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एसएमएस अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे, अधिकांश जगहों पर तैनात अनफिट सुरक्षा गार्ड

एसएमएस अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे, अधिकांश जगहों पर तैनात अनफिट सुरक्षा गार्ड

जयपुर: प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था "रामभरोसे" नजर आ रही है. अस्पताल प्रबन्धन ने वित्तीय कारणों का हवाला देते हुए हाल ही में एक्स सर्विसमैन से हटाकर सिविल एजेंसी को सुरक्षा का जिम्मा दिया है. नई एजेंसी ने अस्पताल में अधिकांश जगहों पर जिन गार्ड को लगाया है, वे पूरी तरह से अनफिट है. 

महिला सुरक्षा गार्ड को सौंप दिया जिम्मा:
हालात ये है कि अस्पताल में मुख्य प्रवेश द्वार पर अनफिट गार्ड न किसी को रोक रहे है और न ही उन्हें अस्पताल की कोई जानकारी है. ओपीडी से लेकर आईपीडी तक कई ऐसी संवेदनशील जगह है, जहां हर समय जबरदस्त भीड़ और लपकों का आतंक रहता है. ऐसी जगहों पर एजेंसी ने महिला सुरक्षा गार्ड को जिम्मा सौंप दिया है. ऐसे में अस्पताल में ओपीडी से लेकर वार्ड तक में व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी होती नजर आ रही है. वार्ड में मौजूद चिकित्सकों के लिए सबसे बड़ी समस्या ये खड़ी हो गई है कि खानापूर्ति की सिक्योरिटी के चलते लोगों की जबरदस्त आवाजाही मरीज के आसपास होने लगी है. 

फिर से भूतपूर्व सैनिक लगाने की शुरू हुई कवायद:
कई पाइंट तो ऐसे भी देखने को मिल रही है, जहां के लिए गार्ड नियुक्त तो है, लेकिन एजेंसी ने पैसा बचाने के लिए उन पाइंट को खाली ही छोड़ दिया है. अस्पताल में अनफिट सुरक्षाकर्मियों के लिए बेपटरी हो रही व्यवस्था को लेकर प्रबन्धन स्तर तक शिकायतों का अम्बार लग गया है. ऐसे में अब हरकत में आया प्रशासन दावा कर रहा है कि फेजवाइज फिर से भूतपूर्व सैनिकों को लगाने की कवायद शुरू कर दी गई है. रेस्को के जरिए भूतपूर्व सैनिक लिए जा रहे है.

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की दिल विदाउट बिल योजना ने जहाजपुर की एक तीन साल की मासूम को नया जीवन दिया है. 3 साल की लाडली अंशिका हार्ट में चार तरीके की गंभीर बीमारी से जूझ रही थी.अंशिका के पिता रामधुन मजदूरी करके अपना घर चलाते है, जिसके चलते वे इलाज का बड़ा खर्च उठाने की स्थिति में नहीं थे.संकट की इस घडी में रामधुन को अहमदाबाद के श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के बारे में जानकारी मिली, साथ ही गहलोत सरकार की स्कीम दिल विदाउट बिल के बारे में भी किसी मित्र ने बताया.

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अंशिका की हुई निशुल्क ओपन हार्ट सर्जरी:
इसके बाद रामधुन ने कुछ पैसों का इंतजाम करके अस्पताल में सम्पर्क साधा.अहमदाबाद स्थित अस्पताल में पिछले दिनों की अंशिका की निशुल्क ओपन हार्ट सर्जरी हुई है.श्री सत्य साई हार्ट हास्पिटल राजकोट के मैनेजिंग ट्रस्टी मनोज भिमानी ने बताया कि बच्ची की तबीयत काफी ठीक है.करीब एक पखवाड़े के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा.

सैंकड़ों बच्चों का निशुल्क दिल का ऑपरेशन:
यहां बता दें कि दिल की बीमारी से जूझ रहे गंभीर बच्चों के लिए गहलोत सरकार ने गुजरात के प्रशांती मेडिकल सर्विसेज रिसर्च फाउण्डेशन के साथ नि:शुल्क चिकित्सा और परिवहन खर्च का एमओयू कर रखा है.इसे दिल विदाउट बिल नाम दिया गया है, जिसके तहत सैंकड़ों बच्चों का निशुल्क दिल का ऑपरेशन किया जा रहा है.

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Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 3 मौत, 48 नए पॉजिटिव केस, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 10 हजार 385

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 3 मौत, 48 नए पॉजिटिव केस, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 10 हजार 385

जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना वायरस के मरीजों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. पिछले 12 घंटे में 3 लोगों की मौत हो गई. जबकि 48 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब कुल 2545 एक्टिव केस है. राजस्थान में कुल 7606 रिकवर्ड मरीज है. राजस्थान में कुल पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 10385 पहुंच गया है. 

कुल प्रवासी पॉजिटिव 3020:
राजस्थान में अब तक कोरोना की चपेट में आने से 234 लोगों की मौत हो गई. कुल 3020 प्रवासी कोरोना पॉजिटिव मिले है. रविवार सुबह अलवर 1, बांसवाड़ा 1, भरतपुर 4, भीलवाड़ा 1चित्तौड़गढ़ 2, दौसा 1, जयपुर 24, जालोर 1, झुंझुनूं 3, कोटा 3, नागौर 1, सवाईमाधोपुर 1, सिरोही 1, टोंक 1, झालावाड़ 1 अन्य राज्य के 2 पॉजिटिव केस सामने आये है.

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शनिवार को आये थे 253 नए पॉजिटिव केस:
शनिवार को राजस्थान में कोरोना की वजह से 13 लोगों की मौत हो गई. जबकि 253 नए पॉजिटिव केस सामने आये थे. राजस्थान में अब तक 231 लोगों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी थी. वहीं कुल 10 हजार 337 मामले सामने आ चुके थे. शनिवार को अजमेर में 1, बारां में 1, बाड़मेर में 1, भरतपुर में 63, भीलवाड़ा में 3, बीकानेर में 1, चित्तौड़गढ़ में 3, चूरू में 10, दौसा में 2, धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 1, जयपुर में 36, झुंझुनूं में 1, जोधपुर में 56, करौली में 9, कोटा में 3, नागौर में 4, पाली में 14, राजसमंद में 1, सवाईमाधोपुर में 15, सीकर में 13, सिरोही में 4, उदयपुर में 9, अन्य राज्य से 1 मरीज पॉजिटिव ​मिला था. 

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जयपुर: देश में कारोना वायरस के वर्तमान हालात को देखते हुए 11 जुलाई को देशभर की अदालतों में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को रद्द कर दिया गया है.नालसा के एक्जीक्यूटीव चेयरमैन जस्टिस एन वी रमन्ना के निर्देश पर ये फैसला लिया गया है. वर्ष 2020 में अब तक सिर्फ एक राष्ट्रीय लोक अदालत का ही आयोजन हो पाया है.

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राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन:
इस वर्ष अप्रैल में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को भी लॉकडाउन के चलते रद्द कर दिया गया था. ऐसे में अब वर्ष 2020 के वार्षिक कैलेण्डर के अनुसार 12 सितंबर और 12 दिसंबर को राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया जाएगा.वहीं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों को छोटे स्तर पर लोक अदालतों के कार्य जारी रखने की छूट दी गई है. 

साल 2019 में  52.93 लाख केस हुए थे निस्तारित:
राष्ट्रीय लोक अदालतों के आयोजन में वर्ष 2019 काफी सफल माना गया. वर्ष 2019 में कुल चार राष्ट्रीय लोक अदालतों का आयोजन किया गया था जिसमें देशभर की अदालतों में 52.93 लाख प्रकरणों का निस्तारण किया गया.इन प्रकरणों में 26,16,790 पेडिंग प्रकरण और 26,76,483 प्री लिटिगेशन के प्रकरण शामिल है.8 फरवरी 2020 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 11.25 लाख प्रकरणों का निस्तारण किया गया था.इनमें करीब 4.81 लाख पेडिंग प्रकरणों का निस्तारण हुआ था.

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हाउसिंग बोर्ड को मिली बड़ी जिम्मेदारी, विधायकों के नए आवासों के प्रोजेक्ट की कमान

जयपुर: विधायकों के लिए राजधानी के ज्योतिनगर में बनने वाले नए आवासों को लेकर शनिवार को विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के निवास पर बैठक आयोजित हुई. बैठक में फ़ैसला हुआ है कि  जालूपुरा और लालकोठी की जमीन की नीलामी अब जेडीए नहीं बल्कि प्रोजेक्ट के लिए नोडल एजेंसी बना हाउसिंग बोर्ड करेगा. विधायकों के नए आवासों के प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी हाउसिंग बोर्ड को मिलने के बाद इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के निवास पर हुई बैठक में कई और बड़े फैसले लिए गए हैं. इस प्रोजेक्ट के लिए जालूपुरा और लालकोठी की जमीन को भी अब हाउसिंग बोर्ड ही नीलाम करेगा. बोर्ड अपनी प्लानिंग और जरूरत के अनुसार इस जमीन की नीलामी कर सकेगा.

जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम करने का महत्वपूर्ण फैसला:
अभी तक इस जमीन को नीलाम कर के धनराशि जुटाने की जिम्मेदारी जेडीए के पास थी लेकिन शनिवार को हुई बैठक में यह जमीन हाउसिंग बोर्ड के नाम करने का महत्वपूर्ण फैसला हुआ है. लालकोठी और जालूपुरा की जमीन जल्द हाउसिंग बोर्ड के नाम पर दर्ज होगी. इस सम्बंध में विधानसभा लिखित आदेश भी जारी करेगी. दोनों सम्पत्तियों को बोर्ड को देने के लिए कमिश्नर पवन अरोड़ा ने काफी प्रभावी तर्क दिए थे. अरोड़ा का कहना था कि क्योंकि प्रोजेक्ट का काम हाउसिंग बोर्ड को करवाना है ऐसे में अगर जेडीए की ओर से जमीनों को नीलाम करने में देरी हुई तो प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है.प्रोजेक्ट का काम क्योंकि हाउसिंग बोर्ड कराएगा ऐसे में खर्चे के लिहाज से कब कितनी जमीन नीलाम करनी है यह भी बोर्ड ही बेहतर तरीके से तय कर सकता है.बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा के प्रभावी तर्कों के बाद लालकोठी और जालूपुरा की जमीन बोर्ड को देने का फैसला लिया गया. दोनों जमीनें बोर्ड के नाम दर्ज होने के बाद अब हाउसिंग बोर्ड अपनी गुडविल से प्रोजेक्ट की जरूरत के अनुसार जमीन की नीलामी कर सकेगा.  

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-विधायकों के नए आवासों के प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी  होगा हाउसिंग बोर्ड 
-अब पूरी तरह से हाउसिंग बोर्ड के पास रहेगी इस प्रोजेक्ट की कमान
-हाउसिंग बोर्ड को मिला लालकोठी और जालूपुरा की जमीनों को नीलाम करने का अधिकार
-पहले जेडीए को यहाँ की जमीनें बेचकर एकत्रित करनी थी प्रोजेक्ट के लिए धनराशि
-लेकिन हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा के तर्कों के बाद हाउसिंग बोर्ड के नाम दर्ज होंगी दोनों जमीनें
-दोनों जमीनें हाउसिंग बोर्ड के नाम दर्ज करने के लिए विधानसभा से जारी होंगे आदेश
-अब प्रोजेक्ट की जरूरत के हिसाब से जमीन की नीलामी करेगा हाउसिंग बोर्ड
-हाउसिंग बोर्ड की गुडविल से जमीनों की नीलामी भी हो सकेगी बेहतर

शांति धारीवाल की मौजूदगी में हुई बैठक:
UDH मंत्री शांति धारीवाल की मौजूदगी में हुई बैठक में यह फ़ैसला लिया गया कि जो विधायक लालकोठी और जालूपुरा के सरकारी आवास खाली करेंगे उन्हें बोर्ड की ओर से बोर्ड की लोकप्रिय योजनाएं  सरस्वती अपार्टमेंट,द्वारका ट्विन्स और व्यास अपार्टमेंट में रियायती दरों पर आवास खरीदने का प्रस्ताव दिया जाएगा.जो विधायक आवास खरीदना नहीं चाहेंगे उन्हें बोर्ड की ओर से यह आवास 30 हजार रुपए प्रति महीने की दर से किराए पर दिए जाएंगे.हाउसिंग बोर्ड को इस किराए का भुगतान विधानसभा की ओर से किया जाएगा.प्रोजेक्ट को गति देने के लिए बैठक के तय हुआ हुआ कि प्रोजेक्ट की मॉनीटिरिंग के लिए UDH मंत्री की ओर से बनाई गई कमेटी जिसमे मंत्री और विपक्ष के नेता भी शामिल हैं उस कमेटी को अगले 15 दिन में प्रोजेक्ट के आर्टिटेक्ट की ओर से तैयार की गई कॉन्सेप्ट रिपोर्ट का प्रजेंटेशन दिया जाएगा.हाउसिंग बोर्ड की ओर से जल्द ही इस प्रोजेक्ट की डिजाइज तैयार की जाएगी और डिजाइन तैयार होते ही बोर्ड की ओर से प्रोजेक्ट के लिए टेंडर कर दिए जाएंगे.

सीएम गहलोत का धर्मगुरुओं से संवाद, 50 से अधिक धर्मगुरुओं से किया सीएम ने संवाद

-विधायकों को सरकारी आवास खाली करने के बाद नहीं आने दी जाएगी कोई असुविधा
-विधायकों को दिया जाएगा हाउसिंग बोर्ड की शानदार योजनाओं में रियायती दरों पर फ्लैट खरीदने का प्रस्ताव
-फ्लैट नहीं खरीदने वाले विधायकों को किराए पर आवास उपलब्ध कराएगा हाउसिंग बोर्ड
-प्रोजेक्ट की नोडल एजेंसी बनते ही हाउसिंग बोर्ड ने संभाला मोर्चा
-अगले 15 दिन में UdH मंत्री की ओर से बनी मंत्रियों की कमेटी को दिया जाएगा प्रजेंटेशन
-प्रजेंटेशन के बाद डिजाइन फ़ाइनल करने का काम करेगा हाउसिंग बोर्ड
-डिजाइन ओके होते ही कर दिए जाएंगे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए टेंडर

विधानसभा अध्यक्ष के निवास पर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में UDH मंत्री के साथ ही UDH के प्रमुख शासन सचिव भास्कर सावंत,हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर पवन अरोड़ा,जेडीसी टी रविकांत,विधानसभा सचिव प्रमिल माथुर समेत कई अधिकारी मौज़ूद रहे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र सिंह परमार की रिपोर्ट

Rajasthan Corona Updates: पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 13 मौतें, 253 नए पॉजिटिव केस, कुल मरीजों की संख्या पहुंची 10 हजार 337 

जयपुर: राजस्थान में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा होता ही जा रहा है. पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत हो गई. जबकि 253 नए पॉजिटिव केस सामने आये है. राजस्थान में अब तक 231 लोगों की कोरोना की चपेट में आने से मौत हो चुकी है. वहीं कुल 10 हजार 337 मामले सामने आ चुके है. 

पिछले 24 घंटे में 13 मरीजों की मौत:
अकेले जयपुर में सर्वाधिक 4 मरीजों की मौत हो गई. इसके अलावा भरतपुर, भीलवाड़ा, धौलपुर, जोधपुर, कोटा, नागौर, सवाई माधोपुर में एक-एक मरीज की मौत हो गई.राज्य से बाहर के 2 मरीज की भी मौत हुई. 

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भरतपुर में मिले सबसे ज्यादा मरीज:
शनिवार को अजमेर में 1, बारां में 1, बाड़मेर में 1, भरतपुर में 63, भीलवाड़ा में 3, बीकानेर में 1, चित्तौड़गढ़ में 3, चूरू में 10, दौसा में 2, धौलपुर में 1, डूंगरपुर में 1, जयपुर में 36, झुंझुनूं में 1, जोधपुर में 56, करौली में 9, कोटा में 3, नागौर में 4, पाली में 14, राजसमंद में 1, सवाईमाधोपुर में 15, सीकर में 13, सिरोही में 4, उदयपुर में 9, अन्य राज्य से 1 मरीज पॉजिटिव मिला. 

शुक्रवार को प्रदेश में 222 नए रोगी सामने आए:
इससे पहले शुक्रवार को प्रदेश में 222 नए रोगी सामने आए. वहीं पांच रोगियों ने दम भी तोड़ा है. इनमें अजमेर में 2, जयपुर व सवाई माधोपुर में 1-1 तथा एक बाहरी राज्य के रोगी की मौत हुई. सर्वाधिक 51 पॉजिटिव मरीज अकेले जोधपुर में चिह्नित किए गए है. बारां 4, भरतपुर 42, भीलवाड़ा 3, जयपुर 16 मरीज पॉजिटिव, झालावाड़ 24, झुंझुनूं 8, कोटा 2, नागौर में 9 मरीज पॉजिटिव, पाली 19, राजसमंद 12, सवाई माधोपुर एक, सीकर 17 मरीज पॉजिटिव, सिरोही 10, उदयपुर में 1 और राज्य से बाहर के 3 मरीज पॉजिटिव मिले है. 

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सीएम गहलोत का धर्मगुरुओं से संवाद, 50 से अधिक धर्मगुरुओं से किया सीएम ने संवाद

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जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना महामारी के कारण आमजन के लिए बंद किए गए धर्म स्थलों को पुनः खोलने के लिए शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी धर्मों के धर्म गुरूओं, संत-महंतों, धर्म स्थलों एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की. सभी ने एक राय से मुख्यमंत्री गहलोत को कहा कि धार्मिक स्थान का लॉक डाउन 30 जून तक जारी रखना चाहिए. इस बीच चर्चा में आए सुझावों के आधार पर धर्म स्थल खोलने के लिए सीएम ने जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में कमेटी गठित करने का निर्णय लिया.

सभी प्रमुख मंदिरों के महंतों-पुजारियों से की बात:
मुख्यमंत्री गहलोत ने बड़ी पहल करते हुए शनिवार को प्रदेश के प्रमुख धर्मगुरुओं और धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ तीन घंटे तक गहन विचार विमर्श किया. प्रदेश के विभिन्न जिलों से प्रमुख धार्मिक स्थानों के 232 प्रतिनिधि मौजूद थे. मुख्यमंत्री ने इनमें से 50 से अधिक प्रतिनिधियों और धर्मगुरुओं से चर्चा की. मोती डूंगरी गणेश मंदिर महंत कैलाश शर्मा से सीएम गहलोत ने चर्चा की शुरुआत की. कैलाश शर्मा ने कहा कि अभी धार्मिक स्थान खोलने में जल्दबाजी होगी, क्योंकि संक्रमण अभी फैल रहा है. ऐसे में धार्मिक स्थान खोलने से पहले पुलिस व प्रशासन पूरी तैयारी करे. अन्य धार्मिक प्रतिनिधियेां ने भी इसी सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि धार्मिक स्थानों पर लॉक डाउन 30 जून तक रखना चाहिए. खाटूश्यामजी व सालासर बालाजी मंदिर के अलावा अजमेर दरगाह कमेटी के प्रतिनिध भी मौजूद थे. अमीन पठान, राजेंद्र गोधा, अवधेशाचार्य, खानू खान, अंजन कुमार सहित कई लोगों ने चर्चा में हिस्सा लिया.

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धर्म स्थलों को खोलने के संबंध में देगी सुझाव: 
इस वीसी में सीएम गहलोत ने कहा कि जिला स्तरीय कमेटी धार्मिक स्थलों की स्थिति, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनेटाइजेशन सहित अन्य हैल्थ प्रोटोकॉल के साथ संक्रमण से बचाव के विभिन्न उपायों पर विमर्श कर धर्म स्थलों को खोलने के संबंध में सुझाव देगी. कमेटी में पुलिस अधीक्षक और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के साथ ही सभी धर्मों के धर्मगुरू, जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों के मुख्य महंत, ट्रस्टी एवं व्यवस्थापक सदस्य के रूप में शामिल होंगे.मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मामले जैसे ही सामने आये, राज्य सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए धर्म गुरूओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, उद्यमियों सहित सभी वर्गों को साथ लिया. उन्होंने कहा कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, ऎसे में धर्म स्थलों को फिर से खोले जाने में आप सबके सुझाव महत्वपूर्ण हैं. धर्म गुरूओं के संदेश का समाज में एक अलग प्रभाव होता है.

चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की पहल:
चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि संकट की इस घड़ी को राज्य सरकार ने एक अवसर के रूप में लेते हुए प्रदेश में चिकित्सा के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की पहल की है. उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर राजस्थान की उपलब्धियों की सर्वत्र प्रसंशा हो रही है. प्रदेश की सभी धार्मिक संस्थाओं ने इस लड़ाई में भरपूर सहयोग दिया है. अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश में अब तक कोरोना के 10 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं, जिनमें से 7384 रोगी ठीक भी हो चुके हैं. वीडियो कॉन्फेंस के दौरान राज्य मंत्रिमण्डल के सदस्य, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप, पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त महेन्द्र सोनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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प्राधिकरण,न्यास और शहरी निकायों की लापरवाही, फायर सेस जमा करने में बरती जा रही लापरवाही 

जयपुर: बहुमंजिला इमारतों की स्वीकृति के बदले वसूले जाने वाले फायर सेस को सरकार के खाते में जमा कराने को लेकर प्रदेशभर के विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकाय लापरवाही बरत रहे हैं. इसके चलते सभी शहरों की अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने का सरकार का इरादा पूरा होता नहीं दिख रहा है. शहरों में 15 मीटर व उससे अधिक ऊंचाई की इमारतों को बहुमंजिला इमारतों की श्रेणी में रखा गया है. इन इमारतों के निर्माण की स्वीकृति देते समय निर्माणकर्ता से फायर सेस की वसूली की जाती है. वसूले गए फायर सेस की राशि को शहरों की अग्निशमन व्यवस्था सुदृढ़ करने में खर्च करना होता है. आपको बताते हैं कि फायर सेस से अग्निशमन व्यवस्था मजबूत करने का उद्देश्य क्यों नहीं पूरा हो पा रहा है.

- प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास या शहरी निकाय अपने क्षेत्र में बहुमंजिला इमारत की स्वीकृति के बदले खुद फायर सेस की वसूली करते हैं
- किसी भी शहर में आग लगने पर उसे बुझाने की जिम्मेदारी संबंधित नगर पालिका, नगर परिषद या नगर निगम की है
- ऐसे में जरूरी है कि संबंधित शहरी निकाय ही इस राशि का उपयोग करें
- प्राधिकरण व नगर सुधार न्यास को अपने क्षेत्र में वसूली यह राशि संबंधित शहरी निकायों को देनी होती है
- अक्सर सरकार के पास शिकायतें आती है कि संबंधित प्राधिकरण या नगर सुधार न्यास ने यह राशि शहरी निकाय को नहीं दी है
- कई बार प्राधिकरण या नगर सुधार न्यास फायर सेस की राशि सीधे देने के बजाय शहरी निकाय के क्षेत्र में विकास कार्य कराने पर खर्च राशि से उसका पुनर्भरण कर देते हैं

फायर सेस की वसूली के मौजूदा सिस्टम में इन खामियों के चलते राज्य सरकार ने नया सिस्टम लागू किया था. ताकि प्रदेशभर के शहरों से वसूली की गई फायर शेष की राशि का केंद्रीकृत तरीके से उपयोग किया जा सके. आपको बताते हैं यह नया सिस्टम क्या है और प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकायों की लापरवाही किस तरह से इस सिस्टम को लागू नहीं होने दे रही है.

तजाकिस्तान से आए 183 प्रवासी राजस्थानी, तजाकिस्तान के दुशांबे से आई इवेक्युएशन फ्लाइट

- पूरे प्रदेश से वसूल की गई फायर सेस की राशि एक जगह एकत्र करने के लिए एक्सिस बैंक में एक केंद्रीयकृत खाता खोला गया है

- राज्य सरकार ने 23 दिसंबर 2019 को सभी प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास और शहरी निकायों को आदेश दिए कि सभी निकाय फायर सेस की वसूली राशि इस खाते में जमा कराए

- इस आदेश पर कार्यवाही नहीं होने पर स्वायत शासन विभाग और नगरीय विकास विभाग ने 19 मार्च 2020 और 7 मई 2020 को दोबारा आदेश जारी कर यही हिदायत दी

- 5 महीने में तीन आदेश जारी करने के बावजूद फायर सेस की राशि केंद्रीकृत खाते में जमा कराने को लेकर निकायों ने रुचि नहीं दिखाई

- मजबूरन एक बार फिर चौथी बार निकायों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे फायर सेस की राशि तुरंत खाते में जमा कराएं

- लेकिन इस बार दोनों विभागों में सीधे उच्च स्तर से यह आदेश दिए गए हैं 

-यह आदेश नगरीय विकास विभाग के प्रमुख सचिव भास्कर सावंत और स्वायत्त शासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देथा की ओर से संयुक्त रूप से जारी किया गया है

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राज्य सरकार की ओर से फायर सेस को लेकर नया सिस्टम लागू करने के पीछे उद्देश्य यही है कि इस राशि का जरूरत के अनुसार समुचित उपयोग किया जा सके. ताकि इस राशि के उपयोग से ऐसे छोटे-छोटे निकायों में भी अग्निशमन संसाधन उपलब्ध कराए जाएं जहां फायर सेस की प्राप्ति बहुत कम होती है. सरकार का यह मकसद आखिर किस तरह पूरा हो पाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा.

...फर्स्ट इंडिया के लिए अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

तजाकिस्तान से आए 183 प्रवासी राजस्थानी, तजाकिस्तान के दुशांबे से आई इवेक्युएशन फ्लाइट

तजाकिस्तान से आए 183 प्रवासी राजस्थानी, तजाकिस्तान के दुशांबे से आई इवेक्युएशन फ्लाइट

जयपुर: मिशन वंदे भारत का दूसरा चरण जयपुर एयरपोर्ट पर पूरा हो चुका है, लेकिन इस बीच इवेक्युएशन फ्लाइट्स के आगमन का सिलसिला जारी है. शनिवार को तजाकिस्तान के दुशांबे से सोमन एयर एयरलाइंस की एक इवेक्युएशन फ्लाइट जयपुर पहुंची. इसमें 183 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंचे.

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सभी विद्यार्थियों का एयरपोर्ट पहुंचने पर मेडिकल चैक अप:
इनमें ज्यादातर वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे प्रदेश के विभिन्न जिलों के विद्यार्थी हैं. इन सभी विद्यार्थियों का एयरपोर्ट पहुंचने पर मेडिकल चैक अप किया गया. थर्मल स्क्रीनिंग और डिक्लेरेशन फॉर्म भरवाने के बाद मेडिकल चैक अप किया गया. इसे लेकर उद्योग विभाग, पर्यटन विभाग, चिकित्सा विभाग, जेडीए, जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें अलर्ट मोड में रहीं.

22 फ्लाइट्स में 3071 प्रवासी राजस्थानी पहुंचे जयपुर: 
मेडिकल चैक अप के बाद इमिग्रेशन जांच और कस्टम क्लीयरेंस की प्रक्रिया पूरी की गई. सभी विद्यार्थियों को संस्थागत क्वारंटीन के लिए होटल्स में भेजा गया. इवेक्युएशन फ्लाइट्स में तजाकिस्तान से आगामी दिनों में 3 और फ्लाइट जयपुर आएंगी. उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने बताया कि वंदे भारत मिशन की 22 फ्लाइट्स में 3071 प्रवासी राजस्थानी जयपुर पहुंच चुके हैं. 

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