VIDEO: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज कर्मियों का हल्ला बोल, 27 अक्टूबर को चक्का-जाम हड़ताल का ऐलान

VIDEO: 11 सूत्रीय मांगों को लेकर रोडवेज कर्मियों का हल्ला बोल, 27 अक्टूबर को चक्का-जाम हड़ताल का ऐलान

जयपुर: राजस्थान रोडवेज के श्रमिक संगठनों का संयुक्त मोर्चा ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है. रोडवेज के कर्मचारी 27 अक्टूबर को एक दिन 24 धंटे की प्रदेशव्यापी चक्काजाम हडताल करेंगे.यह हडताल 11 सूत्री मांगों को लेकर की जा रही है. 1 रोडवेज के 6 श्रमिक संगठनों एटक,सीटू,इंटकएसोसिएशन,बीजेएमएम,कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चा ने 27 अक्टूबर को चक्काजाम हडताल का निर्णय लिया, है. 20 अक्टूबर को प्रदेशभर के रोडवेज की सभी इकाईयों पर ढोल बजाओ-सरकार जगाओ नारे के साथ प्रदर्शन किया जाएगा. 25-26 अक्टूबर को दो दिन प्रदेशभर में रोडवेज की सभी इकाईयों पर दिन-रात के धरने आयोजित किए जाएंगे.

27 अक्टूबर को चक्काजाम हडताल का निर्णय:

संयुक्त मोर्चो द्वारा चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन कर सरकार को तीन महीने का समय दिया है यानी 26 जुलाई से 5 अक्टूबर तक 8 चरणों आंदोलन किए जा चुके है. 9 चरण में 25-26 अक्टूबर को दिन-रात प्रदर्शन और 27 अक्टूबर को चक्काजाम हडताल का निर्णय लिया. संयोजक एम एल यादव ने कहा कि  पूर्ववर्ती भाजपा सरकार के कार्यकाल में 20 दिन की प्रदेशव्यापाी चक्काजाम हडताल की गई थी. उस समय कांगेस के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और कांग्रेस के जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास द्वारा सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर हडताली रोडवेज कर्मचारियों को संबोधित करते हुए वायदा किया था कि कांगेस की सरकार बनने पर रोडवेज कर्मचारियों की मांगों का जल्दी ही सकारात्मक समाधान किया जाएगा.कांग्रेस द्वारा जारी जनघोषणा पत्र में रोडवेज कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय और निगम की बसों की संख्या व मांगों में वृद्धितथा रोडवेज को सुदृढ बानने हेतु ठोस नीति का निर्धारण किया था. परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास घोषणा पत्र को लागू करने का सकारात्मक आश्वासन तो देते है लेकिन धरातल पर कोई निर्णय नहीं आ रहा है.

संयुक्त मोर्चा ने चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम 11 चरण में 27 अक्टूबर को एक दिन 24 धंटे की प्रदेशव्यापी चक्कजाम हडताल करेंगे.इसका सीधा सीधा असर 27 अक्टूबर को परीक्षार्थियों पर पडेगा. इसी दिन प्रदेश में आरएएस प्री परीक्षा आयोजित होनी है जिसमे करीब 7 लाख स्टूडेंट्स शामिल होंगे. ऐसे में आगर 27 अक्टूबर को रोडवेज की हड़ताल रही तो 8 लाख परीक्षार्थियों का परेशान होना तय है.

जानिए, क्या है रोडवेज कर्मियों की प्रमुख मांगे:
यह हडताल 11 सूत्री मांगों के लिए की जा रही है.
1.वेतन-पेंशन एक महिने के सेवानिवृति परिलाभ का हर माह के पहले कार्यदिवस को भुगतान
2.रोडवेज में 7 वें वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार जनवरी 2016 से वेतनमान-पेंशन संशोधन
3.अक्टूबर 2016 से सितम्बर 2021 तक 60 महीनों में 5 हजार से ज्यादा सेवानिवृत कर्मचारियों के 500 करोड रू से ज्यादा के परिलाभों का एकमुश्त भुगतान हो.
4.आगामी दीपावली पर 4 वर्ष के बकाया एक्सग्रेसिया का भुगतान हो
5.जनहित में 1500 नई बसों की खरीद हो.
6.रोडवेज में 9 हजार से अधिक रिक्त पदों पर नई भर्ती हो.
7.रोडवेज के बस स्टैंडों के बाहर से अवैध रूप से संचालित सभी तरह की निजी बसों को 2 से 5 किमी दूर से संचालित हो.
8.रोडवेज को राज्य सरकार में समाहित करने सहित अन्य मांगों पर सरकार कार्रवाई करें.

रोडवेज संगठनों की हड़ताल का एक प्रमुख कारण मौजूदा रोडवेज प्रबंधन की हठधर्मिता भी है, क्योंकि समय रहते रोडवेज के संगठनों ने रोडवेज प्रबंधन को हड़ताल के बारे में कानूनी नोटिस दे दिया था लेकिन अभी तक रोडवेज के सीएमडी ने हड़ताल को रोकने के लिए कोई भी पहल नहीं की है. ऐसे में अगर तय तिथि पर रोडवेज की हड़ताल रही तो प्रदेश भर में लाखों परीक्षार्थियों के साथ ही आम जनता को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट 

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