जयपुर VIDEO: SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के इंटरव्यू, प्रिंसिपल पद के लिए 37 डॉक्टर्स ने किए थे आवदेन, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: SMS मेडिकल कॉलेज प्राचार्य के इंटरव्यू, प्रिंसिपल पद के लिए 37 डॉक्टर्स ने किए थे आवदेन, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े एसएमएस मेडिकल कॉलेज में नए मुखिया यानी प्रिसिंपल की तलाश एकबार फिर शुरू हो गई है.चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज इस पद के लिए इच्छुक चिकित्सकों के साक्षात्कार लिए गए.इस दौरान चार मेडिकल कॉलेज के 28 चिकित्सकों ने दावेदारी पेश की. दरअसल, राज्य सरकार ने डॉक्टर्स की कमी का हवाला देते हुए कुछ साल पहले मेडिकल टीचर्स का सेवाकाल 62 से बढ़ाकर 65 किया है, लेकिन इसमें यह शर्त भी लगाई है कि 62 साल के बाद प्रशासनिक पदों पर मेडिकल टीचर्स को नहीं लगाया जाएगा.हालांकि, कोरोना के चलते मौजूदा प्राचार्य डॉ सुधीर भण्डारी को सरकार ने 62 साल की आयु पूरा होने के बावजूद दो बार एक्सटेंशन दिया.

डॉ भण्डारी का मौजूदा कार्यकाल चार जुलाई को पूरा होगा, जिसके चलते एकबार फिर शुरू हुई है प्रिंसीपल पद की दौड़.चिकित्सा शिक्षा विभाग की तरफ से मांगे गए आवेदन में कुल 40 चिकित्सकों ने दावेदारी पेश की है.जिसमें से 37 योग्य आवेदकों को आज इंटरव्यू के लिए बुलाया गया.मुख्य सचिव उषा शर्मा की अध्यक्षता में हुए इंटरव्यू में 28 चिकित्सक शामिल हुए और प्राचार्य पद के लिए खुद का मजबूती से पक्ष रखा.

इन चिकित्सकों ने इंटरव्यू में पेश की दावेदारी:
- डॉ. एसएम शर्मा, डॉ. दीपक माथुर, डॉ सुधीर मेहता, डॉ विनय मल्होत्रा, डॉ राजीव बगरहट्टा, डॉ शिवम प्रियदर्शी, डॉ राकेश कुमार जैन, डॉ लीनेश्वर हर्षवर्धन, डॉ प्रभा ओम,डॉ रामेश्वरम शर्मा, डॉ धीरज सक्सेना, डॉ प्रवीण माथुर, डॉ भावना शर्मा, डॉ गोर्वधन मीणा, डॉ बी पी मीणा, डॉ चन्द्रभान मीणा, डॉ संजीव देवगौडा, डॉ सुशील कुमार सिंह, डॉ सुधीर कुमार, डॉ सी एल नवल, डॉ लोकेन्द्र शर्मा
डॉ गुंजन सोनी, डॉ सुदेश अग्रवाल,डॉ बाल किशन गुप्ता, डॉ सुरेन्द्र कुमार, डॉ परमेन्द्र सिरोही, डॉ वीर बहादुर सिंह, डॉ संजीव कुमार नैनीवाल

ये चिकित्सक रहे इंटरव्यू में अनुपस्थित:
डॉ अरविन्द कुमार शुक्ला, डॉ कुसुम लता, डॉ मोहम्मद सलीम, डॉ मुकेश चन्द्र आर्य, डॉ राजेन्द्र बागड़ी, डॉ रामेश्वर लाल सुमन, डॉ रोहित अजमेरा, डॉ श्रीपहल राम मीणा, डॉ तरूण लाल

एसएमएस मेडिकल कॉलेज प्राचार्य पद के लिए आज हुए साक्षात्कार में चयन समिति का नए प्रोजेक्टस पर विशेष फोकस रहा.इंटरव्यू बोर्ड ने अधिकांश चिकित्सकों से आईपीडी टॉवर, कैंसर इंस्टीट्यूट, निशुल्क ओपीडी-आईपीडी सेवा समेत कई प्रोजेक्टस को लेकर विजन जाना, साथ ही ये भी पूछा कि अगर उन्हें जिम्मेदारी मिलती है तो वे कैसे इन प्रोजेक्टस को नई ऊर्जा देंगे.इंटरव्यू में सभी चिकित्सकों को अपना विजन रखने के लिए तीन से चार मिनट का समय दिया गया.

इंटरव्यू में ये सवाल रहे प्रमुख:
-एसएमएस और अटैच अस्पतालों में क्राउड मैनेजमेंट के लिए क्या प्लान होना चाहिए
-एसएमएस को रैफरल घोषित करने के क्या फायदे-नुकसान होंगे
-क्या एसएमएस अस्पताल में प्रशासक नियुक्त किया जाना चाहिए, इस बारे में सरकार विचार करती है तो वो चिकित्सक हो या प्रशासनिक अधिकारी
-SMS की सेवाओं में सुधार के लिए क्या विजन रहेगा
-हॉस्पिटल मैनेजमेंट के लिहाज से क्या क्या बदलाव तत्काल प्रभाव से होने चाहिए
-एसएमएस मेडिकल कॉलेज में कक्षाओं में स्टूडेंटस की रूचि बढ़ाने के लिए क्या प्रयास होने चाहिए
-एक छत के नीचे कैंसर इस्टीट्यूट को लाने के लिए क्या क्या प्रयास किए जाने चाहिए

मुख्य सचिव उषा शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित साक्षात्कार में आरयूएचएस के वीसी डा सुधीर भण्डारी, प्रमुख चिकित्सा शिक्षा सचिव वैभव गालरिया व प्रमुख कार्मिक सचिव हेमन्त गेरा भी शामिल हुए.इस दौरान दावेदारों से न सिर्फ प्रशासनिक दक्षता को लेकर सवाल पूछे गए, बल्कि ये भी प्लान मांगा गया कि पीपीपी मोड को बढ़ावा देने के लिए वे किस तरह काम करेंगे.हालांकि, साक्षात्कार की सूची में कई नाम ऐसे भी सामने आए है,जिन्हें चिकित्सक के रूप में भी पहचान नहीं मिली, लेकिन ब्यूरोक्रेसी-राजनैतिक सम्बन्ध, जातिगत आधार पर वे दावेदारी जता रहे है.ऐसे में अब देखना होगा कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद किस चिकित्सक को यह अहम जिम्मेदारी मिलती है.

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