Live News »

सांचौर विधानसभा चुनाव परिणामों पर पड़ेगा नर्मदा नहर के मीठे पानी का असर

सांचौर विधानसभा चुनाव परिणामों पर पड़ेगा नर्मदा नहर के मीठे पानी का असर

जालोर(लूणाराम दर्जी)। जालोर में विधानसभा चुनाव को लेकर दोनों पार्टियां बिगुल बजा चुकी है। लेकिन जालोर के सांचौर विधानसभा क्षेत्र में नर्मदा नहर में मीठा पानी भी इस बार चुनाव के परिणामों पर सीधा असर करेगा। 

राजस्थान के अंतिम छोर गुजरात के पास बसा जालोर जिला जो शिक्षा से लेकर विकास के क्षेत्र में काफी पिछड़ा हुआ है लेकिन जिले के सांचौर में गुजरात से नर्मदा नहर में मीठा पानी आने से किसानों की आर्थिक स्थिति सुधर गई। वहीं रेतीला रेगिस्तान की तस्वीर बदलते हुए आज हरा-भरा हो गया। ऐसे में विधानसभा चुनावों में भी नर्मदा नहर के मुद्दे काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

क्षेत्र में किसान बड़ा वोट बैंक है जिनमें विधानसभा चुनावों में किसानों के वोट निर्णायक वोटबैंक माने जाते हैं। ऐसे में किसान नाराज होने पर झटका और किसान खुश होने पर जीत की उम्मीद रहती है। पिछली बार आई बाढ़ में नर्मदा नहर परियोजना पूरी तरह फेल हो गई। नहरे टूट गई जिससे किसानों को पानी मिलना बंद हो गया। लेकिन प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की प्रभावी मॉनिटरिंग के चलते 300 से अधिक करोड़ का बजट खर्च किसानों को मीठा पानी दिया गया। 

हाल में मुख्य कैनाल सहित आस-पास के गांवो में नहरो से किसानों को नर्मदा का मीठा पानी मिल रहा है जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी देखने को मिल रही है। क्षेत्र में नर्मदा का मीठा पानी आने से भाजपा के लिए विधानसभा चुनावों में किसानों को खुश करना अब मुश्किल नहीं है। चुनाव से पहले ही प्रदेश सरकार ने किसानों को मीठा पानी की सौगात देकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। बाढ़ में नहरे टूटने के बाद मीठा पानी आने में होती देरी को लेकर कांग्रेस के पास एक बड़ा मुद्दा हाथ आ गया था लेकिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के प्रभावित मॉनिटरिंग के चलते किसानों को मीठा पानी मिलने लगा जिससे चुनावों में भाजपा का माहौल बनाने में भी किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका देखने को मिलेगी।

सांचौर विधानसभा क्षेत्र में 2008 में भाजपा की सरकार के समय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ही नर्मदा नहर परियोजना की नींव रखी थी जिसके बाद आज नर्मदा नहर परियोजना किसानों की जीवनदायिनी बन गई।

क्षेत्र में अनार सहित कई फसलों की बंपर पैदावार होने लगी जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति और क्षेत्र के विकास में भी आय बढ़ी। अब जब विधानसभा चुनाव का समय है ऐसे में स्थानीय स्तर पर नर्मदा नहर का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिसमें इस बार भाजपा सरकार किसानों को चुनाव से पहले मीठा पानी देने में सफल हो गई। ऐसे में अब चुनाव में भाजपा को नर्मदा नहर योजना के मीठे पानी का मुद्दा बड़ा मददगार साबित होगा। 

और पढ़ें

Most Related Stories

सांचौर क्षेत्र में अनार की हो रही क्षेत्र में अच्छी पैदावार, उचित दाम नहीं मिलने से किसान निराश

सांचौर क्षेत्र में अनार की हो रही क्षेत्र में अच्छी पैदावार, उचित दाम नहीं मिलने से किसान निराश

सांचौर(जालोर): जिले के सांचौर क्षेत्र में अनार की अच्छी पैदावार हो रही है. वहीं अनार की खेती में किसान रूचि भी ले रहे, लेकिन किसानों का बड़ा दर्द है कि किसानों को सही दाम नहीं मिल रहे है.  

किसानों को अनार का सही मूल्य नहीं मिल रहा: 
जालोर के सांचौर क्षेत्र में इन सालों में अनार की खेती को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी है. वहीं क्षेत्र की जमीन भी अनार की अच्छी पैदावार कर रही हैं, जिसको लेकर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान अनार की खेती कर रहे हैं. किसान कई किस्मों की अनार की खेती कर रहे हैं जिससे अनार की अच्छी पैदावार के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आया है. वहीं सांचौर क्षेत्र का प्रसिद्ध अनार प्रदेश के साथ ही दिल्ली सहित कई राज्यों में बिक्री के लिए जा रहा है लेकिन किसानों का बड़ा दर्द है कि किसानों को अनार का सही मूल्य नहीं मिल रहा जबकि किसान अनार की खेती में पूरी मेहनत करते हैं. अच्छा दाम नहीं मिलने से किसान निराश हो जाते हैं, धीरे-धीरे पहली बार में अनार की खेती को लेकर जागरूकता के साथ किसानों की संख्या तो बढ़ी लेकिन अब किसानों की संख्या लगभग स्तर सी हो गई है क्योंकि अनार के अच्छे दाम नहीं मिलने के चलते किसानों को 18 रूपये से लेकर 25 रूपये के दाम में अनार को बेचना पड़ता है. आसपास में अनार का स्टोरेज को लेकर सुविधा नहीं होने से अधिक समय तक अनार रखने से खराब हो जाते है जिसके चलते कम दाम में अनाज बेचने के सिवाय किसानों के आगे कोई रास्ता नहीं हैं.  

सरकार अपने स्तर पर अनार की खरीद की मंडी की सुविधा करें: 
किसान अनार की अच्छी पैदावार के साथ ही लंबे समय से अनार की बिक्री के लिए सरकारी स्तर पर खरीद को लेकर मंडी की सुविधा को लेकर मांग कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार अपने स्तर पर अनार की खरीद की मंडी की सुविधा करें ताकि सरकार मंडी के जरिए किसानों से अनार खरीदें जिससे किसानों को अनार का सही दाम मिल सके. वहीं किसानों को अनार का पूरा मेहनताना भी मिले और सरकार कृषि विभाग से भी किसानों को जोड़ें ताकि किसानों को अनार की खेती में आ रही दिक्कतों और जिन दवाइयों का प्रयोग हो सके उनकी सलाह भी कृषि विभाग के अधिकारी तकनीकी आधार पर दें ताकि किसानों को आसानी हो.  

...लूणाराम दर्जी फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जालोर

Open Covid-19