श्रावन मास 2021: आज के सोमवार का हैं विशेष महत्व, पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

श्रावन मास 2021: आज के सोमवार का हैं विशेष महत्व, पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

श्रावन मास 2021: आज के सोमवार का हैं विशेष महत्व, पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान

जयपुर: सावन का महीना पूरी तरह से भगवान भोलेनाथ की पूजा को समर्पित होता है, लेकिन सावन के सोमवार का विशेष महत्व होता है. खासतौर पर शिव भक्तों को सावन के सोमवार का विशेष इंतजार रहता हैं. भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए और अपने मन की कामना को पूरी करने के लिए सावन में सोमवार का व्रत रखते हैं. इस साल सावन के महीने में चार सोमवार पड़ रहे हैं. और आज सावन का दूसरा सोमवार हैं, जो कृतिका नक्षत्र में पड़ रहा है और आज एक विशेष योग का भी निर्माण हो रहा है. आइए जानते हैं उसके बारे में....

आज का सोमवार क्यों हैं महत्वपूर्ण:
आज हैं सावन का दूसरा सोमवार, ज्योतिष गणना के अनुसार यह कृतिका नक्षत्र में प्रारंभ हुआ हैं. नक्षत्र का संबंध शिव पुत्र कार्तिकेय से होने के कारण आज शिव जी की पूजा करना विशेष फलदायी होगा. इसके अलावा आज सूर्य कर्क राशि में बुध ग्रह के बुधादित्य योग का निर्माण कर रहा है. इस योग में शिव पूजन करने से बुध ग्रह मजबूत होता है. साथ ही आज नवमी तिथि को है जो कि भगवान राम और सिद्धिदात्री दुर्गा से संबंधित है, आज सूर्य पूजा भी लाभदायी होगी. 

सोमवार पूजन की विधि:
आज जल्दी काम से निर्वत होकर या समय निकालकर भगवान शिव के मंत्रों का जाप करते हुए शिवलिंग का जलाभिषेक करना चाहिए. भगवान शिव को मदार का फूल, धतूरा, भांग , अछत और रोली चढ़ाए. हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें और दिन भर फलाहार व्रत रखें, सावन के सोमवार को भगवान भोलेनाथ का रूद्राभिषेक करना विशेष रूप से फलदायी होता है. सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध या खीर अर्पित करने से चंद्र दोष से मुक्ति मिलती है. 

ध्यान रखें ये बातें:
1- सोमवार को शिव की पूजा से भगवान खुश होते हैं वहीं तो कई ऐसे काम भी हैं जिनसे भगवान नाराज भी हो जाते हैं और ऐसा करने से बचना चाहिए. आप विशेष तौर पर ध्यान रखें कि भगवान शिव की पूजा करते समय आप काले, नीले कपड़े ना पहने इनसे शिव क्रोधित हो सकते हैं, बल्कि आप पूजा करते समय लाल, पीले, हरें, गुलाबी, जैसे खिलते रंग के वस्त्र धारण करके ही शिव-पार्वती की पूजा करें, जिससे वे बेहद प्रसन्न होते हैं. 

2- भगवान शिव की पूजा में तूलसी को वर्जित माना गया हैं इसलिए ध्यान रखें कि तूलसी की पत्ती को ना ही तो भगवान के प्रसाद में शामिल करें और ना ही उपवास खत्म करते समय आप प्रसाद में ग्रहण करें. 

3- सावन की पूजा में नारियल का पानी भी भोलेनाथ पर ना चढ़ाए, और ध्यानपुर्वक वहीं काम करें जिससे भोले-भंडारी प्रसन्न होते हो. 

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