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सचिन पायलट का केन्द्र सरकार पर हमला, कहा-अर्थव्यवस्था का चौपट होना केन्द्र सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन

सचिन पायलट का केन्द्र सरकार पर हमला, कहा-अर्थव्यवस्था का चौपट होना केन्द्र सरकार का वित्तीय कुप्रबंधन

जयपुर: पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने चालू वित्तीय वर्ष की प्रथम तिमाही में  जीडीपी में हुई नकारात्मक वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसके लिए केन्द्र सरकार की दोषपूर्ण आर्थिक नीतियों एवं वित्तीय कुप्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया हैं. पायलट ने कहा कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा जारी जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी में 23.9 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है, जो कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही चिंताजनक है.

24 वर्षों में जीडीपी की यह सबसे बड़ी गिरावट:
उन्होंने बताया कि माइनिंग सेक्टर में 23.3 प्रतिशत, ट्रेड, ट्रांसपोर्ट, होटल में 47 प्रतिशत, मैन्युफैक्चरिंग में 39.3 प्रतिशत, कंस्ट्रक्शन सेक्टर में 50.3 प्रतिशत और  उत्पादन सेक्टर में 20.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि पिछले 24 वर्षों में जीडीपी की यह सबसे बड़ी गिरावट है. विश्व की प्रमुख देशों की अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि फाइनेंशियल सर्विस तथा यूटिलिटी सेक्टर में क्रमशः 5.3 व 7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जिसे उपरोक्त की तुलना में संतोषजनक कहा जा सकता है.

केन्द्र सरकार ने लिया बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का फैसला: 
उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का फैसला लिया गया, जिसका सीधा असर असंगठित क्षेत्र पर पड़ा, आर्थिक गतिविधियां एकदम बंद हो गई तथा सरकार की आर्थिक नीतियों का लाभ जनता को नहीं मिल पाया जिस कारण जीडीपी में इतनी भारी नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है.पायलट ने कहा कि जीडीपी के आंकडों से साबित हो गया है कि देश की अर्थव्यवस्था ऐसे दौर में पहुंच गई है जिसका बहुत बुरा प्रभाव आगामी समय में मजदूर, किसान, नौजवान सहित आम आदमी पर पड़ने वाला है. उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को शीघ्र ही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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मायावती बोलीं, कमलनाथ की महिला विरोधी टिप्पणी शर्मनाक, कांग्रेस माफी मांगे 

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भोपाल: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा दलित समुदाय की भाजपा नेता एवं राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी को कथित तौर पर आइटम कहे जाने की सोमवार को निन्दा करते हुए कहा कि कांग्रेस को इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए. मायावती ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, मध्य प्रदेश में ग्वालियर की डबरा (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रहीं दलित महिला (इमरती देवी) के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय. इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिलाओं का अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे मध्य प्रदेश में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बसपा उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा. उल्लेखनीय है कि इमरती देवी के खिलाफ मध्य प्रदेश की डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था, डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं। ये तो उसके जैसे नहीं हैं। क्या है उसका नाम?

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इस बीच, वहां मौजूद जनता जोर-जोर से इमरती देवी, इमरती देवी कहने लगी. इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा कि मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है? पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निष्ठावान समर्थकों में गिनी जाने वाली इमरती देवी कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों में से एक हैं जिनके विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण 20 मार्च को तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को राज्य की सत्ता में लौट आई थी. गौरतलब है कि डबरा समेत राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है.(भाषा)

MP में कमलनाथ की विवादित टिप्पणी से खफा CM शिवराजसिंह चौहान 2 घंटे के मौन व्रत पर

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भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश की मंत्री इमरती देवी को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कथित तौर पर ‘आइटम’ कहे जाने पर उनकी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने ओछे बयान से कांग्रेस की विकृत और घृणित मानसिकता का फिर परिचय दिया है.चौहान ने रविवार को ट्वीट किया कि आपने (कमलनाथ ने) इमरती देवी ही नहीं, बल्कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की एक-एक बेटी और बहन का अपमान किया है.

कमलनाथ की उक्त टिप्पणी के प्रति विरोध जताने एवं इस संबंध में जनजागरण के लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे प्रदेश में सोमवार सुबह 10 बजे से धरने पर बैठकर दो घंटे का मौन व्रत शुरू किया. मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भोपाल में, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ग्वालियर में और पार्टी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे हैं.

इमरती देवी के खिलाफ डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था कि डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं. ये तो उसके जैसे नहीं हैं. क्या है उसका नाम? इसी बीच वहां मौजूद जनता जोर-जोर से ‘इमरती देवी’, ‘इमरती देवी’ कहने लगी.इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा कि मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है. 

इस पर चौहान ने ट्वीट किया कि कमलनाथ जी, आज आपने अपने ओछे बयान के द्वारा कांग्रेस की विकृत और घृणित मानसिकता का फिर परिचय दिया है. आपने श्रीमती इमरती देवी ही नहीं, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की एक-एक बेटी और बहन का अपमान किया है.कमलनाथ जी, आपको किसी भी महिला के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का अधिकार किसने दिया? गौरतलब है कि डबरा समेत राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है. ऐसे में सभी अपना उल्लू सीधा करने में लगे हुए है. (सोर्स-भाषा)

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महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस की तुलना पाक से करने के मामले में BJP राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा विपक्ष के निशाने पर

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भुवनेश्वर: भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा ने पिछले सप्ताह ओडिशा और महाराष्ट्र में पत्रकारों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की तुलना पाकिस्तान में पत्रकारों के उत्पीड़न से करके एक नये विवाद को जन्म दे दिया है. पूर्व सांसद ने पांडा परिवार के मालिकाना हक वाली कंपनी ओटीवी के एक संवाददाता से हिरासत में पूछताछ की निंदा करते हुए कहा कि फासीवाद का विरोध जरूर किया जाना चाहिए.

वहीं उन्होंने रिपब्लिक टीवी के एक पत्रकार से भी अपील की है कि वह महाराष्ट्र में इसी तरह के अनुभव के बारे में आवाज उठाएं. पांडा का दावा है कि महाराष्ट्र में संबंधित पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार हुआ है. वरिष्ठ भाजपा नेता ने शनिवार को ट्वीट किया कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता. आगे भी उन्होनें आरोपों का सिलसिला जारी रखा. उन्होनें ओडिशा और महाराष्ट्र पुलिस की तुलना पाकिस्तान से कर दी. 

यह शर्मनाक है कि महाराष्ट्र और ओडिशा की पुलिस कानून का पालन किए बगैर पाकिस्तान की तरह पत्रकारों को पकड़ रही है और उन्हें प्रताड़ित कर रही है और हिरासत में पूछताछ कर रही है. यही वास्तविक फासीवाद है. ओटीवी न्यूज के पत्रकार रमेश रथ और रिपब्लिक के प्रदीप के लिए आवाज उठाएं. उन्होंने इस ट्वीट में दोनों पत्रकारों को टैग किया था. पांडा ने दावा किया कि उचित वारंट नहीं होने के बाद भी ओडिशा पुलिस ने छापेमारी की और ओटीवी के पत्रकार से बिना कानून का पालन किए हुए पूछताछ की है. 

पांडा के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए सत्तारूढ़ बीजद के नेताओं ने ओडिशा की तुलना पाकिस्तान’ से करने के लिए उनकी निंदा की है. राज्य सभा सांसद सस्मित पात्रा ने अपने पूर्व सहकर्मी के बयान को दुर्भाग्यूपर्ण करार दिया है. भाजपा विधायक प्रणब प्रकाश दास ने एक बयान में कहा कि पांडा ने ‘राज्य की तुलना पाकिस्तान से करके’ राज्य का अनादर किया है. (सोर्स-भाषा)

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कांग्रेस का बड़ा आरोप: जानबूझकर J&K पंचायती राज कानून संशोधन में देरी कर रही है BJP सरकार

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जम्मू:  कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने रविवार को जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून,1989 में संशोधन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है और इसे केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में और देरी करने का प्रयास करार दिया है. इतना ही नहीं कांग्रेस ने बीजेपी पर लोगों का हक खाने जैसा संगीन आरोप भी लगाया है. 

प्रदेश कांग्रेस समिति के मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा ने एक बयान में कहा कि भाजपा विधानसभा चुनाव में लोगों का सामना नहीं करना चाहती क्योंकि उन्हें अपने जनविरोधी फैसलों और नीतियों के खिलाफ होने वाली प्रतिक्रिया की आशंका है जो लोगों को उनकी पहचान और नौकरियों एवं जमीन के विशेष अधिकारों से वंचित करता है.

उल्लेखनीय है कि शनिवार को केंद्र ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून में संशोधन करके हर जिले में जिला विकास परिषद (डीडीसी) बनाए जाने का निर्णय लिया था. प्रत्येक जिला विकास परिषद में 14 क्षेत्र होंगे और सभी में एक प्रत्यक्ष निर्वाचित सदस्य होगा. कुछ सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. जिसके बाद कांग्रेस पार्टी बीजेपी को लपेटे में ले रही है. (सोर्स-भाषा)

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बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस का थीम सॉन्ग "बोले बिहार, बदले सरकार" जारी

बिहार चुनाव के लिए कांग्रेस का थीम सॉन्ग

पटना, बिहार:  चुनावों का दौर आते ही सभी पार्टीयां अपनी-अपनी कमर कसकर तैयार होती नजर आ रही है. हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपनी पार्टी कांग्रेस का ‘थीम सॉन्ग’ जारी किया है. पटना स्थित कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में एक कार्यक्रम के दौरान रविवार को बघेल ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी पार्टी का ‘थीम सॉन्ग’ जारी किया .

आपको बता दे की कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम ने इस गीत को तैयार किया है. इस गीत "बोले बिहार, बदले सरकार" में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 साल के शासन के दौरान शिक्षा की बदतर स्थिति, भारी बेरोजगारी, बढ़ते भ्रष्टाचार, अनियंत्रित अपराध, राज्य की कोरोनो वायरस से निपटने में विफलता को दर्शाते हुए सर्वांगीण विकास के लिए सरकार बदलने की बात की गई है. 

बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए होने वाले चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे हैं. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी 23 अक्टूबर को भागलपुर के कहलगांव और नवादा के हिसुआ में दो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे. मगर  इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा ये तो वक्त ही बताएगा. (सोर्स-भाषा)

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चिराग पासवान बोले, प्रधानमंत्री अपना गठबंधन धर्म निभाएं, मैं उन्हें धर्मसंकट में नहीं डालना चाहता

चिराग पासवान बोले, प्रधानमंत्री अपना गठबंधन धर्म निभाएं, मैं उन्हें धर्मसंकट में नहीं डालना चाहता

पटना: लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री अपना गठबंधन धर्म निभाएं और उनकी वजह से किसी धर्मसंकट में ना पड़ें. चिराग ने रविवार को ट्वीट किया, आदरणीय नीतीश कुमार जी ने प्रचार का पूरा ज़ोर मेरे और प्रधानमंत्री जी के बीच दूरी दिखने में लगा रखा है. बांटो और राज करो की नीति में माहिर मुख्यमंत्री हर रोज़ मेरे और भाजपा के बीच दूरी बनाने का प्रयास कर रहे हैं. मेरे और प्रधानमंत्री के रिश्ते कैसे है मुझे इसका प्रदर्शन करने की ज़रूरत नहीं है. पापा (केंद्रीय मंत्री दिवंगत रामविलास पासवान) जब अस्पताल में थे तब से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक उन्होंने मेरे लिए जो कुछ किया उसे मैं कभी नहीं भूल सकता.

लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने आगे कहा कि मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी धर्मसंकट में पड़े. वह अपना गठबंधनधर्म निभाएं। आदरणीय मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संतुष्ट करने के लिए मेरे ख़िलाफ़ भी कुछ कहना पड़े तो निस्संकोच कहें. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भाजपा के साथियों का धन्यवाद करना चाहिए की वह मुख्यमंत्री के ख़िलाफ़ इतना आक्रोश होने के बावजूद गठबंधनधर्म निभा रहे हैं और हर दिन नीतीश कुमार को प्रमाणपत्र देते है की वह चिराग के साथ नहीं है.

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अपनी पार्टी के मोटो बिहार फर्स्ट के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बिहार फ़र्स्ट की सोच, जदयू के नेताओं की गले की फांस बन चुका है। प्रधानमंत्रीजी के विकास के मंत्र के साथ मैं और बिहार फ़र्स्ट, बिहारी फ़र्स्ट प्रतिबद्ध हैं. गौरतलब है कि जल्दी ही नीतीश और मोदी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ कई चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले हैं. वहीं राजग से बाहर निकलने के बाद लोजपा ने स्वतंत्र रूप से बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नीतीश को गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है, लेकिन यह चिराग को स्वीकार्य नहीं है. भाजपा ने हाल के दिनों में आरोप लगाया है कि चिराग उनके वरिष्ठ नेताओं के साथ निकटता का दावा करके भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और दोहराया कि अगर उनके गठबंधन को जनादेश मिलता है तो नीतीश ही फिर से राज्य के मुख्यमंत्री होंगे. वहीं चिराग यह दावा करते रहे हैं कि इस चुनाव के बाद भाजपा और लोजपा का गठबंधन सत्ता में आएगा. बिहार विधानसभा चुनाव तीन चरणों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को होने वाले हैं। मतगणना 10 नवंबर को होगी. (भाषा)

Nagar Nigam Election: कांग्रेस ने तय कर दिए करीब सभी उम्मीदवार, जयपुर हेरिटेज और ग्रेटर के 90 फीसदी उम्मीदवार हो चुके तय

Nagar Nigam Election: कांग्रेस ने तय कर दिए करीब सभी उम्मीदवार, जयपुर हेरिटेज और ग्रेटर के 90 फीसदी उम्मीदवार हो चुके तय

जयपुर: राजधानी जयपुर में निकाय चुनाव को लेकर घमासान जारी है. एक एक टिकट के लिए माथापच्ची चल रही कहा जा रहा है कि कांग्रेस के 90 फ़ीसदी टिकट तय हो गए है. पर्यवेक्षक ने नामों पर मुहर लगा दी है.पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने खाली सिंबल किसी भी नेता और विधायक को नहीं दिए जाएंगे,कमेटी अपने नाम फाइनल कर पीसीसी को सौंपेगी और पीसीसी की ओर से ही सिंबल दिए जाएंगे. देर रात या कल सुबह हो सकता है नामों का ऐलान.

परचम फहराने के लिए कांग्रेस की रणनीति जारी:
राजधानी में परचम फहराने के लिए कांग्रेस की रणनीति जारी है.पीसीसी ने टिकट वितरण पर शिकंजा कसते हुए ऐलान कर दिया की किसी भी नेता के हाथों में सिंबल नहीं दिए जायेंगे. प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सिंबल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से ही दिए जाएंगे.खाली सिंबल किसी भी नेता और विधायक को नहीं दिए जाएंगे.कमेटी अपने नाम फाइनल कर पीसीसी को सौंपेगी और पीसीसी की ओर से ही सिंबल दिए जाएंगे.

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अमित शाह के बयान पर पलटवार:
पीसीसी चीफ से आज जयपुर के उन प्रमुख नेताओ ने भी मुलाकात जो बीते चुनाव लड़ चुके लेकिन उन्हें निकाय चुनाव में पूछा नहीं जा रहा है. कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा की अगुवाई में इन नेताओ ने डोटासरा से मुलाकात की. डोटासरा ने कहा कि सब की बात सुनकर समन्वय के साथ ही सूची जारी की जाएगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर पलटवार करते हुए डोटासरा ने कहा कि जब बीजेपी बार-बार कह रही है. 

कोरोना काल में सरकार और संगठन में हुए बेहतर कार्य:
एमएसपी को खत्म नहीं किया जाएगा तो लिखित में कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा. जब गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए नरेंद्र मोदी यूपीए सरकार को कानून बनाने के लिए पत्र लिखते थे तो अब क्यों नहीं एमएसपी का कानून बनाया जा रहा है.डोटासरा का दावा है कि कांग्रेस जयपुर ,जोधपुर और कोटा तीनों जगह बोर्ड बनाएगी. कोरोना काल में सरकार और संगठन में बेहतर कार्य किया है. जनता इस पर मुहर लगाएगी. डोटासरा ने कहा कि संगठन से जुड़े हुए लोगों को मौका मिले सभी का प्रयास यही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

बिहार, मध्य प्रदेश चुनावः चिदंबरम ने मतदाताओं से की अपील, कहा-बाइडेन की ‘विभाजन के बजाए एकता’ चुनने की टिप्पणी को याद रखें

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नयी दिल्लीः कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने बिहार, मध्य प्रदेश और भारत के अन्य हिस्सों के लोगों से रविवार को अपील की कि वे मतदान करते वक्त अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन की ‘विभाजन के बजाए एकता’ को चुनने वाली टिप्पणी को याद रखें. डेन ने अमेरिकी मतदाताओं से भय के बजाए उम्मीद, विभाजन के बजाए एकता को चुनने को कहा था, चिदंबरम ने कहा कि भारतीय मतदाता भी इसी राह पर चलकर मतदान करें.

बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 28 अक्टूबर सेः
बिहार में तीन चरणों में होने जा रहे विधानसभा चुनाव का पहला चरण 28 अक्टूबर को है. इसके अलावा देश के 12 राज्यों में लोकसभा की एक सीट तथा विधानसभा की 56 सीटों के लिए उपचुनाव तीन नवंबर और सात नवंबर को होने हैं. विधानसभा की जिन 56 सीटों पर उपचुनाव होना है उनमें से 28 सीटें मध्य प्रदेश में हैं.

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बाइडेन ने कहा था कि हम भय के बजाए उम्मीद को चुनते हैंः
चिदंबरम ने ट्वीट किया कि अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने कल कहा था कि हम भय के बजाए उम्मीद को चुनते हैं, विभाजन के बजाए एकता को, कल्पना के बजाए विज्ञान को और झूठ के बजाए सच को चुनते हैं, इस प्रण को बिहार, मध्य प्रदेश और देश के किसी भी हिस्से के लोगों को इस महीने मतदान केंद्र पर जाते वक्त अपने जेहन में रखना चाहिए. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जेसिंडा अर्डेन के न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री चुने जाने से हमें यह उम्मीद मिलती है कि शालीनता और विकासोन्मुखी मूल्य लोकतंत्र में विजयी हो सकते हैं.
सोर्स भाषा