जयपुर VIDEO: रीट पेपर लीक मामले में सदन गूंजा, सीबीआई जांच की मांग पर विपक्ष का तीसरे दिन भी हंगामा

VIDEO: रीट पेपर लीक मामले में सदन गूंजा, सीबीआई जांच की मांग पर विपक्ष का तीसरे दिन भी हंगामा

जयपुर: रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच को लेकर विधानसभा में घमासान जारी है. आज तीसरे दिन भी सदन की कार्यवाही हंगामे के बीच ही संपन्न हुई. स्पीकर ने गतिरोध खत्म करने के लिए पक्ष-विपक्ष के सदस्यों को अपने चेंबर में बुलाया लेकिन बात नतीजे तक नहीं पहुंच सकी. रीट पेपर लीक मामले पर सड़क से लेकर सदन तक हंगामा मचा है. विधानसभा में आज लगातार तीसरे दिन भी रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हंगामा बरपा रहा. 

सदन की कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष के सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे. प्रश्नकाल के दौरान आज भी भाजपा विधायकों ने अपने सवाल नहीं पूछे. लेकिन आसन से स्पीकर ने उन सवालों पर भी मंत्रियों का जवाब दिलाया. प्रश्नकाल की पूरी कार्यवाही हंगामे के बीच चली तो वहीं शून्यकाल की शुरुआत भी हंगामे के साथ ही हुई. विपक्ष के विरोध के दौरान वो चार विधायक भी सदन के अंदर ही रहे जिन्हें कल पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया था. स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने विपक्ष के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा यह अच्छे पार्लियामेंट्रीयन की निशानी नहीं है. आप जो परंपरा बना रहे हैं उसका इतिहास लिखा जाएगा और संसदीय परंपराओं को तोड़ने का श्रेय आपको जाएगा. स्पीकर ने कहा कि आप संसदीय लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. आप विरोध करिए, सरकार अपनी बात कहेगी और जनता निर्णय करेगी .लेकिन यह हाउस हंगामा करने के लिए नहीं है बल्कि जनता के मुद्दों पर डिस्कस करने के लिए है. स्पीकर ने यह भी कहा कि जिन चार सदस्यों को निलंबित किया गया है उन्हें अंदर लाने का अधिकार आपको नहीं है.

 इस दौरान पक्ष-विपक्ष में नोंक-झोंक भी देखने को मिली. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि केवल विपक्ष के सदस्यों पर कार्यवाही की गई जबकि कल सत्ता पक्ष के सदस्यों का व्यवहार भी उचित नहीं था. रीट पेपर लीक मामले पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पेपर मेरे समय में भी आउट हुए थे यह बात स्वीकार करने में कोई हर्ज नहीं है. लेकिन राजस्थान में माफिया गैंग तैयार हो गए है जो कोचिंग संस्थानों के साथ मिलीभगत कर इस तरह की घटनाएं कर रहे हैं. नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि शिक्षा संकुल ही ऐसी जगह क्यों थी जहां पर राजीव गांधी स्टडी सर्किल के नामजद लोगों को नियुक्त किया गया. वहां एक से एक घटिया लोगों को लगाया गया जिन्हें पहले भी ऐसी कारगुजारियों में पकड़ा गया .

जब बाड़ ही खेत को खा जाएगी तो क्या होगा? नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जिम्मेदारी केवल उन लोगों की नहीं है जिन्होंने पेपर लीक किया बल्कि जिम्मेदारी उन लोगों की भी है जिन्होंने ऐसे लोगों को लगाया. इन्हें लगाने वाले मंत्री और उच्च स्तर के लोग हैं जिनसे एसओजी के अशोक राठौड़ बुलाकर पूछताछ नहीं कर सकते हैं. यह लाखों बच्चों के भविष्य से जुड़ा सवाल है जिसे समझना पड़ेगा. इस पर मंत्री शांति धारीवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि हम मामले पर डिस्कशन करने के लिए तैयार है. आप हमारा जवाब सुनिए. हम एक-एक कर आपके भी कारनामे बताएंगे. धारीवाल ने कहा कि भाजपा दिल्ली के इशारे पर राजनीतिक रूप से विरोध कर रही है. उन्होंने कहा कि यह इसलिए विलंब करना चाहते हैं ताकि भर्तियां नहीं हो सके.

सत्ता पक्ष और विपक्ष की बात सुनने के बाद स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं नहीं हो इस पर हमें मिल बैठकर चर्चा करनी चाहिए. स्पीकर ने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल और मुख्य सचेतक डॉ महेश जोशी को अपने चेंबर में चर्चा के लिए आमंत्रित किया. लेकिन उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पहले चारों विधायकों का निलंबन रद्द किया जाए. उसके बाद हम बहस को तैयार हैं. लेकिन बहस होगी तो रीट से ही शुरू होगी क्योंकि मुख्य मुद्दा यही है. स्पीकर ने शून्यकाल के बाद निलंबन के मामले पर चर्चा की बात कही जिसे विपक्ष ने अस्वीकार कर दिया. आखिर सदन की कार्यवाही 1 घंटे के लिए स्थगित कर दी गई. इस दौरान स्पीकर के चेंबर में पक्ष-विपक्ष के सदस्यों के बीच सुलह के प्रयास हुए लेकिन बात नतीजे तक नहीं पहुंची. सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई तो फिर से विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. इस हंगामे के बीच ही शून्यकाल और राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा करवाई गई. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए नरेश शर्मा के साथ योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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