रणथंभौर से आ रही इस वक्त की बुरी खबर, बाघिन टी-60 के शावक की हुई मौत

रणथंभौर से आ रही इस वक्त की बुरी खबर, बाघिन टी-60 के शावक की हुई मौत

सवाईमाधोपुर: जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क (Ranthambore National Park) से इस वक्त की बुरी खबर आ रही है. बाघिन टी-60 के शावक की मौत होने की सूचना आई है. रणथंभौर के जोन संख्या दो के गांधरा इलाके की घटना बताई जा रही है. बाघिन के शावक की मौत की सूचना पर वन अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं. मृतक शावक की राजबाग वन चौकी पर पोस्टमार्टम करने की सूचना है. हालांकि वन विभाग ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. 

बता दें कि फर्स्ट इंडिया ने 5 माह के इस शावक की मौत को लेकर पहले ही चेताया था. 27 मार्च को प्रसारित खबर में शावक की मुश्किल बढ़ने की जानकारी दी थी. पहले बाघिन T-60 का बाघ T-57 के साथ मूवमेंट रहता था. लेकिन उसी क्षेत्र में बाघिन T-63 की एंट्री के बाद शावक की मुश्किलें बढ़ गई थी. हालांकि शावक की मौत कैसे हुई इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन माना जा रहा है कि टेरिटोरियल फाइट के चलते T-60 के शावक की मौत हुई है.  

शावक का शव एक कंकाल के रूप में मिला: 
आखिर वन अधिकारियों की गैर जिम्मेदारी फिर एक बाघ की जिंदगी लील गई. जोन संख्या दो में बाघिन T-60 के शावक की मौत हुई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शावक का शव एक कंकाल के रूप में मिला है. ऐसे में कई दिन पहले शावक की मौत होने की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल तो यह खड़ा होता है कि रणथंभौर के बिगड़े इन हालातों में आखिर कब होगा सुधार? जबकि 27 मार्च को ही शावक पर खतरे को लेकर फर्स्ट इंडिया ने चेताया था. बावजूद इसके वन अधिकारियों ने अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं समझी. आखिर बाघों की सुरक्षा से दूर पर्यटन में ही क्यों उलझे रहते हैं अधिकारी?
 

  

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