कश्मीर प्रकरण पर सचिन पायलट ने तोड़ी चुप्पी, पूर्व सीएम को हिरासत में लेने का किया विरोध

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/06 01:59

जयपुर: कश्मीर प्रकरण पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट ने चुप्पी तोड़ी है. पायलट ने एक ट्वीट करते हुए पूर्व सीएम को हिरासत में लेने का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम को हिरासत में लेने का कोई स्पष्टीकरण नहीं है. केंद्र सरकार अलगाववादियों की तरह व्यवहार कर रही है. साथ ही इस दौरान पायलट ने कश्मीर में शांति कायम होने की भी प्रार्थना की है. हालांकि पायलट ने अनुच्छेद 370 को लेकर कुछ भी नहीं लिखा. 

For us to be a progressive,vibrant democracy-all political parties&local representatives needed to be involved #JammuKashmir.
No justification for arresting former CMs’, who took oath under the constitution&treating them at par with separatists.I pray and hope that peace prevails

— Sachin Pilot (@SachinPilot) August 6, 2019

ज्योति मिर्धा और अशोक चांदना ने फैसले का किया स्वागत: 
वहीं इससे पहले जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने पर कांग्रेस की जाट नेत्री डॉ. ज्योति मिर्धा और कांग्रेस सरकार के खेल मंत्री अशोक चांदना ने पार्टी लीक से हटकर मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है. खेलमंत्री चांदना ने ट्वीट कर कहा कि यह मेरी निजी राय है. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाना सरकार का पहला फैसला है जिसका मैं स्वागत करता हूं. इसके साथ ही चांदना ने ट्वीट पर कहा कि लेकिन 370 बदलने का क्रियान्वयन तानाशाही से ना होकर, शांति और विश्वास के माहौल में होना चाहिए. इसका अच्छे से निस्तारण हो, ताकि भविष्य में देश के किसी नागरिक को कोई समस्या ना हो.

इस मसले पर नागौर की पूर्व सांसद मिर्धा ने भी ट्वीट कर कहा था कि राष्ट्र प्रथम है. विरोध के लिए विरोध का कोई अर्थ नहीं है. भारत की एकता के लिए उठाए गए साहसिक कदम के लिए सरकार को बधाई दें.

राहुल गांधी ने बताया संविधान का उल्लंघन:  
वहीं आज राहुल गांधी ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव डालने वाला करार दिया है. राहुल गांधी ने मंगलवार को इस मसले पर ट्वीट किया और लिखा कि केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, वह संविधान का उल्लंघन है. और इस फैसले से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. राहुल गांधी ने सरकार के फैसले का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को दो हिस्सों में फाड़कर और चुने हुए प्रतिनिधियों को कैद करके राष्ट्रीय एकीकरण का काम नहीं किया जा सकता है. यह राष्ट्र जमीन का कोई भूखंड नहीं है बल्कि यहां के लोगों द्वारा बनाया गया है. 

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