छोटी काशी में फिर दोहराया गया भगवा इतिहास

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/07 06:16

जयपुर (निर्मल तिवारी)। छोटी काशी में डेढ़ दशक बाद आज फिर से भगवा इतिहास दोहराया गया। प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी की सभा 'जन बाढ़' में बदल गई। अमरूदों के बाग से पांच किलोमीटर की परिधि में सिर्फ और सिर्फ लाभार्थी नजर आ रहे थे। जिनकी संख्या दो लाख से अधिक रही। कहा जा सकता है कि भाजपा इस जन सैलाब को वोटों में तब्दील कर पाई तो सियासी मजमून कुछ और ही नजर आएगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2003 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अमरूदों का बाग में ऐतिहासिक सभा हुई थी, जिसमें करीब तीन से साढ़े तीन लाख लोग उन्हें देखने और सुनने आए थे। आज डेढ़ दशक बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जयपुर आए तो कमोबेश यही नजारा रहा। राजधानी के समीप जिलों से लेकर सुदूर प्रांतों तक से केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी भारी तादाद में जयपुर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभास्थल पर सवा बजे पहुंचे, लेकिन उनको देखने और सुनने वाले सुबह 7 बजे से ही सभास्थल पर जुटने लग गए। दोपहर 12 बजे तक अमरूदों के बाग में लगाए गए चारों पांडाल पूरी तरह से भर गए थे।

वहीं विधानसभा से स्टेच्यू सर्किल तक एक लाख से ज्यादा लोग पांडाल तक नहीं पहुंच पाए तो उन्होंने जनपथ पर ही डेरा डाल लिया और यहां लगी एलईडी से ही मोदी को देखने और सुनने की अपनी इच्छा को पूरा किया। हालांकि सत्ता और संगठन भीड़ को लेकर शायद सटीक अनुमान नहीं लगा पाए। यही कारण रहा कि जनपथ पर सिर्फ एक एलईडी थी। गर्मी से मुहाल जनता यहां तक की सैकड़ों महिलाएं और दूध मुहे बच्चों के लिए पानी तक की माकूल व्यवस्था नहीं थी। इस दौरान तेज गर्मी से दो लागे बेहोश हो गए, जिन्हें 108 के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। आखिर प्यासे लोगों ने बीमा भवन, विद्युत भवन, वित्त भवन में कूदकर वहां लगे पानी के टेप से प्यास भुझाने की प्रयास किया।

जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर एक बड़ा कमल का फूल लगाया गया। सर्किल पर लगे बगीचे और फव्वारे पर लोग सेल्फी लेते दिखे और फव्वारे में भीगकर गर्मी से फौरी राहत पाने की कोशिश की। जो लाभार्थी काले कपड़े में आए या उनके पास कोई भी काली वस्तु थी उसे सुरक्षाकर्मियों ने बाहर ही ले लिया, जिससे बैरीकेड के पास काले कपड़ों का ढेर लग गया। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि आज जनपथ पर इतिहास रचा गया है अब जरूरत इस बात की है कि भाजपा सत्ता संगठन इस जन सैलाब को वोट में तब्दील करने के प्रयास करें तब ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा सही मायने में सफल मानी जाएगी।

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