बीकानेरः मरीज की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का हंगामा, आरोप- 2 घण्टे तक मिन्नत करते रहे कोई नहीं आया देखने, वीडियो वायरल

जयपुर/बीकानेरः देश सहित प्रदेश में विकराल रूप लेते कोरोना वायरस संक्रमण ने जहां एक ओर प्रशासन की नींदें उड़ा रखी हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन भी इस बिमारी से अपने आप को बचाने की हर संभव कोशिश में लगा हुआ है. वहीं कोरोना के कारण पूरे देश में बिगड़ी चिकित्सा व्यवस्थाओं ने आमजन सहित सरकारों के होश उड़ा दिए हैं. एक ओर बढ़ते कोरोना के मामले और दूसरी तरफ अस्तपतालों में ऑक्सीजन, दवाओं और बेड्स की कमी के कारण आम जन डर के साये में जीवन गुजार रहा है और अपने किसी को खोने का दुख सरकार या फिर अस्पताल कर्मचारियों पर निकाल रहा है. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया बीकानेर में जहां कोविड-19 से मरीज की मौत के बाद परिजनों ने चिकित्साकर्मियों की लापरवही बताते हुए अस्पताल में हंगाम कर दिया. बात इतनी बढ़ गई की बचाव के लिए वरिष्ठ चिकित्सकों और पुलिस को आना पड़ा. ऐसा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

परिजनों का आरोप- चिकित्सक मरीजों पर नहीं दे रहे ध्यानः
बीकानेर में हुई इस घटना ने एक बार फिर सिस्टम पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें कोविड-19 से मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगाम कर दिया. परिजनों का आरोप है कि यहां मरीज को लाने के बाद करीब 2 घण्टे तक यहां मौजूद चिकित्साकर्मियों से मिन्नते करते रहे लेकिन इस दौरान यहां कोई भी मरीज को देखने तक नहीं आया. जिसके कारण मरीज की मौत हो गई. इस दौरान मरीज के परिजनों और चिकित्सा स्टाफ के बीच जमकर बहस हुई. परिजनों ने कहा कि नर्स ने कहा कि डॉक्टर आ नहीं रहे मैं कई बार उन्हे सूचना दे चुकी हूं. बात यहां तक पहुंच गई की वहां पुलिस को आना पड़ा, तब जाकर मामला थोड़ा शांत हो पाया.

पीबीएम अस्पताल में आए दिन आ रही समस्याएंः
आपको बता दें कि दरअसल बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के सीनियर डॉक्टर कोरोना के इस बढ़ते प्रकोप में अब तक कोई मिसाल पेश नहीं कर पा रहे हैं. यहां सिर्फ रेजिडेंट्स, नर्सिंग कर्मी ही जी जान से मेहनत करते हुए कोविड मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं, जबकि सीनियर्स डॉक्टर्स का रवैया कोविड मामलों से दूरी बनाए रखने का बना हुआ हैं. अगर यहां के सीनियर डॉक्टर अपनी मेहनत से कोरोना मरीजों की सेवा में लग जाए तो ये जिले, प्रदेश सहित देश में एक मिसाल पेश कर सकते हैं. यहां आए दिन कोई ने कोई समस्या सामने आ रही है. कभी यहां के मैनेजमेंट पर सवाल उठते है तो कभी पॉवर कट की समस्या, कभी ऑक्सीजन फ्लो की परेशानी से मरीजों की जान पर बन आने की परेशानी होती है. यहीं नहीं यहां मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य 99 प्रतिशत नॉट रिचेबल ही रहते हैं. 

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