सवाई मानसिंह स्टेडियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी से महरूम

Naresh Sharma Published Date 2019/01/12 12:28

जयपुर। कभी एक ही वर्ष में छह वनडे मैचों की मेजबानी कर चुका जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेजबानी से महरूम है। पिछले छह साल से राज्य में एक भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच का आयोजन नहीं हो पाया है। दरअसल आरसीए के निलंबन के कारण यहां मैचों की मेजबानी नहीं मिल पा रही है। 

कभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरा था गुलाबी शहर
क्रिकेट के कारण मिली थी पिंकसिटी को पहचान
2006 में आधा दर्जन वनडे मैच हुए थे जयपुर में
लेकिन अब गिर गई है क्रिकेट में जयपुर की साख
छह साल से नहीं मिल रही जयपुर को मेजबानी
2013 के बाद नहीं हो रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच
आखिर कब खत्म होगा क्रिकेट की वापसी का इंतजार

जयपुर का यह सवाई मानसिंह स्टेडियम अब अपनी बेनूरी पर रो रहा है । कभी यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का मेला लगता था, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट सितारे यहां बल्ले व गेंद का कमाल दिखाते नजर आते थे, लेकिन अब सब कुछ वीरान सा है। कमाई की लीग आईपीएल के मैच जरूर यहां पर हो जाते हैं । रणजी मुकाबले भी यहां पर होते हैं, लेकिन इनको देखने खिलाड़ियों व ऑफिशियल्स के अलावा कोई नहीं आता। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मंच पर कभी अपनी छाप रखने वाला जयपुर अब वनडे की मेजबानी को तरस रहा है। टेस्ट स्टेट्स तो आज तक इस स्टेडियम को मिल ही नहीं पाया। पहले एक नजर अब तक हुए मैचों पर भी डाल लेते हैं...

गांधी जयंति पर 1983 में हुआ था पहला वनडे
भारत व पाकिस्तान के बीच हुआ था पहला वनडे
जयपुर में एकमात्र टेस्ट मैच 1987 में हुआ था
वह टेस्ट भी भारत-पाक के बीच ही हुआ था
अब तक 19 वनडे हो चुके हैं एसएमएस स्टेडियम पर
2006 में चैंपियंस ट्रॉफी के छह मैच हुए थे आयोजित
2010 में दो वनडे मैच हुए थे गुलाबी नगरी में
16 अक्टूबर 2013 को हुआ था आखिरी बार मैच
भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ था यह वनडे मुकाबला
इसके बाद से ही जयपुर को है मेजबानी का इंतजार

अब आपको यह भी बता देते हैं कि आखिर जयपुर में वनडे क्यों नहीं हो रहे। दरअसल मई 2014 में जब ललित मोदी आरसीए के अध्यक्ष बने थे, तब बीसीसीआई ने नियम 32 (vii) के तहत आरसीए को निलंबित कर दिया था। ललित मोदी 2017 तक अध्यक्ष रहे और निलंबन भी जारी रहा। 2017 में फिर सीपी जोशी आरसीए के फिर से अध्यक्ष बने गए, लेकिन बीसीसीआई ने निलंबन अभी तक नहीं हटाया।

पिछले साल बीसीसीआई ने सशर्त समर्थन हटाने की बात कही थी, लेकिन सशर्तें पूरी नहीं होने के कारण आरसीए अभी भी अलग थलग पड़ा है। दरअसल बीसीसीआई ने अपनी शर्त में कहा था कि ललित मोदी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से आरसीए में किसी भी तरह जुड़े नहीं होने चाहिए। इस बिंदु को लेकर आरसीए के जिला संघों में आपसी विवाद भी चल रहा है। इस बीच आरसीए अध्यक्ष सीपी जोशी ने मोदी से जुड़े तीन जिला संघों नागौर, अलवर व श्रीगंगानगर को अयोग्य भी घोषित कर दिया है।

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