पश्चिम बंगाल, केरल, असम में सत्तारूढ़ पक्ष की जीत के आसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विपक्षी गठबंधन आगे

पश्चिम बंगाल, केरल, असम में सत्तारूढ़ पक्ष की जीत के आसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विपक्षी गठबंधन आगे

पश्चिम बंगाल, केरल, असम में सत्तारूढ़ पक्ष की जीत के आसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी में विपक्षी गठबंधन आगे

नई दिल्ली: चार राज्यों और केंद्र शासित पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के मद्देनजर रविवार को जारी मतगणन के अब तक आए रुझानों से लगभग साफ है कि पश्चिम बंगाल, असम और केरल में सत्तारूढ़ दल फिर से सरकार बनाने की ओर हैं जबकि तमिलनाडु और पुडुचेरी में विपक्षी दलों के गठबंधन के सत्ता में आने की संभावना है.

दीग्राम विधानसभा सीट से शुभेंदु से हारी ममताः
इन चुनावी राज्यों में सबकी नजरें पश्चिम बंगाल पर टिकी थी और वहां ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस सत्ता की हैट्रिक लगाई हैं. हालांकि वहां मुख्यमंत्री को कांटे के मुकाबले में नंदीग्राम विधानसभा सीट पर अपने पूर्व सिपहसालार शुभेंदु अधिकारी से हार का सामना करना पड़ा. इसके बाद टीएमसी की ओर से दोबारा मतगणना की भी बात कही जा रही है. 

असम में भाजपा, केरल में एलडीएफ, तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक गठबंधन, पुडुचेरी में एआईएनआरसी नीत राजग जीतः
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों से यही संकेत मिलता है कि असम में भाजपा की और केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व वाले वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की सत्ता में वापसी लगभग तय है. तो वहीं तमिलनाडु में विपक्षी द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन अन्नाद्रमुक को सत्ता से बेदखल करता दिखाई दे रहा है. केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में एआईएनआरसी नीत राजग जीत की तरफ बढ़ रहा है.

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी तीसरी बार राज्य में सरकार बनाएगीः
इन चार प्रदेशों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल के चुनाव की रही. वहां पर तृणमूल कांग्रेस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में आक्रामक चुनाव प्रचार किया तो भाजपा ने वहां पहली बार सत्ता में आने के लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के कई दूसरे बड़े चेहरों ने पश्चिम बंगाल में धुआंधार चुनाव प्रचार किया. कई दशकों तक पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज रहे वाम दलों और कांग्रेस का इस चुनाव में सफाया हो गया. पश्चिम बंगाल विधानसभा की 292 सीटों के लिए जारी मतगणना में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस 214 सीटों पर बढ़त के साथ राज्य में सत्ता पर फिर से काबिज होती दिख रही है, जबकि भाजपा 76 सीटों पर आगे है. पिछले विधानसभा चुनाव में महज तीन सीटों पर जीत दर्ज करने वाली भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी लेकिन वह अपने अभियान में सफल नहीं हो सकी. कड़ा मुकाबला होने के अनुमानों को धता बताते हुए, तृणमूल कांग्रेस तेजी से प्रचंड जीत की ओर बढ़ती दिख रही है और अगर मौजूदा रुझान परिणामों में तब्दील होते हैं तो पार्टी बेहद आसानी से लगातार तीसरी बार राज्य में सरकार बनाएगी. वहीं वामदल-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन बस दो सीटों पर आगे हैं.

असम में भाजपा की अगुवाई वाली राजग की सरकारः
असम में भाजपा की अगुवाई वाली राजग एक बार फिर से सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रहा है. राजग 126 सीटों में से 75 पर बढ़त बनाए हुए है. इनमें से भाजपा के उम्मीदवार 56 सीटों पर आगे हैं. कांग्रेस की अगुवाई वाला ‘महाजोत’ असम में सिर्फ 46 सीटों पर बढ़त बना सका हैं. इनमें से कांग्रेस 29 सीटों पर आगे है. चुनाव नतीजों से खुश असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाला ने संवाददाताओं से कहा कि हम निश्चित रूप ये यह कह सकते हैं कि भाजपा सरकार बनाएगी. हम अपने साथियों असम गण परिषद और यूपीपीएल के साथ एक बार फिर से सत्ता में आ रहे हैं.

केरल में एलडीएफ फिर से सत्ता हांसिल करने में अग्रसरः 
केरल में पिछले चार दशकों यह परिपाटी टूटती नजर आ रही है कि हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होगा. इस बार माकपा की अगुवाई वाला एलडीएफ फिर से सरकार जीत हासिल करता नजर आ रहा है. यह गठबंधन के दो प्रमुख घटक माकपा और भाकपा कुल 97 सीटों पर आगे हैं. राज्य में कुज 140 विधानसभा सीटें हैं. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि मैं केरल के लोगों को अप्रत्याशित तरीके से भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त करता हूं. एलडीएफ की सरकार ने लोगों की चुनौतियों का समाधान निकाला और कोरोना महामारी को भी नियंत्रित किया. महामारी को नियंत्रित कर केरल ने दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है.

तमिलनाडु में द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति मेंः
तमिलनाडु में एक दशक तक सत्ता में रहने के बाद अन्नाद्रमुक हार की तरफ बढ़ती नजर आ रही है. वह 234 सदस्यीय विधानसभा की सिर्फ 80 सीटों पर आगे है. प्रदेश में विपक्षी द्रमुक की अगुवाई वाला गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में नजर आ रहा है. द्रविड़ मुनेत्र कषगम 121 सीटों पर जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस 16 सीटों पर आगे है. राज्य में यह पहला चुनाव है जिसमें द्रमुक एम करुणानिधि और अन्नाद्रमुक जयललिता की गैरमौजूदगी में चुनाव लड़ रही हैं. दोनों नेताओं का कुछ साल पहले निधन हो गया.
सोर्स भाषा

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