पा रहा है. नए बने भवन के अंदर-बाहर कई लोग बैठे रहते हैं. नए बस स्टैंड में कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है. देखना होगा कि आम जनता को नए बस स्टैंड की सौगात कब मिल पाती है. 

... संवाददाता काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

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