30 सालों से पैरों के बीच झूल रही थी 8 किलो की गांठ, SMS में हुआ सफल ऑपरेशन

30 सालों से पैरों के बीच झूल रही थी 8 किलो की गांठ, SMS में हुआ सफल ऑपरेशन

30 सालों से पैरों के बीच झूल रही थी 8 किलो की गांठ,  SMS में हुआ सफल ऑपरेशन

जयपुर: राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल के चिकित्सकों ने एक दुर्लभ ऑपरेशन कर बुजुर्ग को नया जीवनदान दिया है. दरअसल, 61 वर्षीय अलवर निवासी मरीज हरीश चन्द की पेल्विस हड्डी में पिछले 30 सालों से गांठ थी, जो बढ़ते बढ़ते आठ किलो की होकर घुटने तक लटक गई. हाल ही में अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी. एस. मीणा के पास मरीज पहुंचा तो इस गांठ की जांच में कैंसर की पुष्टि हुई. इसके बाद चिकित्सकों ने तत्काल सर्जरी की जरूरत बताई.

हाथ और पांव काट कर ही निकाला जा सका ट्यूमर:

अस्पताल अधीक्षक डॉ.डीएस मीणा के निर्देशन में पहले रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ मीनू बरगट्टा और सहायक आचार्य डॉ सुनील जाखड ने पहले जांच कर यह मालूम किया कि ट्यूमर कहां-कहां से कनेक्टेड है. ताकि सर्जरी के दौरान दूसरे अंगों को नुकसान न हो. इसके बाद एनेस्थिसिया विभाग के चिकित्सकों की मदद से डॉ.राजकुमार हर्षवाल, डॉ.विक्रम सिंह, डॉ.अंकुर की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को पूरा किया.

अलग तरह का है ये पहला मामला:

चिकित्सकों के मुताबिक मेडिकल जनरल में बोन ट्यूमर के अब तक इससे बड़े दो ही केस रजिस्टर्ड है, लेकिन दोनों केस में हाथ और पांव काट कर ही ट्यूमर निकाला जा सका. जबकि संभवतया बिना पैर काटे 8 किलो का ट्यूमर निकालने का यह पहला मामला है.

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