VIDEO: रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स के संचालकों की जेडीए में बैठक, संचालकों को दी ये हिदायत

Abhishek Shrivastava Published Date 2019/08/23 08:37

जयपुर: शहर में अवैध चल रहे रूफ टॉप रेस्टारेंट्स के संचालकों ने गुरुवार को जेडीए अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा. संचालकों ने सभी मापदंड पूरे करने के लिए दो से तीन महीने का समय मांगा. उधर जेडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है जो भी वाजिब मांगे हैं, उन पर सक्षम स्तर पर फैसला किया जाएगा लेकिन जन सुरक्षा के प्रावधानों से किसी तरह का कोई समझौता नहीं होगा. 

82 रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स का सर्वे किया: 
जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से जोन 1 से 8 में कराए गए सर्वे में 82 रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स का सर्वे किया गया. इनमें से 67 रेस्टोरेंट्स को नोटिस दिया गया. इनमें से 43 रेस्टोरेंट्स को नोटिस दिया गया है. इसके अलावा 6 रेस्टोरेंट्स को नियमों के तहत सही माना गया. आज जेडीए के मंथन सभागार में रेस्टोरेंट्स संचालकों को उनका पक्ष रखने के लिए बुलाया गया. पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में जहां रेस्टोरेंट्स संचालकों ने कुछ मजबूरियां बताई साथ ही कमियां दूर करने के लिए समय मांगा. वहीं बैठक में मौजूद जेडीए व नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वेवजह की बहानेबाजी नहीं चलेगी. उचित मांगों पर विचार किया जाएगा. लेकिन लोगों की सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों की अनदेखी बिल्कुल नहीं की जाएगी. आपको बताते हैं जेडीए व नगर निगम की ओर से रेस्टोरेंट्स संचालकों को क्या हिदायत दी गई-

- हमारी चार प्राथमिकताएं हैं, सभी रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स फायर एनओसी लें.
- आने और जाने के लिए सुरक्षित स्थान हो, पार्किंग के नियमानुसार प्रावधान रखा जाए. 
- रेस्टोरेंट्स के निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड व भवन विनियमों की पालना की जाए.
- भवन विनियमों में स्वीकृत मंजिलों के ऊपर अवैध अतिरिक्त मंजिलें चढ़ाकर रेस्टोरेंट्स का संचालन अवैध है. 
- छत पर किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधि के लिए स्वीकृति जरूरी है.
- नोटिस देने के पीछे उद्देश्य भय फैलाना नहीं, रेस्टोरेंट में जन सुरक्षा के प्रावधान सुनिश्चित करना है.
- अग्निशमन के प्रावधान या अन्य प्रावधान की पालना में बिल्डर व रेस्टोरेंट संचालक के पीछे विवाद अपने स्तर पर सुलझाएं. 
- अगर विवाद नहीं सुलझ रहा तो रेस्टोरेंट दूसरी इमारत में शिफ्ट कर लें.
 - सुधार के लिये वाकई काम करना चाहते हो तो इसके लिए अपना माइडसेंट बना ले. 

बैठक में रूफ टॉप संचालकों ने मांग की कि ऐसे प्रावधान किए जाएं जिनकी पालना किया जाना मुश्किल नहीं हो. आपको बताते हैं कि इन संचालकों ने किस तरह अपनी बात रखी... 
- एक तरफ तो सरकार बिना लाईसेंस बिजनेस करने की छूट दे रही है और दूसरी तरफ रेस्टारेंट्स बंद करने की तैयारी है. 
- करीब पन्द्रह हजार लोगों को इस व्यवसाय से रोजगार दिया जा रहा है. 
- फायर सेफ्टी के लिए जरूरी सभी उपकरण लगाने के लिए हम तैयार हैं. 
- अवैध रेस्टोरेंट चलाने की हमसे गलती हुई है लेकिन इस गलती को सुधारने के लिए 2-3 महीने का समय दिया जाए. 
- कई इमारतें पहले बन चुकी हैं अब उनमें नए सिरे से स्प्रिंकलर लगाने जैसे प्रावधान करना संभव नहीं हैं. 
- रूफ टॉप रेस्टोरेंट्स के प्रति सरकार, जेडीए व नगर निगम नरमी बरतें. 

बैठक में जेडीए की पुलिस अधीक्षक प्रीति जैन ने स्पष्ट कर दिया है. मामले में किसी के साथ कोई पक्षपात नहीं होगा. साथ ही किसी के भी खिलाफ अचानक कार्रवाई नहीं होगी. अभी आपको जेडीए एक्ट की धारा 32 के तहत नोटिस दिया गया है. इन नोटिसों के आए जवाब का अध्ययन किया जा रहा है. इसके बाद रेस्टोरेंट सील करने के लिए धारा 34 को नोटिस दिया जाएगा. 

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