दुख की बात है कि मंडाविया भी हर्षवर्धन के रास्ते पर चल रहे हैं - कांग्रेस

दुख की बात है कि मंडाविया भी हर्षवर्धन के रास्ते पर चल रहे हैं - कांग्रेस

दुख की बात है कि मंडाविया भी हर्षवर्धन के रास्ते पर चल रहे हैं - कांग्रेस

नई दिल्ली: कांग्रेस ने देश में कोरोना रोधी टीकों की कथित तौर पर कमी होने को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया भी अपने पूर्ववर्ती हर्षवर्षधन के रास्ते पर चल रहे हैं. विपक्षी पार्टी ने यह दावा भी किया कि टीकों की ‘कमी’ के मुद्दे पर देश की जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि सदियों का बनाया, पलों में मिटाया, देश जानता है कौन ये कठिन दौर लाया. 

पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने ट्वीट कर दावा किया कि नए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया अपने पूर्ववर्ती की तरह उसी रास्ते पर चल रहे हैं. यह दुख की बात है. राज्य दर राज्य टीके की कमी की शिकायत कर रहे हैं. टीकाकरण केंद्रों में "टीके नहीं हैं" के बोर्ड लगे होते हैं. टीकों की खुराक खत्म होने के बाद कतारों में खड़े लोगों को घर लौटना पड़ता है.

चिदंबरम ने कहा कि क्या टीके की कमी की शिकायत करने वाले सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री झूठ बोल रहे हैं? क्या अखबार और टीवी की खबरों से लोगों को इसलिए दूर किया जा रहा है, क्योंकि टीकों की कोई खुराक नहीं है? निष्कर्ष यह है कि केंद्र और राज्यों के बीच जनता को मूर्ख बनाया जा रहा है.

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कुछ राज्यों द्वारा कोविड-19 टीकों की कमी के बारे में शिकायत किये जाने के बीच बुधवार को कहा कि लोगों में दहशत पैदा करने के लिए 'फिजूल' बयान दिए जा रहे हैं और राज्यों को अच्छी तरह से पता है कि उन्हें कब और कितनी मात्रा में खुराक मिलेगी. उन्होंने कहा कि केंद्र राज्यों को खुराक के आवंटन के बारे में पहले ही सूचित कर चुका है. सोर्स- भाषा 


 

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